झुमरी तिलैया में उगा दुनिया का सबसे महंगा मियाजाकी आम, अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3 लाख रुपये प्रति किलो तक है कीमत झारखंड 2 महीने पहले 78
झारखंड के कोडरमा जिले में मियाजाकी आम का पेड़ चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें दुनिया की सबसे महंगी आम की किस्म के फल लगे हैं। जापान में 'सन ऑफ एग' के नाम से मशहूर यह फल अपनी खास गुणवत्ता और स्वास्थ्य लाभों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेशकीमती माना जाता है।

कोडरमा में उगा दुर्लभ फल

झारखंड के कोडरमा जिले में स्थित झुमरी तिलैया शहर इन दिनों अपनी एक अनोखी उपलब्धि के कारण चर्चा में है। यहां के अड्डी बांग्ला रोड स्थित एक घर के आंगन में लगा मियाजाकी आम का पेड़ अब फलों से लद गया है। मियाजाकी आम को वैश्विक स्तर पर सबसे प्रीमियम और महंगी आम की किस्मों में गिना जाता है। जापान के मियाजाकी प्रांत में मूल रूप से पैदा होने वाले इस खास आम को वहां 'सन ऑफ एग' यानी 'सूर्य का अंडा' के नाम से भी संबोधित किया जाता है। इसकी अनूठी बनावट और लाल रंग इसे बाजार में उपलब्ध अन्य आमों से बिल्कुल अलग खड़ा करते हैं।

पिता की यादों को संजोया

इस दुर्लभ पौधे को लगाने के पीछे की कहानी बेहद भावनात्मक है। अड्डी बांग्ला रोड निवासी मनोज कुमार ने जानकारी दी कि करीब 6 वर्ष पहले उनके पिता, जो कि रेलवे के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी थे, हारो यादव ने इसे अपने घर के आंगन में लगाया था। उन्होंने लगभग 700 रुपये में इस पौधे को खरीदकर लगाया था। उस समय हारो यादव ने अपने परिवार को बताया था कि यह एक अत्यंत विशिष्ट किस्म है और इसका स्वाद आम आमों से पूरी तरह भिन्न है। वर्ष 2024 में हारो यादव का निधन हो गया, लेकिन उनके द्वारा लगाए गए इस पेड़ ने अब फल देना शुरू कर दिया है। आज यह पेड़ न केवल फल दे रहा है, बल्कि परिवार के लिए अपने पिता की यादों को जीवंत रखने का एक माध्यम भी बन गया है।

विशेषता और देखरेख

मनोज कुमार के अनुसार, इस पेड़ पर वर्तमान में लगभग 200 आम लगे हुए हैं। मियाजाकी आम के पकने के बाद इसका रंग गहरे लाल या रूबी जैसे रंग में बदल जाता है, जो इसकी सबसे बड़ी पहचान है। इसका गूदा अत्यंत मखमली, सुगंधित और रसीला होता है। इसमें प्राकृतिक मिठास की मात्रा काफी अधिक पाई जाती है, जो इसे खाने में बेहद स्वादिष्ट बनाती है। परिवार के सदस्यों ने इस पौधे की नियमित रूप से देखभाल की है, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। इसे देखने के लिए आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में उनके घर पहुंच रहे हैं और इस दुर्लभ किस्म के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।

स्वास्थ्य और पोषण का खजाना

विशेषज्ञों की मानें तो मियाजाकी आम केवल स्वाद में ही नहीं, बल्कि पोषण के मामले में भी काफी समृद्ध है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स, बीटा-कैरोटीन, विटामिन-सी और फोलिक एसिड की भरपूर मात्रा पाई जाती है। यही कारण है कि इसे स्वास्थ्य के नजरिए से बहुत लाभकारी माना जाता है। इसकी इसी पोषण क्षमता और अद्वितीय स्वाद के कारण पूरी दुनिया में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है।

कीमत का अंतर और बाजार

मियाजाकी आम की दुनिया भर में इतनी अधिक कीमत होने का मुख्य कारण इसका सीमित उत्पादन और बहुत अधिक मांग है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी कीमत 2.5 लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच जाती है। हालांकि, भारत में स्थानीय स्तर पर उगाए गए मियाजाकी आम की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार की तुलना में काफी कम होती है, जो सामान्यतः 3,000 रुपये से 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच रहती है। झुमरी तिलैया के इस घर में इस दुर्लभ और प्रीमियम आम का फलना स्थानीय निवासियों के बीच भारी उत्सुकता और चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार भी इस दुर्लभ उपलब्धि को लेकर काफी उत्साहित है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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