जमशेदपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित जाइदा मंदिर क्षेत्र इन दिनों लॉन्ग ड्राइव और पिकनिक के लिए लोकप्रिय बनता जा रहा है। स्वर्णरेखा नदी, चारों ओर फैली हरियाली और शांत माहौल यहां आने वाले पर्यटकों को खूब लुभाते हैं।
रांची रेलवे स्टेशन से सिर्फ 4 किलोमीटर के दायरे में धुरवा डैम, जगन्नाथ मंदिर, चुटिया का 300 साल पुराना राधा-कृष्ण मंदिर और नौका विहार जैसे शानदार पर्यटन स्थल मौजूद हैं। ट्रेन लेट होने पर इन जगहों की सैर आपके सफर को यादगार बना सकती है।
गर्मियों में राहत और स्वाद दोनों देने वाला अवध का पारंपरिक मट्ठा बड़ा घर पर बेहद आसानी से बनाया जा सकता है। जानिए इसे तैयार करने की पूरी विधि।
चावल के आटे, गेहूं के आटे और ताजी मूली से बनने वाला यह छत्तीसगढ़िया मूली पराठा गर्मियों के नाश्ते के लिए स्वादिष्ट और पौष्टिक विकल्प है। जानें इसे बनाने की पूरी विधि।
पलामू जिला मुख्यालय के करीब करीब 501 फीट ऊंचा चियांकी पहाड़ और उसके नीचे बना चियांकी पार्क गर्मियों में बड़ा पर्यटन और पिकनिक स्थल बन गया है। प्राकृतिक सुंदरता, भोलेनाथ की गुफा और आधुनिक सुविधाएं मई-जून में यहां पर्यटकों की भीड़ खींचती हैं।
साधारण आलू की सब्जी से हटकर अगर कुछ खास बनाना है तो बिहारी अंदाज में तैयार कश्मीरी दम आलू बेहतरीन विकल्प है। दही की खटास, कश्मीरी मिर्च का रंग और देसी घी का तड़का इसे खास पहचान देता है।
गर्मियों में घर पर चींटियों का जमावड़ा आम है, लेकिन सफेद सिरका, नींबू, लौंग, दालचीनी, टेलकम पाउडर और पुदीने के तेल जैसे रसोई में मौजूद चीजों से बिना किसी केमिकल के इनसे छुटकारा पाया जा सकता है। साफ-सफाई बनाए रखने पर इन उपायों का असर और भी बढ़ जाता है।
कुछ लोग शौक से तो कुछ मजबूरी में देर रात तक जागते हैं। मनोविज्ञान के मुताबिक यह आदत व्यक्ति की सोच, जीवनशैली और बॉडी क्लॉक से गहराई से जुड़ी होती है।
पूर्वोत्तर भारत के मेघालय में मौजूद 'क्रेम लियात प्राह' दक्षिण एशिया की सबसे लंबी प्राकृतिक गुफा मानी जाती है, जिसके 34 किलोमीटर से अधिक हिस्से का अब तक सर्वेक्षण हो चुका है।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बसा कल्पा एक ऐसा पहाड़ी कस्बा है जहां एक ही दिन में धूप, बादल और ठंडी हवाओं का अनुभव होता है। गर्मियों में सुकून और प्राकृतिक नजारों की तलाश करने वालों के लिए यह बेहतरीन विकल्प है।
मानसून और पकौड़ों का नाता भारत में बेहद गहरा है। आखिर बरसात में ही गरमा-गरम पकौड़े खाने की चाहत इतनी तेज़ क्यों हो जाती है, इसके पीछे विज्ञान और मनोविज्ञान दोनों की दिलचस्प भूमिका है।
छतरपुर जिले में जून के महीने में कमल ककड़ी नाम की सब्जी बाजार में आती है, जिसे क्षेत्रीय भाषा में भसीड़ा कहते हैं। आलू जैसी बनावट और हल्के मीठे, नारियल जैसे स्वाद वाली यह सब्जी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है।
अगर बनाने के कुछ ही घंटों बाद रोटियां कड़क हो जाती हैं, तो आटा गूंथते समय थोड़ा दूध मिलाना कारगर उपाय है। सही तरीके से आटा गूंथना, रोटी सेंकना और स्टोर करना भी उन्हें देर तक ताजा बनाए रखता है।
चाय में नमक डालने से उसका स्वाद तो बदल जाता है, लेकिन सेहत के लिहाज़ से यह आदत फायदेमंद नहीं मानी जाती। ज़्यादा नमक शरीर में सोडियम बढ़ाकर ब्लड प्रेशर और दिल पर बुरा असर डाल सकता है।
प्याज के रस में मौजूद सल्फर और एंटीऑक्सीडेंट्स स्कैल्प की सेहत और बालों की मजबूती में मददगार माने जाते हैं। सही तरीके से लगाने पर यह बालों की कई समस्याओं से राहत दिला सकता है।
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