उपनाम: आत्मनिर्भरता
सफलता की कहानी: एक गाय से शुरू किया सफर, आज सीतामढ़ी की समिता बन गईं आत्मनिर्भर
बिहार के सीतामढ़ी की रहने वाली समिता देवी ने केवल एक गाय के साथ पशुपालन की शुरुआत की थी, जो आज एक सफल व्यवसाय बन चुका है। अपनी सूझबूझ और मेहनत के दम पर वह हर महीने हजारों रुपये की कमाई कर रही हैं और अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए एक मिसाल पेश कर रही हैं।
लखीमपुर खीरी: माया प्रेरणा समूह की राम बेटी ने बदली तकदीर, चाय-पराठे की कैंटीन से कमा रहीं हर दिन 2500 रुपये
लखीमपुर खीरी की राम बेटी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर साल 2017 में एक छोटी सी कैंटीन शुरू की थी, जो आज उनके आत्मनिर्भर बनने का जरिया बन गई है। उनकी सफलता की कहानी उन तमाम महिलाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है जो अपने पैरों पर खड़े होने का सपना देखती हैं।
बागेश्वर के बागनाथ मंदिर के पास 40 साल से दुकान चला रहीं दो महिलाएं बनीं आत्मनिर्भरता की अनूठी मिसाल
उत्तराखंड के बागेश्वर में बागनाथ मंदिर के सामने पिछले 40 सालों से दुकान चला रहीं मंजू गोस्वामी और पूजा देवी अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन चुकी हैं।
खंडवा के खेड़ी गांव में सहजन ने बदली तस्वीर, महिलाओं ने खड़ा किया लाखों का कारोबार
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के खेड़ी गांव की 25 से अधिक महिलाओं ने सहजन (मोरिंगा) की खेती को सफल ग्रामीण उद्यम में बदलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।
दरभंगा के नवीन ने आंगन में उगाई शुद्ध परवल, 6 महीने से नहीं गए बाजार, पूरा परिवार खा रहा ताजी सब्जी
दरभंगा के नवीन कुमार पांडे ने घर के दरवाजे की खाली जमीन पर परवल की बेल लगाई और बीते 6 महीने से उनका 10 लोगों का परिवार बिना बाजार गए ताजी, केमिकल-मुक्त परवल खा रहा है।
भरतपुर की महिलाओं ने पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल, घर पर ही बना रहीं साबुन और फिनाइल
भरतपुर जिले की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर फिनाइल, हैंडवॉश और साबुन जैसे घरेलू उत्पाद तैयार कर रही हैं और घर के कामकाज के साथ अतिरिक्त आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
मुफ्त प्रशिक्षण से संवरी जिंदगी! मुरादाबाद की इन महिलाओं ने घर बैठे शुरू किया लाखों का कारोबार, हो रही शानदार आमदनी
मुरादाबाद की महिलाओं के एक स्वयं सहायता समूह ने मुफ्त ट्रेनिंग के दम पर हस्तशिल्प और सिलाई-कढ़ाई का कारोबार खड़ा कर लिया है। हर महीने यह समूह लाखों रुपये की कमाई कर रहा है और हर महिला 10 से 15 हजार रुपये कमा रही है।
दादी-नानी की रेसिपी से उपजा सपना, अब फल-फूल रहा है कारोबार
रांची की 55 वर्षीय पूनम देवी ने पारंपरिक पापड़, बड़ी, चिरौरी और अचार बनाने को व्यवसाय का रूप दिया, जिनके उत्पाद अब देश-विदेश तक पहुंच रहे हैं।
देवाश्रय गौशाला: फरीदाबाद में बेजुबानों को नया जीवन और महिलाओं को रोजगार
फरीदाबाद की देवाश्रय गौशाला घायल और बेसहारा पशुओं को 24 घंटे इलाज और आश्रय देती है, साथ ही गांवों की महिलाओं और दिव्यांग बच्चों को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना रही है।
वैशाली के मधुरापुर में महिलाओं ने थामी डेयरी की बागडोर, बदल रही गांव की तस्वीर
वैशाली जिले के मधुरापुर गांव की महिलाएं दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति से जुड़कर डेयरी उद्योग की कमान संभाल रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। इस पहल ने न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ाई है, बल्कि पूरे गांव की सूरत भी बदल दी है।
अधिकारियों ने टाली समस्या, नेता रहे बेखबर — गांव वालों ने खुद खोद डाला तालाब, बन गए 'दशरथ मांझी'
पन्ना जिले के आदिवासी बहुल जैतुपुरा गांव में वर्षों के जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद न मिलने पर खुद श्रमदान और चंदे से करीब चार लाख रुपये जुटाकर तालाब बना डाला। यह सामूहिक प्रयास पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गया है।
AI चाहे जितना स्मार्ट हो, ये 5 इंसानी गुण उसके बस में नहीं! बच्चों में आज से डालें ये आदतें
AI के बढ़ते दौर में भावनात्मक समझ, आलोचनात्मक सोच, अनुकूलन क्षमता, रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता जैसे कौशल बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करते हैं। बचपन से विकसित किए गए ये गुण उन्हें तकनीक से आगे बढ़कर जीवन में सफल बनाने में मदद करते हैं।
दोस्त से मिली एक बेल ने बदली तस्वीर, दरभंगा का परिवार 6 महीने से खा रहा घर की उगाई परवल
दरभंगा के नवीन कुमार पांडे ने आंगन में परवल की बेल लगाई और पिछले 6 महीने से उनका परिवार बाजार से बिना परवल खरीदे रोज ताजी और शुद्ध सब्जी खा रहा है। बिना रासायनिक खाद के उगी यह परवल सेहत के साथ-साथ बचत का भी जरिया बन गई है।
रिश्ते में हर बात बताना ज़रूरी नहीं! चाणक्य नीति कहती है—पार्टनर से छुपाकर रखें ये बातें
रिश्ते में दिलचस्प और रहस्यमय बने रहने के लिए चालाकी या दिखावे की नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सीमाओं की ज़रूरत है। आचार्य चाणक्य की सीख बताती है कि कुछ बातें अनकही रखने में ही असली आकर्षण छुपा है।
मजाक में लगी थी पहली हाट, अब हर गुरुवार हजारों का कारोबार — महिलाओं ने रची आत्मनिर्भरता की कहानी
चैनपुर के चेडाबार गांव में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा 2022 में शुरू किया गया ग्रामीण हाट आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गया है, जहां हर गुरुवार सब्जियों से लेकर रोजमर्रा का सामान बिकता है।