उपनाम: बालोद
बीकॉम पास युवक की शानदार पहल: 1 लाख में ऑटो को बनाया चलता-फिरता चाट सेंटर, रोज होती है 3000 की कमाई
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में रहने वाले बीकॉम ग्रेजुएट पोखन लाल साहू ने नौकरी के बजाय अपने पारिवारिक कारोबार को चुना है। उन्होंने एक पुराने ऑटो को मॉडिफाई करवाकर उसे चलता-फिरता चाट सेंटर बना दिया है, जिससे वे आज हर दिन अच्छी कमाई कर रहे हैं।
गन्ने की फसल पर मंडरा रहा लाल सड़न का खतरा, वैज्ञानिक ने बताए बचाव के प्रभावी तरीके
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में गन्ने की फसल में रेड रॉट यानी लाल सड़न बीमारी का खतरा बढ़ गया है। कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को शुरुआती संकेतों को पहचानकर तुरंत उपचार करने की सलाह दी है।
बालोद के किसान ने सूर्यकुमार यादव को भेंट की 2 लाख की मूर्ति, क्रिकेटर ने तोहफा लौटाकर दिया दिल जीतने वाला संदेश
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के एक किसान ने अपनी खेती की कमाई से भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव की एक प्रतिमा बनवाई और उसे भेंट करने मुंबई पहुंचे, जिसके बाद क्रिकेटर की प्रतिक्रिया ने सभी का दिल जीत लिया।
टमाटर के गिरते दाम से परेशान न हों, घर पर ही मात्र 40 रुपये में तैयार करें बाजार जैसा केचअप
टमाटर की कम कीमतों के कारण किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए कृषि विशेषज्ञों ने प्रोसेसिंग का आसान तरीका बताया है, जिससे आप घर बैठे कम लागत में शानदार टोमेटो केचअप बना सकते हैं।
रक्षाबंधन की अनूठी मिसाल: मुस्लिम महिला नाजिमा खान 25 साल से बेच रही हैं राखियां, प्रेम और सौहार्द का दिया संदेश
छत्तीसगढ़ के बालोद में रहने वाली नाजिमा खान पिछले ढाई दशकों से रक्षाबंधन के मौके पर राखियां बेचकर आपसी भाईचारे की मिसाल पेश कर रही हैं। उनका मानना है कि त्योहार किसी मजहब के बंधन में नहीं बंधे होते।
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक मिठाई अरसा: मात्र 5 मिनट में बनकर तैयार, 15 दिनों तक रहती है सुरक्षित
छत्तीसगढ़ की मशहूर मिठाई अरसा को घर पर बनाना बेहद आसान है। चावल और गुड़ के मिश्रण से तैयार होने वाली यह मिठाई न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि इसे लंबे समय तक स्टोर करके भी रखा जा सकता है।
मात्र 7000 रुपये से खड़ा किया शानदार कारोबार, बालोद के इस ठेले के जायके के दीवाने हैं लोग
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में लेशकुमार साहू का छोटा सा ठेला 'गंगा मईया भेल कॉर्नर' अपने खास मिर्ची भजिया और मुंगेड़ी के लिए मशहूर हो गया है। महज 7000 रुपये की शुरुआती लागत से शुरू हुआ यह काम आज उन्हें प्रतिदिन हजारों रुपये की कमाई करा रहा है।
बालोद का सियादेवी मंदिर: जहां आज भी जीवंत है रामायण काल की पौराणिक कथा
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में स्थित मां सियादेवी मंदिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और रामायण काल से जुड़ी मान्यताओं के लिए श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय है।
14 अगस्त के बाद पछताना पड़ सकता है, किसान तुरंत निपटा लें फसल बीमा का यह जरूरी काम
उद्यानिकी फसलों की बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है, अब किसान 14 अगस्त 2026 तक पंजीकरण करा सकते हैं। मौसम की मार और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए यह सुरक्षा कवच बेहद आवश्यक है।
सफलता की प्रेरणादायक कहानी: खेती में लौटने के डर ने कैसे एक छात्र को बना दिया बड़ा अफसर
बालोद जिले में पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक डॉ. डीके सिहारे की सफलता की कहानी संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। अंग्रेजी की बाधाओं और कॉलेज में असफलता के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और आज वे हजारों किसानों की तकदीर बदल रहे हैं।
बकरी पालन में बरती गई एक लापरवाही पड़ सकती है भारी, मानसून में सिर्फ 5 रुपये में पाएं सुरक्षित इलाज
बरसात के मौसम में बकरियों को एंटरोटॉक्सिमिया जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए पशु चिकित्सा विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। केवल 5 रुपये के पंजीयन शुल्क पर बकरियों का टीकाकरण किया जा रहा है।
धान की खेती में मताई का महत्व: बंपर पैदावार के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स
धान की रोपाई से पहले खेत की मताई करना फसल की सफलता के लिए अनिवार्य है, जिससे मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है और पौधों का विकास बेहतर होता है।
ससुर के अनोखे तोहफे से बदली दामाद की किस्मत, बनारस के युवक ने बालोद में बिना पूंजी के शुरू किया सफल कारोबार
छत्तीसगढ़ के बालोद में ससुर और दामाद के अनोखे रिश्ते की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है, जहां ससुर ने अपने दामाद को न केवल रोजगार का साधन दिया, बल्कि बिना किसी निवेश के उसे आत्मनिर्भर बनाया। आज रविकांत गुप्ता अपनी चाट की दुकान के जरिए इलाके में मशहूर हो...
बरसात में हरा-भरा दिखेगा पौधा, लेकिन जड़ें हो जाएंगी बर्बाद: कृषि वैज्ञानिकों ने सब्जी और फल उत्पादकों को दी खास चेतावनी
बारिश के मौसम में सब्जियों और फलदार पौधों की सुरक्षा के लिए कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों को खेत में जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था करने की सलाह दी है। लापरवाही बरतने पर जड़ें सड़ सकती हैं और फसल पूरी तरह नष्ट हो सकती है।
मात्र 45 रुपये से शुरू किया था सफर, आज बालोद की शान है देवांगन चाट कॉर्नर
छत्तीसगढ़ के बालोद में एक छोटे से ठेले से शुरुआत करने वाले देवांगन चाट कॉर्नर ने अपनी मेहनत और स्वाद के दम पर सफलता की एक नई कहानी लिखी है। आज यह जगह अपने किफायती और लजीज व्यंजनों के लिए पूरे शहर में प्रसिद्ध है।