उपनाम: गया
लाल नहीं, अब पीले तरबूज की बढ़ रही है धूम, सेहत के लिए है बेहद गुणकारी
गया में किसान अब पीले तरबूज की खेती कर रहे हैं, जो लाल तरबूज से न केवल अधिक मुनाफे वाला है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी वरदान माना जाता है।
मशहूर अभिनेता राजेश कुमार का फिल्मी सफर: कर्ज में डूबकर छोड़ दी थी एक्टिंग, अब गांव में बहनों के साथ करेंगे खेती
लोकप्रिय अभिनेता राजेश कुमार मुंबई की चकाचौंध से दूर अपने पैतृक गांव गया लौट आए हैं, जहां वे अब खेती के एक बड़े प्रोजेक्ट की तैयारी कर रहे हैं। इस नेक काम में विदेशों से वापस आ रही उनकी बहनें भी उनका साथ देंगी।
गया में हिंदू कारीगर प्रदीप शर्मा का कमाल, मुहर्रम के लिए बनाया हेलीकॉप्टर वाला अनोखा ताजिया
बिहार के गया जिले में इस बार मुहर्रम का ताजिया चर्चा का विषय बना हुआ है। इमामगंज के झिकटिया गांव के एक हिंदू कारीगर प्रदीप शर्मा ने हेलीकॉप्टर के आकार का ताजिया तैयार कर सामाजिक एकता की मिसाल पेश की है।
गया: चार पीढ़ियों से ताजिया बना रहा यह परिवार, 40 रुपये से शुरू हुआ था हुनर का सफर
बिहार के गया जिले में एक ऐसा परिवार है जो पिछले चार दशकों से मुहर्रम के मौके पर ताजिया बनाने की परंपरा को जीवित रखे हुए है। आज यह परिवार अपने शानदार काम के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है।
गया में मछली पालन को मिलेगा बढ़ावा: बीज उत्पादन की 12 इकाइयों पर सरकार देगी 70 फीसदी तक सब्सिडी
बिहार के गया जिले में मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार नई योजनाएं लाई है, जिसके तहत बीज उत्पादन की 12 इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इन योजनाओं में किसानों को 70 फीसदी तक अनुदान का लाभ मिलेगा।
BPSC सफलता की कहानी: रेलवे से रिटायर पिता की मेहनत रंग लाई, तीनों बच्चे बने सरकारी अफसर
बिहार के गया में एक पिता ने अपने तीनों बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुँचाया है। जहाँ बेटा बैंक मैनेजर और बेटी SBI में अधिकारी हैं, वहीं अब सबसे छोटा बेटा BPSC पास कर राजस्व अधिकारी बन गया है।
गया की निराली 'मंथन वाटिका': हर पौधे पर दर्ज है किसी IAS अधिकारी का नाम, जानें वजह
गया के हदहदवा पहाड़ी की तलहटी में बिपार्ड द्वारा विकसित मंथन वाटिका में करीब 200 पौधे लगाए गए हैं, जिनमें से लगभग हर पौधे के साथ किसी न किसी IAS अधिकारी का नाम जुड़ा है। कभी बंजर रही यह जमीन अब हरियाली से भर गई है।
गया के दो गांवों में पीने के पानी के लिए रोज चढ़ना पड़ता है 500 फीट ऊंचा पहाड़, टंकी ही सैकड़ों परिवारों का सहारा
बिहार के गया जिले के पहाड़पुर और काईचक गांव में भूजल खारा होने के कारण लोग पीने के पानी के लिए रोजाना करीब 500 फीट ऊंचे पहाड़ पर चढ़कर टंकी से पानी भरते हैं। सक्षम परिवार बंद जार का पानी खरीदकर काम चलाते हैं।
गया के ओम कुमार ने पूरा किया इंजीनियर बनने का सपना, मजदूर पिता की मेहनत लाई रंग
गया के मानपुर पंपूपर निवासी ओम कुमार ने जेईई एडवांस परीक्षा में सफलता पाते हुए ओबीसी वर्ग में 10668वीं रैंक हासिल की है। मजदूर परिवार से आने वाले ओम ने आर्थिक तंगी के बीच सेल्फ स्टडी और संस्था के मार्गदर्शन से यह मुकाम पाया।