जमशेदपुर में पेट्रोल पंपों पर अचानक उमड़ी भारी भीड़, टंकी फुल कराने के लिए मची होड़ झारखंड एक महीने पहले 65
जमशेदपुर के कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाने के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं। पंप संचालकों ने स्पष्ट किया है कि आपूर्ति में देरी के कारण ऐसा हुआ है और स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी, इसलिए पैनिक बाइंग से बचें।

जमशेदपुर के पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी

झारखंड के जमशेदपुर में पेट्रोल और डीजल के लिए अचानक मारामारी जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। शहर के कई प्रमुख पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं, जहां लोग घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। कई पंपों पर नो स्टॉक के बोर्ड लगे होने के कारण वाहन चालकों के बीच ईंधन संकट की आशंका गहरा गई है।

लोगों में पैनिक बाइंग का डर

पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़ के पीछे मुख्य कारण लोगों के बीच फैला डर है। कई वाहन चालक महज इस डर से अपनी गाड़ियों की टंकी फुल करवा रहे हैं कि कहीं आने वाले दिनों में तेल की किल्लत और अधिक न बढ़ जाए। पेट्रोल भरवाने पहुंचे संतोष ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से उन्हें कई जगहों पर ईंधन नहीं मिला, जिसके कारण मजबूरी में उन्हें घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा। वहीं, कई अन्य लोगों ने भी बताया कि डर के कारण उन्होंने सामान्य से पहले ही अपनी गाड़ी की टंकी भरवा ली है ताकि उन्हें बाद में परेशानी न हो।

पंप संचालकों का क्या है कहना

गोलमुरी ऑटो सर्विस के मैनेजर आनंद राव ने स्पष्ट किया है कि यह कोई बड़ा संकट नहीं है। उन्होंने बताया कि डिपो से तेल की नई रैक के आने में देरी हुई है, जिसकी वजह से कुछ पेट्रोल पंपों पर स्टॉक की अस्थायी कमी देखी गई है। उनके अनुसार, आज शाम या अधिकतम कल सुबह तक आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक घबराकर टंकी फुल न करवाएं, क्योंकि भीड़ बढ़ने से अव्यवस्था और अधिक हो रही है।

अफवाहों से बचें

प्रशासन और पंप मालिकों ने साफ किया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की कोई जानकारी नहीं है। इसलिए लोगों को सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। विशेषज्ञों का भी मानना है कि जब लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदना शुरू करते हैं, तभी ऐसी कृत्रिम कमी वाली स्थिति पैदा होती है। संयम बरतकर ही इस समस्या का समाधान किया जा सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप