अधिकारियों ने टाली समस्या, नेता रहे बेखबर — गांव वालों ने खुद खोद डाला तालाब, बन गए 'दशरथ मांझी' मध्य प्रदेश 3 महीने पहले 53
पन्ना जिले के आदिवासी बहुल जैतुपुरा गांव में वर्षों के जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद न मिलने पर खुद श्रमदान और चंदे से करीब चार लाख रुपये जुटाकर तालाब बना डाला। यह सामूहिक प्रयास पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गया है।

जो काम सदियों पहले 'माउंटेन मैन' के नाम से मशहूर दशरथ मांझी ने अकेले दम पर कर दिखाया था, वैसी ही मिसाल पन्ना जिले के एक गांव के लोगों ने पेश की है। जिले के आदिवासी बहुल कल्दा पठार क्षेत्र की ग्राम पंचायत सगरा के जैतुपुरा गांव में ग्रामीणों ने नेताओं और अधिकारियों के पास बार-बार चक्कर लगाए, लेकिन किसी ने उनकी समस्या का हल नहीं निकाला। आखिरकार पानी की किल्लत से तंग आकर ग्रामीणों ने खुद ही तालाब खोद डाला।

एकजुटता और आत्मनिर्भरता की मिसाल

जैतुपुरा गांव के लोगों ने सामूहिक प्रयास और आत्मनिर्भरता की ऐसी मिसाल कायम की है, जो पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गई है। वर्षों से जल संकट झेल रहे इन ग्रामीणों को जब शासन-प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली, तो उन्होंने तालाब निर्माण का बीड़ा खुद उठा लिया। उन्होंने श्रमदान किया, आपस में चंदा इकट्ठा किया और जेसीबी मशीन से तालाब की खुदाई करवा दी।

अब गांव में एक बड़ा तालाब बनकर तैयार हो चुका है, जिससे आने वाले समय में जल संकट से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। पेयजल की कमी के साथ-साथ मवेशियों के लिए पानी की समस्या से लंबे समय से परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार अपनी तकदीर खुद बदलने का फैसला किया।

बार-बार मांग के बावजूद नहीं हुई सुनवाई

ग्रामीणों के मुताबिक, उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत स्तर पर तालाब निर्माण और पुराने जल स्रोतों के गहरीकरण की मांग रखी। पंचायत में इसके लिए प्रस्ताव दिए गए और शिकायतें भी दर्ज कराई गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद गांव के लोगों ने बैठक करके खुद तालाब बनाने का निर्णय लिया।

चंदे से जुटाए करीब चार लाख रुपये

शुरुआत में ग्रामीणों ने श्रमदान कर तालाब की खुदाई शुरू की, लेकिन गहरीकरण के लिए मशीनों की जरूरत महसूस हुई। तब गांव के लोगों ने आपस में चंदा एकत्र किया। किसी ने दो हजार रुपये दिए तो किसी ने चार हजार रुपये का सहयोग किया। इस तरह करीब चार लाख रुपये जुटाए गए और जेसीबी मशीन बुलाकर तालाब की गहरी खुदाई करवाई गई।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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