उपनाम: ग्रामीण रोजगार
काजू और बादाम से भी महंगा है छत्तीसगढ़ के जंगलों का यह खजाना, ₹2000 किलो बिकने वाले 'गुहिया पुटू' को खरीदने उमड़ रही भीड़
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के जंगलों में मानसून के दौरान मिलने वाला गुहिया पुटू मशरूम इन दिनों बाजारों में ₹2000 प्रति किलो के ऊंचे दाम पर बिक रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाएं बंपर कमाई कर रही हैं।
सांची दुग्ध समिति: गांव में अपना डेयरी कारोबार कैसे शुरू करें, जानें पूरी प्रक्रिया और कमाई का गणित
मध्य प्रदेश के गांवों में सांची दुग्ध समिति खोलकर किसान नियमित आय कमा सकते हैं। जानिए इसे शुरू करने के लिए जरूरी शर्तें, पंजीकरण प्रक्रिया और इससे मिलने वाले लाभ।
बेगूसराय के रजी अहमद ने बदली तस्वीर: बंगाल से बिस्कुट मंगाने वाले अब खुद बने निर्माता, हर महीने 5 लाख का कारोबार
बेगूसराय के राजौरा निवासी रजी अहमद ने सप्लाई की दिक्कत से तंग आकर अपनी बिस्कुट फैक्ट्री खड़ी की, जो आज हर महीने 5 लाख रुपये से ज्यादा का कारोबार कर रही है और 10 से अधिक लोगों को रोजगार दे रही है।
सिर्फ 45 दिन में बिक्री के लिए तैयार हो जाते हैं संजीत के मुर्गे, बेहतरीन गुणवत्ता से सीधी बिक्री और लाखों की कमाई
शिवहर के प्रगतिशील किसान संजीत कुमार आधुनिक पोल्ट्री फार्मिंग से हर लॉट में 5.5 से 6.8 लाख रुपये तक कमा रहे हैं। उनके मुर्गे 45 दिन में तैयार हो जाते हैं और गुणवत्ता ऐसी कि व्यापारी खुद फार्म पहुंचकर खरीदारी करते हैं।
बिजनेस आइडिया: महज 556 रुपये में शुरू करें मुर्गी पालन, सरकार दे रही 75% अनुदान, होगी जबरदस्त कमाई!
बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के तहत किसान सिर्फ 556 रुपये लगाकर मुर्गी पालन शुरू कर सकते हैं, जबकि बाकी रकम सरकार अनुदान के रूप में देती है। योजना में लाभार्थियों को 40 उन्नत नस्ल के चूजे और मुफ्त टीकाकरण की सुविधा मिलती है।
भरतपुर की महिलाओं ने पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल, घर पर ही बना रहीं साबुन और फिनाइल
भरतपुर जिले की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर फिनाइल, हैंडवॉश और साबुन जैसे घरेलू उत्पाद तैयार कर रही हैं और घर के कामकाज के साथ अतिरिक्त आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
टाइगर रिजर्व के गांवों में अब घर बैठे कमाई, पर्यटन से खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व से सटे गांवों में होमस्टे और विलेज टूरिज्म को बढ़ावा देने की तैयारी है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे।
सरकारी नौकरी को कहा अलविदा, पपीते की खेती से सालाना 30-35 लाख की कमाई; गांव के 25 लोगों को दिया रोजगार
मधुबनी के उच्च शिक्षित युवा विपिन कुमार झा ने सरकारी पद छोड़कर दो एकड़ में पपीते की खेती शुरू की और आज सालाना 30-35 लाख रुपये कमा रहे हैं। उन्होंने अपने गांव के 25 लोगों को रोजगार भी दिया है।
मूंज उत्पादों की होगी ब्रांडिंग, समूह से जुड़ी महिलाएं घर बैठे कमा रहीं हर माह 30000 रुपये
अमेठी जिले में स्वयं सहायता समूहों के जरिए हजारों परिवारों को रोजगार मिल रहा है और अब जिला प्रशासन यहां तैयार होने वाले मूंज समेत अन्य उत्पादों की ब्रांडिंग कराने की तैयारी में है, जिससे उनकी बिक्री और आसान हो जाएगी।
बहराइच के जंगलों की बेकार समझी जाने वाली चीजों से बन रहे खास उत्पाद, बाजार में जबरदस्त मांग
बहराइच के कतर्नियाघाट जंगल से सटे गांवों में थारू जनजाति की महिलाएं घास, जलकुंभी, मूंज और फसलों के अवशेष जैसी बेकार चीजों से उपयोगी और आकर्षक सामान बनाकर अच्छी कमाई कर रही हैं। इनके बनाए उत्पादों की बाजार में खूब मांग है।
विदेश में मजदूरी करते थे सुमन, प्रशिक्षण लेकर शुरू किया मुर्गा पालन, अब 10 हजार मुर्गों से कमा रहे लाखों
कोडरमा के सुमन लाल मेहता कभी दूसरे राज्यों में मजदूरी करते थे, पर आमदनी इतनी कम थी कि घर चलाना मुश्किल था। गांव लौटकर प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने मुर्गा पालन शुरू किया और अब हर महीने करीब एक लाख रुपये कमा रहे हैं।
मनरेगा की जगह VB-G RAM G: 95,692 करोड़ का अंतरिम आवंटन, यूपी अव्वल तो पश्चिम बंगाल को बड़ी राहत
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नए ग्रामीण रोजगार मिशन VB-G RAM G के तहत राज्यों को कुल 95,692 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन किया है, जिसमें सबसे अधिक 9,721 करोड़ उत्तर प्रदेश और 8,508 करोड़ पश्चिम बंगाल को मिले हैं।
सरकारी पौधों से बदली किस्मत: आम बेचकर रोज 1000 से 1200 रुपये कमा रहीं देवघर की महिलाएं
देवघर के रिखिया प्रखंड की करीब 50 महिलाएं बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आम की बागवानी से जुड़कर हर दिन 1000 से 1200 रुपये तक कमा रही हैं। कभी परिवार की आमदनी पर आश्रित रहने वाली ये महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन गई हैं।
पढ़ाई के साथ मछली पालन से कमाल, 23 की उम्र में विवेकानंद ने छुआ 25 लाख का टर्नओवर; अपनाई अलग तकनीक
जहानाबाद के 23 वर्षीय विवेकानंद ने बंजर जमीन पर तालाब खुदवाकर मछली पालन शुरू किया और एक साल में 25 लाख रुपये का टर्नओवर हासिल किया। मुनाफे से प्रेरित होकर उन्होंने व्यवसाय को छह बीघे तक फैला लिया है।
गांव के युवाओं के लिए फायदे का काम, सिर्फ 100 चूजों से शुरू करें मुर्गी पालन, 21 दिन में तैयार हो जाती हैं ये नस्लें
कम लागत और कम जगह में शुरू होने वाला मुर्गी पालन गांव के युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा जरिया बनता जा रहा है, जिसे महज 100 चूजों से शुरू किया जा सकता है।