उपनाम: झारखंड
रांची की ये 3 कॉलोनियां हैं सबसे शानदार, यहां रहना किसी हिल स्टेशन जैसा
रांची की वृंदावन कॉलोनी, धुर्वा सेक्टर और सेल सिटी कॉलोनी हरियाली और शांत माहौल के लिए जानी जाती हैं, जहां जिम, क्लब, हॉस्पिटल, धुर्वा डैम और डीपीएस स्कूल जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
हुनर से बनी पहचान: आदिवासी गृहिणी मोनिका हर महीने कमा रहीं 30 हजार, सिर्फ 50 रुपये से शुरू होते हैं फूल
बोकारो की रहने वालीं आदिवासी गृहिणी मोनिका लकड़ा पाइप क्लीनर और क्रोशिया आर्ट से सजावटी सामान बनाकर हर महीने करीब 25 से 30 हजार रुपये कमा रही हैं। उनके स्टॉल पर 50 रुपये में फूल और 300 रुपये से बुके उपलब्ध हैं।
विश्व रक्तदान दिवस: 26 साल में 87 बार रक्तदान, कोडरमा के रितेश माधव की मिसाल बनी कहानी
कोडरमा के जेजे कॉलेजकर्मी रितेश माधव ने 26 साल में 87 बार रक्तदान किया है और उनका लक्ष्य 101 बार रक्तदान करने का है। वर्ष 2000 में पटना से शुरुआत करने वाले रितेश आज भी हर तीन-चार महीने में रक्त देते हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं।
पलामू का निराला लता मंगेशकर चौक, जहां ट्रैफिक नहीं संगीत थाम लेता है राहगीरों के कदम
झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर में बना लता मंगेशकर चौक अब शहर की सांस्कृतिक पहचान बन गया है, जहां दिनभर स्वर कोकिला के गीत गूंजते रहते हैं।
नमक-रोटी से अमेरिका तक का सफर: रांची की ललिता देवी ने जूट बैग और सोहराई पेंटिंग से लिखी कामयाबी की नई कहानी, हर महीने लाखों की कमाई
रांची की ललिता देवी कभी नमक-रोटी के लिए भी मोहताज थीं, लेकिन हाथ से बनाए जूट बैग और सोहराई पेंटिंग ने उनकी जिंदगी बदल दी। आज उनके ग्राहक देशभर में फैले हैं और वे महीने में लाखों रुपये की कमाई करती हैं।
जब पलामू कहलाता था 'बाघ देश', पक्षियों के शिकार का तार जुड़ा था पेरिस से
आज पर्यटकों को लुभाने वाला पलामू टाइगर रिजर्व कभी 'बाघ देश' के नाम से मशहूर था, जहां किंगफिशर जैसे पक्षियों के रंगीन पंख निकालकर फ्रांस की राजधानी पेरिस तक भेजे जाते थे।
महुआ से बन रहीं शुगर-फ्री कुकीज और चॉकलेट, डायबिटीज मरीजों के लिए सलोनी की पहल बनी मिसाल
रांची की सलोनी और उनकी टीम महुआ से बेहद कम कैलोरी वाली शुगर-फ्री कुकीज, चॉकलेट और सिरप तैयार कर रही हैं, जो डायबिटीज के मरीजों और कैलोरी कांशस लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। इस पहल से करीब 300 महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है।
रांची की गौरी का कमाल: बेकार सुजनी से बने फैशनेबल कोट, Gen-Z के कपड़ों पर सजी मधुबनी पेंटिंग
रांची की डिजाइनर गौरी ने बेकार पड़ी सुजनी से फैशनेबल कोट और मधुबनी पेंटिंग वाले मॉडर्न कपड़े तैयार किए हैं, जो पैन इंडिया के साथ-साथ कनाडा तक पहुंच रहे हैं।
खुलने के 3 घंटे में बिक जाता है पूरा फ्राइड चिकन! जमशेदपुर के इस स्टॉल पर उमड़ती है नॉनवेज प्रेमियों की भीड़
जमशेदपुर के लोको मोड़ पर लगने वाले 'सनातन मन्ना फ्राइड चिकन' स्टॉल पर शाम होते ही भीड़ जुट जाती है और दुकान खुलने के सिर्फ तीन घंटे में सारा चिकन बिक जाता है। यहां ग्राहकों के सामने ताजा चिकन तैयार होता है और कीमत मात्र ₹25 से शुरू होती है।
जमशेदपुर के दोमुहानी संगम तट पर पंच धूनी तपस्या, अग्नि की लपटों के बीच साधना में लीन संत
जमशेदपुर के सोनारी स्थित दोमुहानी संगम तट पर इन दिनों अखंड पंच धूनी तपस्या चल रही है, जिसमें भीषण गर्मी और चारों ओर जलती अग्नि के बीच संत साधनारत हैं। इस दुर्लभ तप को देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
सिर है या लोहे का हथौड़ा! पल भर में नारियल के दो टुकड़े कर देते हैं पलामू के सुमति वर्मन
पलामू के सुमति वर्मन अपने सिर से नारियल फोड़ने की अनोखी कला के लिए चर्चा में हैं। मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग और महीनों के अभ्यास के दम पर वे अब तक करीब 100 नारियल फोड़ चुके हैं।
साइकिल से कार तक का सफर: मुद्रा योजना ने बदली धनेश्वर की किस्मत, तीन बेटियों की शादी से कारोबार तक नई पहचान
हजारीबाग के पकरार गांव के धनेश्वर साव ने 2017 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 5 लाख रुपए का ऋण लेकर अपने छोटे कारोबार को नई ऊंचाई दी। आज वे तीन दुकानों के मालिक हैं और पूरे इलाके के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
कुसुम फल की चटपटी चटनी का अनोखा स्वाद, जिसे चखने के बाद भुलाना मुश्किल; बीज से तेल भी बनाते हैं आदिवासी
झारखंड के जंगलों में मिलने वाले कुसुम फल की चटनी खट्टे, मीठे और तीखे स्वाद का अनूठा मेल है। ग्रामीण इसके बीजों से तेल भी निकालते हैं, जो मालिश और त्वचा की देखभाल में काम आता है।
देवघर का अनोखा दर्जी बाजार: सुई-धागे का कमाल, जहां कुछ ही घंटों में बनकर तैयार हो जाते हैं परफेक्ट कपड़े
देवघर के कृष्णा टॉकीज परिसर में 30 से 40 दर्जी दशकों से सस्ते दाम पर तेज और बेहतरीन सिलाई कर रहे हैं। शर्ट-पैंट से लेकर शादी के परिधान तक की मांग यहां लगातार बनी रहती है और कपड़े सिलवाने वालों की लंबी कतार लगी रहती है।
जीभ पर रखते ही दौड़े करंट जैसा कसैलापन, फिर भी सेहत के लिए वरदान! पलामू में तैयार हुआ खास आंवला सत्व
पलामू के शिव कुमार पांडे ने आंवला से बेहद कसैला सत्व तैयार किया है, जिसे चरक संहिता से प्रेरणा लेकर छह महीने की प्रक्रिया से बनाया जाता है। उनका दावा है कि यह कई स्वास्थ्य समस्याओं में लाभकारी है और इसकी 50 ग्राम की डिब्बी की कीमत 500 रुपये है।