मनरेगा की जगह VB-G RAM G: 95,692 करोड़ का अंतरिम आवंटन, यूपी अव्वल तो पश्चिम बंगाल को बड़ी राहत राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 2
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नए ग्रामीण रोजगार मिशन VB-G RAM G के तहत राज्यों को कुल 95,692 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन किया है, जिसमें सबसे अधिक 9,721 करोड़ उत्तर प्रदेश और 8,508 करोड़ पश्चिम बंगाल को मिले हैं।

ग्रामीण रोजगार से जुड़ी देश की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक को लेकर केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी VB-G RAM G के तहत राज्यों को अंतरिम फंड बांटने की घोषणा कर दी गई है। इस योजना के लिए केंद्र ने कुल 95,692.31 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश के खाते में गया है, जबकि पश्चिम बंगाल भी शीर्ष लाभार्थी राज्यों में शुमार है। यही वजह है कि इस आवंटन को लेकर लखनऊ और कोलकाता, दोनों जगह संतोष का माहौल बताया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश को मिला सबसे बड़ा हिस्सा

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को इस अंतरिम आवंटन का ऐलान किया। इसके अनुसार उत्तर प्रदेश को 9,721.48 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो देश में किसी भी राज्य को मिलने वाली सबसे बड़ी राशि है। उत्तर प्रदेश आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य है और ग्रामीण इलाकों में रोजगार सृजन की उसकी जरूरतें भी अधिक हैं। ऐसे में सबसे बड़ा आवंटन मिलना राज्य सरकार के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है। प्रदेश में बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूर इस योजना से जुड़े हैं और सरकार को उम्मीद है कि इससे रोजगार निर्माण की रफ्तार बनी रहेगी।

पश्चिम बंगाल के लिए बदली तस्वीर

इस सूची में दूसरे स्थान पर पश्चिम बंगाल है, जिसके लिए केंद्र ने 8,508 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन तय किया है। बीते कुछ वर्षों में मनरेगा फंड को लेकर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच लगातार खींचतान देखी गई थी। कई मौकों पर फंड जारी करने और भुगतान में देरी का मसला राजनीतिक बहस का केंद्र बना। पूर्व की टीएमसी सरकार और केंद्र के बीच इस मुद्दे पर खूब टकराव हुआ था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। राज्य में भाजपा की सरकार है और केंद्र ने इस योजना के तहत राज्य को खुले मन से राशि दी है। जानकारों का मानना है कि इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार कार्यक्रमों को नई गति मिल सकती है।

क्या है VB-G RAM G योजना?

VB-G RAM G यानी विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) केंद्र सरकार का लाया गया नया ग्रामीण रोजगार कानून है। यह योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह लागू की जा रही है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने हाल ही में इसके मसौदा नियम जारी किए हैं और इसे 1 जुलाई 2026 से अमल में लाने की तैयारी है। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से रोजगार सृजन को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाया जा सकेगा।

मनरेगा से कैसे अलग है नई व्यवस्था?

सबसे बड़ा बदलाव फंडिंग के ढांचे में किया गया है। मनरेगा के तहत मजदूरी भुगतान का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती थी, यानी मजदूरी मद में 100 प्रतिशत राशि केंद्र की ओर से दी जाती थी। लेकिन VB-G RAM G एक केंद्र प्रायोजित योजना होगी, जिसमें सामान्य राज्यों के लिए खर्च का अनुपात 60:40 रखा गया है। इसका मतलब है कि 60 प्रतिशत राशि केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकारें वहन करेंगी।

पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी राज्यों और विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के लिए यह अनुपात 90:10 तय किया गया है, जबकि बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों को 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता मिलेगी।

किन आधारों पर तय हुआ आवंटन?

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह अंतरिम आवंटन पिछले वित्त वर्ष में राज्यों द्वारा मनरेगा के तहत किए गए खर्च के आधार पर तय किया गया है। हालांकि आगे चलकर फंड बंटवारे के लिए 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को आधार बनाया जाएगा। मंत्रालय के मसौदा नियमों के मुताबिक राज्यों के बीच संसाधनों के बंटवारे में जनसंख्या, क्षेत्रफल और दूसरे मानकों को भी अहमियत दी जाएगी।

शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा?

आवंटन की घोषणा से पहले शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी मजदूर को काम के बिना नहीं रहना चाहिए। चौहान ने जोर देकर कहा कि रोजगार उपलब्ध कराने, मजदूरी भुगतान और श्रमिकों के कानूनी अधिकारों में किसी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राज्यों से योजना के असरदार क्रियान्वयन के लिए तैयारी तेज करने को भी कहा।

ग्रामीण रोजगार पर रहेगी पैनी नजर

केंद्र का यह फैसला ऐसे समय आया है जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर खास जोर दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल को सबसे अधिक आवंटन मिलना यह संकेत देता है कि केंद्र फिलहाल उन राज्यों पर ज्यादा ध्यान दे रहा है, जहां ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों का दायरा बड़ा है। अब सबकी निगाहें 1 जुलाई 2026 पर टिकी हैं, जब VB-G RAM G औपचारिक रूप से लागू होगी और देश में ग्रामीण रोजगार की नई व्यवस्था की शुरुआत होगी।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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