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5 घंटे पहले
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रक्षाबंधन 2026: तिथि और राखी का शुभ मुहूर्त
हिंदू धर्म में सावन माह की पूर्णिमा का विशेष महत्व है, जिस दिन रक्षाबंधन का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2026 के पंचांग के अनुसार, सावन पूर्णिमा तिथि का शुभारंभ 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट से होगा, जबकि इसका समापन 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा। उदयातिथि की मान्यता के आधार पर, इस वर्ष रक्षाबंधन का उत्सव 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। यदि आप राखी बांधने के लिए शुभ समय की तलाश में हैं, तो पंचांग के अनुसार यह मुहूर्त सुबह 6 बजकर 23 मिनट से शुरू होकर सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक प्रभावी रहेगा।
चंद्र ग्रहण का समय और प्रभाव
इस बार रक्षाबंधन की तारीख पर चंद्र ग्रहण का साया भी पड़ रहा है। भारतीय मानक समय के मुताबिक, यह खगोलीय घटना 28 अगस्त को सुबह 6 बजकर 53 मिनट पर प्रारंभ होगी और दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर इसकी समाप्ति होगी। यह एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा का एक बड़ा भाग पृथ्वी की छाया के भीतर ओझल हो जाएगा। यह वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण है। हालांकि, ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए इसका सूतक काल भी देश में मान्य नहीं रहेगा। अतः रक्षाबंधन के त्योहार पर ग्रहण का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा और आप बिना किसी संकोच के राखी बांधने का कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं।
ग्रहण के दौरान दान का पुण्य फल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण की अवधि में शुभ कार्यों की मनाही होती है, लेकिन इस दौरान किए गए दान को अत्यंत फलदायी माना गया है। यदि आप ग्रहण के समय दान करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित वस्तुओं को प्राथमिकता दे सकते हैं:
- चंद्र ग्रहण के अवसर पर सफेद वस्तुओं का दान अत्यधिक शुभ माना जाता है। इसमें आप चावल, चीनी और दूध जैसी सफेद सामग्री का चुनाव कर सकते हैं।
- अपनी सामर्थ्य के अनुसार गरीब और जरूरतमंद लोगों को धन का दान करना चाहिए, जिससे मानसिक शांति और पुण्य की प्राप्ति होती है।
- जल और जल से भरे पात्र का दान करने से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।
- जरूरतमंदों को वस्त्र दान करना भी बहुत कल्याणकारी माना गया है। मान्यता है कि वस्त्र दान करने से भाग्य का साथ मिलता है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
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