झारखंड का खास पारंपरिक ढकनेसर पुवा: मिट्टी की हांडी में भाप से ऐसे तैयार करें यह लाजवाब व्यंजन झारखंड 2 महीने पहले 73
झारखंड का पारंपरिक व्यंजन ढकनेसर पुवा न केवल स्वाद में बेहतरीन है, बल्कि इसे बनाना भी काफी आसान है। मिट्टी की हांडी में भाप से तैयार होने वाली यह डिश बड़े और बच्चे सभी बड़े चाव से खाते हैं।

क्या है ढकनेसर पुवा की खासियत

झारखंड के खानपान में ढकनेसर पुवा का एक विशेष स्थान है। यह पारंपरिक व्यंजन मुख्य रूप से पर्व-त्योहारों और विशेष अवसरों पर घरों में बनाया जाता है। अपनी अनूठी मिठास और स्वाद के कारण यह घर के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी की पहली पसंद बना हुआ है। बोकारो जिले के चंदनक्यारी प्रखंड की दीदी किचन की संचालिका माला देवी ने इसे घर पर बनाने की बहुत ही सरल विधि साझा की है।

तैयारी की विधि

ढकनेसर पुवा बनाने की प्रक्रिया बहुत ही रोचक है। इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से मिट्टी की छोटी हांडी और उसके ढक्कन का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

  • चावल तैयार करना: सबसे पहले अरवा चावल को 1 से 2 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखें। इसके बाद चावल का पानी सुखाकर उसे मिक्सर में बारीक पीस लें।
  • बैटर बनाना: चावल के पाउडर को छलनी से छानकर एकदम महीन कर लें और फिर पानी मिलाकर इसका एक पतला घोल या बैटर तैयार करें।
  • संतुलन का ध्यान: बैटर का सही गाढ़ापन होना बेहद जरूरी है। यदि घोल बहुत पतला होगा, तो यह हांडी में चिपक सकता है और यदि बहुत अधिक गाढ़ा होगा, तो पुवा सख्त बन जाएगा।

मिट्टी की हांडी में पकाने का तरीका

मिट्टी की हांडी को सबसे पहले चूल्हे पर रखकर अच्छी तरह गर्म किया जाता है। जब हांडी गर्म हो जाए, तो उसमें तैयार बैटर डालें और मिट्टी के ढक्कन से उसे तुरंत ढक दें। ढक्कन के ऊपर थोड़ा पानी छिड़कने से अंदर भाप बनती है, जो पुवा को पकाने में मदद करती है। भाप से पकने के कारण इसका स्वाद बिल्कुल अलग और लाजवाब होता है।

परोसने का अंदाज

पुवा तैयार हो जाने के बाद, अलग से दूध में चीनी मिलाकर उसे तेज आंच पर उबालें। इस तैयार मीठे दूध को पुवा के ऊपर डालें। सजावट के लिए आप इस पर नारियल का बुरादा और अपने पसंद के ड्राई फ्रूट्स डाल सकते हैं। गरमा-गरम परोसे जाने पर इसका स्वाद दोगुना हो जाता है। माला देवी बताती हैं कि अगर पुवा कुछ देर बाद सख्त हो जाए, तो उसे थोड़ी देर मीठे दूध में डुबोकर रखने से वह फिर से नरम हो जाता है और ताजा जैसा महसूस होता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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