हिमाचल का वो हिल स्टेशन जहां एक ही दिन में दिखते हैं तीन मौसम, गर्मियों की सैर के लिए शानदार ठिकाना जीवनशैली 45 मिनट पहले 2
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बसा कल्पा एक ऐसा पहाड़ी कस्बा है जहां एक ही दिन में धूप, बादल और ठंडी हवाओं का अनुभव होता है। गर्मियों में सुकून और प्राकृतिक नजारों की तलाश करने वालों के लिए यह बेहतरीन विकल्प है।

गर्मियों की छुट्टियों में अगर आप ऐसी जगह जाना चाहते हैं जहां खूबसूरत पहाड़ों के साथ-साथ एक अनोखा मौसम भी मिले, तो हिमाचल प्रदेश का कल्पा आपके लिए शानदार ठिकाना साबित हो सकता है। किन्नौर जिले में बसा यह हिल स्टेशन इस बात के लिए मशहूर है कि यहां एक ही दिन में धूप, बादल और ठंडी हवाओं का स्वाद चखने को मिल जाता है।

समुद्र तल से करीब 2,960 मीटर की ऊंचाई पर बसा यह छोटा-सा पहाड़ी कस्बा अपने बदलते मिजाज और मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों के लिए पहचाना जाता है। आमतौर पर लोग छुट्टियों में ऐसी जगह ढूंढते हैं जहां मौसम सुहावना हो, भीड़भाड़ कम हो और कुदरत के नजदीक रहने का मौका मिले—कल्पा इन सभी कसौटियों पर खरा उतरता है।

एक दिन में तीन मौसम का मजा

कई पर्यटकों का कहना है कि यहां दिन भर में मौसम कई बार करवट बदलता है। सुबह तेज धूप खिली रहती है, दोपहर तक आसमान में बादल छा जाते हैं और हल्की बारिश हो जाती है, जबकि शाम ढलते-ढलते ठंडी हवाएं चलने लगती हैं और सर्दी जैसा एहसास होने लगता है। यही कारण है कि लोग मजाक में कहते हैं कि कल्पा में एक ही दिन में तीन मौसम देखे जा सकते हैं।

कल्पा हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच बसा है और इसकी भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां मौसम तेजी से बदल जाता है। ऊंचे पहाड़, बर्फ से ढकी चोटियां और घाटियों से आने वाली हवाएं तापमान में अचानक बदलाव ले आती हैं। गर्मी के महीनों में भी यहां का मौसम मैदानी इलाकों की तुलना में कहीं अधिक ठंडा और आरामदेह बना रहता है, इसीलिए मई से जुलाई के बीच यह जगह सैलानियों की पसंदीदा बन जाती है।

किन्नर कैलाश के दिलकश नजारे

कल्पा से किन्नर कैलाश पर्वत श्रृंखला का बेहद खूबसूरत दृश्य देखने को मिलता है। सूर्योदय के समय पहाड़ों पर बिखरती सुनहरी रोशनी और शाम के वक्त बदलते रंग पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। साफ मौसम में बर्फ से ढकी चोटियां बेहद आकर्षक नजर आती हैं। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं मानी जाती।

सेब के बाग और शांत वातावरण

कल्पा सिर्फ अपने अनूठे मौसम के लिए ही नहीं, बल्कि सेब के बागों के लिए भी जाना जाता है। चारों ओर फैले हरे-भरे बाग और पारंपरिक पहाड़ी घर इस जगह की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं। बड़े पर्यटन केंद्रों की तुलना में यहां अपेक्षाकृत कम भीड़ रहती है, इसलिए प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताने का बेहतरीन मौका मिलता है।

गर्मियों में क्यों चुनें कल्पा

जब उत्तर भारत के कई शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है, तब कल्पा का मौसम बेहद सुहावना बना रहता है। यही वजह है कि गर्मी से राहत पाने के इच्छुक यात्रियों के लिए यह जगह आदर्श मानी जाती है।

कैसे पहुंचें कल्पा

दिल्ली से किन्नौर जिले में बसे कल्पा तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग सबसे सुविधाजनक माना जाता है। यह जगह दिल्ली से करीब 560 से 600 किलोमीटर दूर है। यात्री दिल्ली से चंडीगढ़, शिमला, नारकंडा, रामपुर और रिकांगपिओ होते हुए कल्पा पहुंच सकते हैं। इस सफर में आमतौर पर 12 से 15 घंटे का समय लगता है। बस से यात्रा करने वाले लोग पहले रिकांगपिओ पहुंच सकते हैं, जहां से कल्पा की दूरी करीब 12 किलोमीटर है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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