कोडरमा: 14 सालों से कांवरियों के लिए मसीहा बने सुजीत लोहानी, बाबा निवास शिव वाटिका में मिलती है मुफ्त सुविधाएं झारखंड एक घंटा पहले 3
झारखंड के कोडरमा में सुजीत लोहानी पिछले 14 वर्षों से कांवरियों की सेवा में समर्पित हैं। वे बाबा निवास शिव वाटिका के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को भोजन, विश्राम और स्वास्थ्य सुविधाएं नि:शुल्क प्रदान कर रहे हैं।

कोडरमा में कांवरियों का सहारा बनी शिव वाटिका

सावन के पवित्र महीने में देशभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर रुख करते हैं। लंबी पैदल यात्रा और कष्टपूर्ण सफर के बाद जब ये कांवरिया कोडरमा के झुमरी तिलैया स्थित महाराणा प्रताप चौक के समीप बायपास रोड से गुजरते हैं, तो उन्हें राहत का एक बड़ा केंद्र मिलता है। यह केंद्र है बाबा निवास शिव वाटिका, जो पिछले 14 वर्षों से कांवरियों की नि:शुल्क सेवा करने के लिए पहचाना जाता है। यहाँ ठहरने वाले भक्तों के लिए हर प्रकार की मूलभूत व्यवस्था सुजीत लोहानी द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।

14 वर्षों का सेवा संकल्प

बाबा निवास शिव वाटिका के संचालक सुजीत लोहानी इस सेवा कार्य को पिछले 14 वर्षों से निरंतर चला रहे हैं। उन्होंने बातचीत के दौरान बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य देवघर आने-जाने वाले कांवरियों की यात्रा को सुगम बनाना है। इस वाटिका में कांवरियों के लिए चाय, ठंडा पानी, शुद्ध भोजन, विश्राम करने की जगह और स्वास्थ्य के लिए जरूरी दवाएं पूरी तरह से नि:शुल्क दी जाती हैं। सावन के दौरान यहाँ का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है। यहाँ के एसी बैंक्विट हॉल में शिव परिवार का भव्य दरबार सजाया जाता है और शाम के समय भजन संध्या का आयोजन होता है। कलाकार राजा चौरसिया और आराधना सिंह जैसे स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुति से कांवरियों के सफर की थकान को पल भर में दूर कर देते हैं।

विभिन्न राज्यों से आने वाले भक्तों का केंद्र

सुजीत लोहानी ने बताया कि इस सेवा का लाभ उठाने वाले श्रद्धालु सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं हैं। यहाँ पलामू, चतरा और चक्रधरपुर के अलावा बिहार के बेतिया, मुंगेर, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, आरा, सिवान और पटना से आने वाले कांवरिया भी विश्राम करते हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के बरेली, हरिद्वार और प्रयागराज से लेकर पड़ोसी देश नेपाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और असम तक के कांवरियों को यहाँ सत्कार प्राप्त होता है।

सेवा की प्रेरणा और उद्देश्य

सुजीत लोहानी का मानना है कि वे कांवरियों के भीतर भगवान का स्वरूप देखते हैं। उनके अनुसार, शिव भक्तों की सेवा करना ही स्वयं महादेव की सेवा करने के समान है। सुजीत इससे पहले भी कई वर्षों तक देवघर में शिविर लगाकर कांवरियों की सेवा कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि कोडरमा से गुजरते समय उन्होंने कई कांवरियों को बारिश और खराब मौसम में सड़क के किनारे खुले आसमान के नीचे विश्राम करते और खाना पकाते हुए देखा था। इस दृश्य ने उन्हें काफी विचलित किया, जिसके बाद उन्होंने कोडरमा में ही एक स्थायी सेवा केंद्र खोलने का निर्णय लिया।

श्रद्धालुओं को नई ऊर्जा का अनुभव

बाबा निवास शिव वाटिका में मिलने वाले सत्कार से श्रद्धालु बेहद प्रभावित नजर आते हैं। कई कांवरियों का कहना है कि लंबी पैदल यात्रा के दौरान इतनी बेहतर सुविधा मिलने की उन्हें उम्मीद नहीं होती है। भोजन, पानी और भक्ति संगीत का यह संगम उन्हें शारीरिक आराम के साथ मानसिक शांति और नई ऊर्जा प्रदान करता है। सुजीत लोहानी हर कांवरिया से यह अनुरोध भी करते हैं कि वे अपने क्षेत्रों में जाकर अन्य श्रद्धालुओं को इस नि:शुल्क सुविधा के बारे में बताएं, ताकि अधिक से अधिक भक्त इसका लाभ ले सकें। सावन के पूरे महीने में यहाँ प्रतिदिन करीब 400 से 500 कांवरिया रुकते हैं, वहीं भीड़ बढ़ने पर यह आंकड़ा 1000 तक भी पहुँच जाता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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