उपनाम: गया
70वीं BPSC परीक्षा: मॉक टेस्ट के दौरान मोबाइल से नकल का मामला, प्रशिक्षण से बाहर हुए प्रशिक्षु रोहित आनंद
गया स्थित बिपार्ड में प्रशिक्षण ले रहे रोहित आनंद को अनुशासनहीनता और परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल के आरोप में संस्थान से निकाल दिया गया है।
गयाजी: संगीत और साहित्य की मिठास से बदल रही ऑब्जर्वेशन होम के बच्चों की जिंदगी, सुधा मिश्रा की अनोखी पहल
गया जिले की एक शिक्षिका सुधा मिश्रा अपने अनूठे शिक्षण कौशल से ऑब्जर्वेशन होम में रहने वाले बच्चों के भविष्य को नया आकार दे रही हैं। वे पारंपरिक पढ़ाई के बजाय गीत, संगीत और कविता के माध्यम से बच्चों में सकारात्मक बदलाव लाने का काम कर रही हैं।
गया: शिक्षिका गुड्डी कुमारी का अनोखा तरीका, चॉकलेट और स्कूटी की सवारी से स्कूल आने को मचलते हैं बच्चे
बिहार के गया जिले की एक शिक्षिका ने अपनी मेहनत और नवाचार से सरकारी स्कूल की तस्वीर बदल दी है। अब उन्हें उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
गया के चौथे केंद्रीय विद्यालय में दाखिला प्रक्रिया शुरू, 5 सितंबर तक जमा करें आवेदन
बिहार के गया जिले में नए केंद्रीय विद्यालय में नामांकन की शुरुआत हो गई है, जिसके लिए अभिभावक 5 सितंबर तक ऑफलाइन माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।
गया के महेश्वर प्रसाद सिंह की प्रेरणादायक कहानी: जिस स्कूल से मैट्रिक की, वहीं बने प्रधानाध्यापक
गया जिले के मोनेया गांव के निवासी महेश्वर प्रसाद सिंह शेरघाटी अनुमंडल के पहले ऐसे शिक्षक रहे, जिन्होंने BPSC के जरिए प्रधानाध्यापक का पद हासिल किया। अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने उसी स्कूल में लंबा समय बिताया जहां से कभी उन्होंने स्वयं शिक्षा प्राप्त की थी...
गया में खौफनाक वारदात: पति ने ब्लेड से पत्नी का गला रेतकर की हत्या, खुदकुशी का भी किया प्रयास
बिहार के गया में एक पति ने अपनी पत्नी की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी, जिसके बाद उसने अपनी नसें काटकर जान देने की कोशिश की।
बिहार का दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय बना कृषि शिक्षा का नया हब, करियर के खुल रहे हैं शानदार रास्ते
गया स्थित दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय में कृषि की पढ़ाई करने के बाद छात्र सरकारी नौकरी से लेकर अपना खुद का स्टार्टअप शुरू करने तक के कई विकल्प पा सकते हैं।
गया का 70 साल पुराना पैराडाइज सिनेमाघर, कभी 1 रुपये में मिलता था टिकट, आज भी मजदूरों की पहली पसंद
बिहार के गया शहर में स्थित 70 साल पुराना पैराडाइज सिनेमाघर आज भी गरीब और मजदूर वर्ग के लिए मनोरंजन का मुख्य केंद्र बना हुआ है। कभी 1 रुपये के टिकट पर चलने वाला यह हॉल आज भोजपुरी फिल्मों के लिए मशहूर है।
गया के पहले फोटो पत्रकार श्याम भंडारी की कहानी: स्टूडियो मालिक से बने पत्रकार, छात्र आंदोलन ने बदली तकदीर
गया के श्याम भंडारी ने उस दौर में पत्रकारिता में कदम रखा जब सुविधाएं बेहद सीमित थीं। 1974 के छात्र आंदोलन की तस्वीरों ने उन्हें स्टूडियो मालिक से एक चर्चित फोटो जर्नलिस्ट के रूप में स्थापित कर दिया।
गया में महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण बनी 'दीदी अधिकार केंद्र', घरेलू हिंसा से लेकर सरकारी योजनाओं तक का समाधान
बिहार के गया जिले में 'दीदी अधिकार केंद्र' उन महिलाओं के लिए बड़ी राहत बनकर उभरे हैं जो घरेलू हिंसा या सरकारी सुविधाओं की कमी से जूझ रही हैं। जीविका के सहयोग से संचालित इन केंद्रों ने अब तक सैकड़ों महिलाओं को न्याय और आत्मनिर्भरता दिलाई है।
गया: जब टिकट के लिए होती थी जंग, जानिए पैराडाइज सिनेमाघर से जुड़ी वो सुनहरी यादें
आज के डिजिटल दौर से बहुत पहले गया शहर में सिनेमाघर मनोरंजन का प्रमुख केंद्र हुआ करते थे। एक वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट ने साझा की अपनी पुरानी यादें, जब सिनेमा देखने जाना किसी संघर्ष से कम नहीं था।
गया में मौत के मुंह से लौटा मासूम: 30 फीट गहरे बोरवेल में 7 घंटे फंसा रहा बच्चा, NDRF ने बचाई जान
बिहार के गया जिले में एक तीन साल का बच्चा बोरवेल में गिर गया था, जिसे करीब 7 घंटे चले कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित निकाल लिया गया है। बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और प्रशासन ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
गया में खौफनाक हादसा: 3 साल का मासूम 30 फीट गहरे बोरवेल में फंसा, युद्धस्तर पर रेस्क्यू जारी
बिहार के गया जिले में एक 3 साल का बच्चा बोरवेल में गिर गया है, जिसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन और राहत दल की टीमें जुटी हुई हैं।
गया का तेतर डैम: दो पहाड़ों के बीच छिपा है प्राकृतिक सौंदर्य का खजाना, मानसून में खिल उठती है वादियों की रौनक
बिहार के गया जिले में स्थित तेतर डैम अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए चर्चा में रहता है। यह डैम गंगा जल आपूर्ति योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और मानसून के दौरान इसकी छटा देखते ही बनती है।
गया के लाल सोमन राणा का कमाल: देश सेवा में गंवाया पैर, अब ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में दिखाएंगे दम
बिहार के गया निवासी सोमन राणा 2026 में ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। देश की सुरक्षा में अपना पैर खोने वाले सोमन ने अपनी शारीरिक बाधा को कभी भी अपनी सफलता की राह में रोड़ा नहीं बनने दिया।