बीकॉम पास युवक की शानदार पहल: 1 लाख में ऑटो को बनाया चलता-फिरता चाट सेंटर, रोज होती है 3000 की कमाई छत्तीसगढ़ एक घंटा पहले 5
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में रहने वाले बीकॉम ग्रेजुएट पोखन लाल साहू ने नौकरी के बजाय अपने पारिवारिक कारोबार को चुना है। उन्होंने एक पुराने ऑटो को मॉडिफाई करवाकर उसे चलता-फिरता चाट सेंटर बना दिया है, जिससे वे आज हर दिन अच्छी कमाई कर रहे हैं।

नौकरी की तलाश के बजाय आत्मनिर्भर बनने का रास्ता

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के निपानी गांव के रहने वाले युवा पोखन लाल साहू ने युवाओं के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है। अक्सर लोग उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद बड़े दफ्तरों में नौकरी तलाशते हैं, लेकिन पोखन लाल साहू ने इससे इतर अपने पारिवारिक व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का फैसला किया। उन्होंने अपनी पढ़ाई का उपयोग अपने काम को आधुनिक बनाने और उसे एक नई पहचान देने में किया है।

ऑटो को दिया चलता-फिरता रूप

पोखन ने अपने बिजनेस को एक अलग पहचान दिलाने के लिए एक रचनात्मक कदम उठाया। उन्होंने एक पुराना ऑटो खरीदा और उसे मॉडिफाई करवाकर एक चलता-फिरता चाट सेंटर तैयार किया। इस पूरी प्रक्रिया में यानी ऑटो की खरीद और उसे एक व्यवस्थित चाट दुकान के रूप में ढालने में करीब 1 लाख रुपये का खर्च आया। इस नवाचार का सबसे बड़ा लाभ यह है कि पोखन अब एक ही जगह पर टिके रहने के बजाय अपनी जरूरत के अनुसार अलग-अलग बाजारों तक आसानी से पहुंच जाते हैं।

स्वादिष्ट फ्राई चाट की बढ़ती लोकप्रियता

पोखन के इस चलता-फिरता चाट सेंटर की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाजार चौक पर खड़े होने वाले उनके स्टॉल पर ग्राहकों की भीड़ हमेशा बनी रहती है। यहां चाट और गुपचुप की सबसे अधिक मांग रहती है। पोखन का कहना है कि उनकी दुकान पर मिलने वाला फ्राई चाट ग्राहकों को बेहद पसंद आता है और इसकी कीमत महज 20 रुपये है। वे बताते हैं कि चाट तैयार करने से पहले इसमें उपयोग होने वाली सामग्री को बहुत अच्छी तरह से फ्राई किया जाता है, जिसके बाद ही उसे चाट के रूप में पेश किया जाता है। यही विशेष तरीका उनके चाट के स्वाद को बाकी लोगों से अलग बनाता है।

11 सालों से संभाल रहे हैं जिम्मेदारी

इस व्यवसाय के बारे में बात करते हुए पोखन बताते हैं कि इस चाट सेंटर की शुरुआत उनके पिता ने की थी। उन्होंने खुद इस काम की बागडोर करीब 11 साल पहले संभाली थी। उस समय से ही उन्होंने धीरे-धीरे इस काम को अपने नए नजरिए और आधुनिक तरीकों से आगे बढ़ाना शुरू किया। बीकॉम की पढ़ाई पूरी करने के बावजूद, उन्होंने कभी नौकरी को अपना लक्ष्य नहीं बनाया, बल्कि अपने परिवार के पहले से चल रहे काम को ही अपना करियर मानकर उसे विस्तार देने पर ध्यान केंद्रित किया।

कमाई और कार्यशैली

पोखन लाल साहू अपनी दिनचर्या के बारे में बताते हैं कि वे रोजाना दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक अपना चाट सेंटर लगाते हैं। उनकी मेहनत का ही परिणाम है कि वे इस काम से रोजाना 3000 रुपये से अधिक की कमाई कर लेते हैं। मुख्य स्थान के अलावा, वे आसपास के चार से पांच बाजारों में जाकर भी चाट और गुपचुप की बिक्री करते हैं। पोखन की यह कहानी यह स्पष्ट करती है कि यदि युवा छोटे स्तर के व्यवसाय को भी रचनात्मकता और मेहनत के साथ जोड़ें, तो न केवल वे अपनी आजीविका चला सकते हैं, बल्कि समाज में अपनी एक अलग पहचान भी बना सकते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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