उपनाम: आत्मनिर्भरता
दादी-नानी की रेसिपी से उपजा सपना, अब फल-फूल रहा है कारोबार
रांची की 55 वर्षीय पूनम देवी ने पारंपरिक पापड़, बड़ी, चिरौरी और अचार बनाने को व्यवसाय का रूप दिया, जिनके उत्पाद अब देश-विदेश तक पहुंच रहे हैं।
देवाश्रय गौशाला: फरीदाबाद में बेजुबानों को नया जीवन और महिलाओं को रोजगार
फरीदाबाद की देवाश्रय गौशाला घायल और बेसहारा पशुओं को 24 घंटे इलाज और आश्रय देती है, साथ ही गांवों की महिलाओं और दिव्यांग बच्चों को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना रही है।
वैशाली के मधुरापुर में महिलाओं ने थामी डेयरी की बागडोर, बदल रही गांव की तस्वीर
वैशाली जिले के मधुरापुर गांव की महिलाएं दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति से जुड़कर डेयरी उद्योग की कमान संभाल रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। इस पहल ने न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ाई है, बल्कि पूरे गांव की सूरत भी बदल दी है।
अधिकारियों ने टाली समस्या, नेता रहे बेखबर — गांव वालों ने खुद खोद डाला तालाब, बन गए 'दशरथ मांझी'
पन्ना जिले के आदिवासी बहुल जैतुपुरा गांव में वर्षों के जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद न मिलने पर खुद श्रमदान और चंदे से करीब चार लाख रुपये जुटाकर तालाब बना डाला। यह सामूहिक प्रयास पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गया है।
AI चाहे जितना स्मार्ट हो, ये 5 इंसानी गुण उसके बस में नहीं! बच्चों में आज से डालें ये आदतें
AI के बढ़ते दौर में भावनात्मक समझ, आलोचनात्मक सोच, अनुकूलन क्षमता, रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता जैसे कौशल बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करते हैं। बचपन से विकसित किए गए ये गुण उन्हें तकनीक से आगे बढ़कर जीवन में सफल बनाने में मदद करते हैं।
दोस्त से मिली एक बेल ने बदली तस्वीर, दरभंगा का परिवार 6 महीने से खा रहा घर की उगाई परवल
दरभंगा के नवीन कुमार पांडे ने आंगन में परवल की बेल लगाई और पिछले 6 महीने से उनका परिवार बाजार से बिना परवल खरीदे रोज ताजी और शुद्ध सब्जी खा रहा है। बिना रासायनिक खाद के उगी यह परवल सेहत के साथ-साथ बचत का भी जरिया बन गई है।
रिश्ते में हर बात बताना ज़रूरी नहीं! चाणक्य नीति कहती है—पार्टनर से छुपाकर रखें ये बातें
रिश्ते में दिलचस्प और रहस्यमय बने रहने के लिए चालाकी या दिखावे की नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सीमाओं की ज़रूरत है। आचार्य चाणक्य की सीख बताती है कि कुछ बातें अनकही रखने में ही असली आकर्षण छुपा है।
मजाक में लगी थी पहली हाट, अब हर गुरुवार हजारों का कारोबार — महिलाओं ने रची आत्मनिर्भरता की कहानी
चैनपुर के चेडाबार गांव में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा 2022 में शुरू किया गया ग्रामीण हाट आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गया है, जहां हर गुरुवार सब्जियों से लेकर रोजमर्रा का सामान बिकता है।
अचार और नमकीन से आत्मनिर्भरता की राह, इन महिलाओं के स्वाद का बढ़ता जा रहा है क्रेज
बिलासपुर के चिस्दा गांव की मां शैलपुत्री महिला स्वयं सहायता समिति की 10 महिलाएं घर पर तैयार आम-नींबू के अचार और नमकीन से नियमित आमदनी कमा रही हैं। बिहान योजना के तहत लिए गए करीब 3.5 लाख रुपये के लोन से शुरू हुआ यह छोटा कारोबार आज इनकी पहचान बन गया है।
अचार के हुनर से बदली मुरादाबाद की महिलाओं की तकदीर, घर बैठे हो रही हजारों की कमाई
मुरादाबाद की शारदा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं पारंपरिक तरीके से बिना प्रिजरवेटिव वाला लहसुन का अचार बना रही हैं, जिसकी बाजार में बढ़ती मांग ने उन्हें आत्मनिर्भर बना दिया है। समूह की 10 से 12 महिलाएं हर महीने 12 से 13000 रुपये तक कमा रही हैं।