बालोद के किसान ने सूर्यकुमार यादव को भेंट की 2 लाख की मूर्ति, क्रिकेटर ने तोहफा लौटाकर दिया दिल जीतने वाला संदेश छत्तीसगढ़ 2 घंटे पहले 3
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के एक किसान ने अपनी खेती की कमाई से भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव की एक प्रतिमा बनवाई और उसे भेंट करने मुंबई पहुंचे, जिसके बाद क्रिकेटर की प्रतिक्रिया ने सभी का दिल जीत लिया।

मुंबई तक पहुँचा बालोद के किसान का जुनून

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के देवगहन गांव के निवासी लोकेंद्र साहू का भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव के प्रति लगाव इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। लोकेंद्र ने सूर्यकुमार यादव के खेल और उनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर अपनी खेती से कमाए लगभग 2 लाख रुपए खर्च किए और उनकी एक हूबहू मूर्ति तैयार करवाई। इस खास तोहफे को भेंट करने के लिए लोकेंद्र सीधे मुंबई पहुंचे। यह घटना 14 सितंबर की है, जब सूर्यकुमार यादव का जन्मदिन था।

मूर्ति को देखकर हैरान हुए सूर्यकुमार यादव

लोकेंद्र साहू ने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि मुंबई में सूर्यकुमार यादव के साथ उनकी मुलाकात काफी यादगार रही। जब उन्होंने अपनी मेहनत से बनवाई गई वह प्रतिमा क्रिकेटर को भेंट की, तो सूर्यकुमार यादव उसे देखकर बेहद प्रभावित हुए। क्रिकेटर ने मूर्ति की बारीकियों, उसकी लंबाई, गर्दन की बनावट और सीने की चौड़ाई को गौर से देखा और उसकी प्रशंसा की। सूर्यकुमार यादव ने यह सवाल भी किया कि इतनी सटीकता के साथ उन्होंने यह मूर्ति कैसे तैयार करवाई।

क्रिकेटर ने लौटाया तोहफा, दिया ये भावुक संदेश

हालांकि, सूर्यकुमार यादव ने उस मूर्ति को अपने पास रखने के बजाय लोकेंद्र को वापस सौंप दिया। सूर्यकुमार ने एक बहुत ही प्रेरणादायक सुझाव देते हुए कहा कि इस प्रतिमा को आप अपने गांव ले जाएं और वहां जहां सचिन तेंदुलकर की मूर्ति लगी हुई है, वहीं इसे स्थापित करें। इसके साथ ही उन्होंने लोकेंद्र को आश्वासन दिया कि वे खुद जल्द ही छत्तीसगढ़ आएंगे और उनके गांव पहुंचकर उस प्रतिमा का अनावरण करेंगे। क्रिकेटर की इस सादगी और उनके वादे से लोकेंद्र साहू बेहद खुश हैं और उनके गांव में भी इसे लेकर काफी उत्साह है।

क्यों बनवाई लोकेंद्र ने सूर्यकुमार की प्रतिमा

लोकेंद्र साहू ने बताया कि वे केवल सूर्यकुमार के क्रिकेट कौशल के मुरीद नहीं हैं, बल्कि उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों से भी प्रेरित हैं। विशेष रूप से पहलगाम हमले के बाद एशिया कप के दौरान मैच फीस को शहीदों और प्रभावित परिवारों के कल्याण के लिए दान करने के फैसले ने लोकेंद्र के मन में सूर्यकुमार के प्रति सम्मान को और बढ़ा दिया। इसी सम्मान को व्यक्त करने के लिए उन्होंने खेती की कमाई से 2 लाख रुपए खर्च किए। इस मूर्ति को तैयार करने में लगभग डेढ़ महीने का समय लगा, जिसे बालोद के मूर्तिकार नरेंद्र देवांगन और मध्य प्रदेश के अमरकंटक के जयपाल ठाकुर ने मिलकर आकार दिया है।

शहीदों के सम्मान में भी समर्पित है लोकेंद्र का जीवन

लोकेंद्र साहू ने इससे पहले भी अपने जज्बे का प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपनी खेती की जमीन बेचकर गांव की सड़क के किनारे देश के लिए शहीद हुए 18 जवानों की प्रतिमाएं भी स्थापित करवाई हैं। इन मूर्तियों में कारगिल युद्ध, मुंबई आतंकी हमला, पुलवामा हमला और छत्तीसगढ़ में नक्सली हमलों में बलिदान देने वाले वीरों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया है। लोकेंद्र की अब यही प्रबल इच्छा है कि सूर्यकुमार यादव जल्द से जल्द देवगहन गांव पहुंचें और उनके द्वारा स्थापित इन सभी प्रतिमाओं को देखें और उनका अनावरण करें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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