उपनाम: कोडरमा
डिटर्जेंट के पैकेट, घी का टिन और प्लास्टिक के डिब्बे बने गमले, सरिता का बगीचा देखने पहुंच रहे लोग
कोडरमा की गृहिणी सरिता विजय घरेलू प्लास्टिक कचरे को गमलों में बदलकर छत पर हरा-भरा बगीचा सजा रही हैं, जिसे देखने दूर-दूर से लोग आते हैं और कई परिवार इस पहल से प्रेरित हो रहे हैं।
एलपीजी की कीमतें घटें या बढ़ें, बेफिक्र रहती हैं इस गांव की महिलाएं, बायोगैस पर पकता है दोनों वक्त का खाना
कोडरमा के लक्ष्मीपुर गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 1500 किलोग्राम क्षमता का बायोगैस प्लांट लगाया गया है, जिससे करीब 32 घरों में सुबह और शाम दो-दो घंटे गैस की आपूर्ति होती है और महिलाएं बिना लकड़ी जलाए खाना बनाती हैं।
झुमरी तिलैया का बैजनाथ नगर बना सबसे सुरक्षित और पसंदीदा आवासीय इलाका, हाईवे से सीधी कनेक्टिविटी
कोडरमा के झुमरी तिलैया स्थित महाराणा प्रताप चौक के पास बसा बैजनाथ नगर बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षा और सुविधाओं के कारण तेजी से उभरता आवासीय हब बन गया है। यहां जरूरी सुविधाएं एक से दो किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध हैं।
बचपन में नहीं मिलीं किताबें, अब कोडरमा के गुरु चरण ने बच्चों के लिए तैयार की मुफ्त डिजिटल लाइब्रेरी
कोडरमा के मॉडर्न पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल गुरु चरण वर्मा ने प्ले ग्रुप से कक्षा 12वीं तक और जेईई-नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सामग्री वाली एक निशुल्क डिजिटल लाइब्रेरी बनाई है, जिसे विद्यार्थी मोबाइल पर क्यूआर कोड स्कैन कर इस्तेमाल कर सकते है...
कैंसर को मात देकर हरियाली से जुड़े कोडरमा के 71 वर्षीय शिक्षाविद्, कबाड़ से सजाया 'मीनाक्षी गार्डन'
कोडरमा के झुमरी तिलैया निवासी डॉ. अरुण मिश्रा ने बेकार वस्तुओं से एक खूबसूरत मीनाक्षी गार्डन तैयार किया है. कैंसर की चौथी स्टेज से उबर चुके इस शिक्षाविद् के लिए बगीचे की हरियाली किसी थेरेपी से कम नहीं रही.
कोडरमा: जमीनी विवाद में विधायक के चालक की हत्या, परिवार के तीन सदस्य घायल, पुलिस की भूमिका पर सवाल
कोडरमा थाना क्षेत्र के चितरपुर गांव में जमीन को लेकर हुए हिंसक विवाद में कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव के निजी वाहन चालक राजकुमार यादव की मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी, मां और पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले से सूचना देने के बावजूद कार्रवाई न होने पर विधायक...
सनातन धर्म के लिए अनूठी पदयात्रा: तपती गर्मी में रोज 40 किलोमीटर चल रहे रोहित, अयोध्या-काशी के बाद अब देवघर की राह पर
लखीमपुर खीरी के 24 वर्षीय रोहित कुमार 7500 किलोमीटर की पदयात्रा पर हैं और रोजाना 40 से 42 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। अयोध्या और काशी के दर्शन के बाद उनका सफर अब कोडरमा होते हुए देवघर की ओर बढ़ रहा है।