पढ़ाई के साथ मछली पालन से कमाल, 23 की उम्र में विवेकानंद ने छुआ 25 लाख का टर्नओवर; अपनाई अलग तकनीक बिहार 3 महीने पहले 47
जहानाबाद के 23 वर्षीय विवेकानंद ने बंजर जमीन पर तालाब खुदवाकर मछली पालन शुरू किया और एक साल में 25 लाख रुपये का टर्नओवर हासिल किया। मुनाफे से प्रेरित होकर उन्होंने व्यवसाय को छह बीघे तक फैला लिया है।

बिहार में मत्स्य पालन का दायरा लगातार फैलता जा रहा है। इस व्यवसाय से होने वाली कमाई को देखते हुए ग्रामीण युवाओं का रुझान इसकी ओर तेजी से बढ़ा है। यही कारण है कि अब लगभग हर गांव में मछली का तालाब नजर आने लगा है। जहानाबाद जिला भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां सिर्फ बेरोजगार ही नहीं, बल्कि पढ़े-लिखे और नौकरीपेशा युवा भी मछली पालन से जुड़ रहे हैं और अच्छी आमदनी कमा रहे हैं।

जिले के 23 वर्षीय विवेकानंद ने पढ़ाई के साथ-साथ बंजर जमीन पर मछली पालन की शुरुआत की। उन्होंने 2025 में यह काम शुरू किया और बीते साल का टर्नओवर 25 लाख रुपये तक पहुंचा लिया। इसी आमदनी से प्रेरित होकर साल 2026 में उन्होंने 6 बीघा तक तालाब खुदवा लिया है।

घोसी प्रखंड के इस्माइलपुर गांव के रहने वाले

विवेकानंद जिले के घोसी प्रखंड के इस्माइलपुर गांव के निवासी हैं। शुरू से ही उनकी पढ़ाई-लिखाई में गहरी रुचि रही, लेकिन गांव के पास रहने वाले एक व्यक्ति की सलाह पर उन्होंने मत्स्य पालन में हाथ आजमाने का फैसला किया। जब इस व्यवसाय से लाभ मिलने लगा, तो वे पूरी तरह मछली पालन से जुड़ गए। आज एक ओर उनकी पढ़ाई जारी है और दूसरी ओर कमाई भी हो रही है।

मत्स्य पालन से बदली किस्मत

विवेकानंद बताते हैं कि महज 23 साल की उम्र में ही वे मछली पालन के व्यवसाय से जुड़ गए हैं। पढ़ाई के दौरान ही उन्हें इस व्यवसाय का विचार आया, जिसके बाद उन्होंने बंजर जमीन पर मछली पालन करने का मन बनाया।

उनके मुताबिक, एक समय ऐसा भी था जब उस जमीन पर आने से हर कोई कतराता था, क्योंकि वहां जंगली सुअरों का बसेरा था। लेकिन जब से उन्होंने एक बीघे में तालाब खुदवाया, तब से उस इलाके में दूसरे लोग भी इस व्यवसाय की ओर आगे आने लगे हैं। साल 2025 में उन्होंने एक बीघे में तालाब खुदवाकर अपने कारोबार की शुरुआत की थी।

एक साल में 25 लाख रुपये का टर्नओवर

विवेकानंद आगे बताते हैं कि एक साल में उन्हें 25 लाख रुपये का टर्नओवर मिला। अच्छा टर्नओवर मिलने के बाद उन्होंने व्यवसाय को और आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। फिलहाल उन्होंने 6 बीघे में तालाब खुदवा लिए हैं, जिनमें रेहू, कतला, जासर और नैनी मछलियां पाल रखी हैं।

इसके साथ ही उन्होंने बीज तैयार करने वाला तालाब भी खुदवा लिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी तरह की मुश्किल का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि जिस तरह से अभी काम चल रहा है, उसे देखते हुए यही सबसे बेहतर व्यवसाय लगता है। इसमें खर्च बहुत कम है और मुनाफा अच्छा है। साथ ही वे घर पर ही व्यापार कर रहे हैं और दूसरों को रोजगार भी दे रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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