साल में सिर्फ 1 महीने बिकती है यह खास सब्जी, खरीदने के लिए टूट पड़ते हैं लोग; जानें स्वाद और फायदे जीवनशैली 49 मिनट पहले 2
छतरपुर जिले में जून के महीने में कमल ककड़ी नाम की सब्जी बाजार में आती है, जिसे क्षेत्रीय भाषा में भसीड़ा कहते हैं। आलू जैसी बनावट और हल्के मीठे, नारियल जैसे स्वाद वाली यह सब्जी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है।

छतरपुर जिले में जून का महीना आते ही बाजार में एक ऐसी खास सब्जी बिकनी शुरू हो जाती है, जिसे खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है। यही वजह है कि यह कुछ ही घंटों में बाजार से गायब हो जाती है। अपने बेहतरीन स्वाद के लिए मशहूर इस सब्जी को कमल ककड़ी कहा जाता है, जबकि क्षेत्रीय भाषा में इसे भसीड़ा के नाम से पुकारा जाता है। खास बात यह है कि यह साल में केवल 1 महीने तक ही बाजार में नजर आती है।

नहीं होती कोई स्थायी दुकान

इस सब्जी को बेचने की कोई पक्की या स्थायी दुकान नहीं होती। इसे खरीदने के लिए लोगों को शहर में घूम-घूमकर तलाश करनी पड़ती है। छतरपुर बाजार में कमल ककड़ी बेचने वाले राजू बताते हैं कि वह हर साल केवल 1 महीने के लिए इसका कारोबार शुरू करते हैं, क्योंकि यह कम मात्रा में मिलती है और इसकी मांग काफी ज्यादा रहती है।

पानी के भीतर होती है खुदाई

राजू के मुताबिक इस मौसम में तालाबों का पानी कम हो जाता है, जिससे कमल की जड़ खोदना आसान हो जाता है। उनका कहना है कि कमल ककड़ी की पैदावार पानी में ही होती है और इसकी खुदाई भी पानी के अंदर ही करनी पड़ती है। यह जमीन से करीब एक से डेढ़ फुट नीचे तक फैली रहती है। राजू बताते हैं कि वह खुद गांव के लोगों से इसे मंगवाते हैं। जून के महीने में यह छतरपुर बाजार में आना शुरू होती है, मगर इसे बेचने वाले गिने-चुने लोग ही दिखाई देते हैं। उनकी कोई पक्की दुकान न होने के कारण वह अपनी जगह बदलते रहते हैं और फिलहाल ठेले पर इसे बेच रहे हैं।

कुछ ही घंटों में बिक जाती है

राजू इसे 70 से 80 रुपए किलो के भाव से फुटकर बेच रहे हैं। उनका कहना है कि कमल ककड़ी की मांग इतनी अधिक है कि बाजार में आते ही यह कुछ ही घंटों में बिक जाती है। फिलहाल इसका भाव तेज चल रहा है। राजू बताते हैं कि वह खुद गांव से शहर तक 45 से 50 रुपए किलो के दाम पर इसे मंगवाते हैं और इसके बाद 70 से 80 रुपए किलो में बेचते हैं। उनका भरोसा है कि ठेले पर मौजूद पूरी सब्जी बिक जाएगी।

बनती है लाजवाब सब्जी

राजू के अनुसार कमल ककड़ी सूखी खाने में भी स्वादिष्ट लगती है और इसकी सब्जी बनाकर खाने में भी इसका स्वाद बेहद लाजवाब रहता है। इसकी बढ़ती मांग के पीछे इसकी सब्जी का यही शानदार स्वाद है। साथ ही यह बाजार में मुश्किल से 1 महीने ही उपलब्ध रहती है, इसलिए लोग इसे खरीदने के लिए टूट पड़ते हैं।

कमल ककड़ी के फायदे

डॉ. आरसी द्विवेदी बताते हैं कि कमल ककड़ी सेहत का खजाना मानी जाती है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा यह कब्ज से बचाव करती है और कोलेस्ट्रॉल को भी घटाती है।

उनके अनुसार इसका रस निकालकर मुंह, हाथ और पैरों पर लगाने से वे फटते नहीं हैं और चेहरे की सुंदरता भी बढ़ती है। इसमें भरपूर विटामिन-सी होने के कारण यह इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है, जिससे संक्रमण से बचाव होता है। इसके सेवन से हड्डियां भी मजबूत बनती हैं।

क्या है कमल ककड़ी?

कमल ककड़ी की बनावट आलू की तरह होती है और इसका स्वाद थोड़ा मीठा तथा नारियल जैसा होता है। इसमें विटामिन, खनिज और फाइटोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं, जिनमें पोटेशियम, फास्फोरस, तांबा, लोहा और मैंग्नीज के साथ-साथ थियामिन, पैंटोफेनीक एसिड, जस्ता, विटामिन बी6 और विटामिन सी शामिल हैं। इसके अलावा यह फाइबर और प्रोटीन का भी एक बेहद महत्वपूर्ण स्रोत है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!