उपनाम: झारखंड
जब पलामू कहलाता था 'बाघ देश', पक्षियों के शिकार का तार जुड़ा था पेरिस से
आज पर्यटकों को लुभाने वाला पलामू टाइगर रिजर्व कभी 'बाघ देश' के नाम से मशहूर था, जहां किंगफिशर जैसे पक्षियों के रंगीन पंख निकालकर फ्रांस की राजधानी पेरिस तक भेजे जाते थे।
महुआ से बन रहीं शुगर-फ्री कुकीज और चॉकलेट, डायबिटीज मरीजों के लिए सलोनी की पहल बनी मिसाल
रांची की सलोनी और उनकी टीम महुआ से बेहद कम कैलोरी वाली शुगर-फ्री कुकीज, चॉकलेट और सिरप तैयार कर रही हैं, जो डायबिटीज के मरीजों और कैलोरी कांशस लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। इस पहल से करीब 300 महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है।
रांची की गौरी का कमाल: बेकार सुजनी से बने फैशनेबल कोट, Gen-Z के कपड़ों पर सजी मधुबनी पेंटिंग
रांची की डिजाइनर गौरी ने बेकार पड़ी सुजनी से फैशनेबल कोट और मधुबनी पेंटिंग वाले मॉडर्न कपड़े तैयार किए हैं, जो पैन इंडिया के साथ-साथ कनाडा तक पहुंच रहे हैं।
खुलने के 3 घंटे में बिक जाता है पूरा फ्राइड चिकन! जमशेदपुर के इस स्टॉल पर उमड़ती है नॉनवेज प्रेमियों की भीड़
जमशेदपुर के लोको मोड़ पर लगने वाले 'सनातन मन्ना फ्राइड चिकन' स्टॉल पर शाम होते ही भीड़ जुट जाती है और दुकान खुलने के सिर्फ तीन घंटे में सारा चिकन बिक जाता है। यहां ग्राहकों के सामने ताजा चिकन तैयार होता है और कीमत मात्र ₹25 से शुरू होती है।
जमशेदपुर के दोमुहानी संगम तट पर पंच धूनी तपस्या, अग्नि की लपटों के बीच साधना में लीन संत
जमशेदपुर के सोनारी स्थित दोमुहानी संगम तट पर इन दिनों अखंड पंच धूनी तपस्या चल रही है, जिसमें भीषण गर्मी और चारों ओर जलती अग्नि के बीच संत साधनारत हैं। इस दुर्लभ तप को देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
सिर है या लोहे का हथौड़ा! पल भर में नारियल के दो टुकड़े कर देते हैं पलामू के सुमति वर्मन
पलामू के सुमति वर्मन अपने सिर से नारियल फोड़ने की अनोखी कला के लिए चर्चा में हैं। मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग और महीनों के अभ्यास के दम पर वे अब तक करीब 100 नारियल फोड़ चुके हैं।
साइकिल से कार तक का सफर: मुद्रा योजना ने बदली धनेश्वर की किस्मत, तीन बेटियों की शादी से कारोबार तक नई पहचान
हजारीबाग के पकरार गांव के धनेश्वर साव ने 2017 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 5 लाख रुपए का ऋण लेकर अपने छोटे कारोबार को नई ऊंचाई दी। आज वे तीन दुकानों के मालिक हैं और पूरे इलाके के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
कुसुम फल की चटपटी चटनी का अनोखा स्वाद, जिसे चखने के बाद भुलाना मुश्किल; बीज से तेल भी बनाते हैं आदिवासी
झारखंड के जंगलों में मिलने वाले कुसुम फल की चटनी खट्टे, मीठे और तीखे स्वाद का अनूठा मेल है। ग्रामीण इसके बीजों से तेल भी निकालते हैं, जो मालिश और त्वचा की देखभाल में काम आता है।
देवघर का अनोखा दर्जी बाजार: सुई-धागे का कमाल, जहां कुछ ही घंटों में बनकर तैयार हो जाते हैं परफेक्ट कपड़े
देवघर के कृष्णा टॉकीज परिसर में 30 से 40 दर्जी दशकों से सस्ते दाम पर तेज और बेहतरीन सिलाई कर रहे हैं। शर्ट-पैंट से लेकर शादी के परिधान तक की मांग यहां लगातार बनी रहती है और कपड़े सिलवाने वालों की लंबी कतार लगी रहती है।
जीभ पर रखते ही दौड़े करंट जैसा कसैलापन, फिर भी सेहत के लिए वरदान! पलामू में तैयार हुआ खास आंवला सत्व
पलामू के शिव कुमार पांडे ने आंवला से बेहद कसैला सत्व तैयार किया है, जिसे चरक संहिता से प्रेरणा लेकर छह महीने की प्रक्रिया से बनाया जाता है। उनका दावा है कि यह कई स्वास्थ्य समस्याओं में लाभकारी है और इसकी 50 ग्राम की डिब्बी की कीमत 500 रुपये है।
मौज-मस्ती की उम्र में मिसाल बनी अंशिका, गरीब बच्चों को मुफ्त पढ़ातीं और पॉकेट मनी से खरीदतीं कॉपी-पेंसिल
जमशेदपुर की ग्रेजुएशन छात्रा अंशिका हर दिन 20 से 25 गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देती हैं और अपनी पॉकेट मनी बचाकर उनके लिए पढ़ाई का सामान भी खरीदती हैं।
बोकारो में गर्मी का देसी इलाज: तारकुल फल की धूम, खरीदारों की लगी कतार
बोकारो के सेक्टर-12 मोड़ पर इन दिनों ताड़ का फल यानी तारकुल लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। पानी से भरपूर यह मौसमी फल जहां गर्मी में राहत देता है, वहीं कई ग्रामीण परिवारों की आजीविका का सहारा भी है।
बिहार-झारखंड के सियासी संकेत: हेमंत-तेजस्वी ने परिवारवाद से बनाई दूरी, नीतीश ने लगाई मुहर, कुशवाहा की नहीं चली
क्षेत्रीय दलों के लिए परिवारवाद बार-बार राजनीतिक नुकसान का कारण बनता रहा है, फिर चाहे वह पश्चिम बंगाल हो, तमिलनाडु, बिहार या उत्तर प्रदेश। हालांकि हेमंत सोरेन और उमर अब्दुल्ला जैसे कुछ नेता इसके अपवाद बने हुए हैं।
जमशेदपुर के पार्वती घाट पर बना 'देवात्मा उद्यान', अब नन्हें बच्चों को मिलेगी सम्मानजनक अंतिम विदाई
जमशेदपुर के पार्वती घाट परिसर में नवजात से लेकर करीब पांच वर्ष तक के बच्चों के अंतिम संस्कार के लिए विशेष रूप से देवात्मा उद्यान विकसित किया गया है। फूलों और हरियाली से सजे इस स्थल को इस तरह तैयार किया गया है कि यह श्मशान घाट नहीं, बल्कि एक शांत बगीचे जैस...
रांची के 77 वर्षीय पुजारी की युवाओं जैसी फुर्ती, रोज दो रोटी और सत्तू में छिपा है फिटनेस का राज
रांची के 77 साल के पुजारी शंभू पाठक सादा खानपान, रोज सत्तू, दो रोटी और दूध के सहारे आज भी पूरी तरह स्वस्थ हैं। पहाड़ पर बने मंदिर तक रोज चढ़ाई और घर का बना भोजन ही उनकी सेहत का असली राज है।