सावन के आखिरी सोमवार को ऐसे करें महादेव की आराधना, जानें पूजा की संपूर्ण विधि और खास नियम धर्म 5 घंटे पहले 2
सावन का आखिरी सोमवार महादेव की भक्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है, जिसमें विधि-विधान से की गई पूजा से मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं। इस दिन के शुभ मुहूर्त और व्रत के नियमों के बारे में विस्तार से जानें।

सावन के अंतिम सोमवार का महत्व

24 अगस्त 2024 को सावन महीने का चौथा और अंतिम सोमवार है। हिंदू शास्त्रों में सावन के सोमवार का विशेष आध्यात्मिक महत्व बताया गया है। इस दिन भगवान शिव की विधिवत पूजा और व्रत करने से भक्तों को जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि सावन के अंतिम सोमवार का व्रत रखने से सुयोग्य जीवनसाथी की कामना भी पूरी होती है। यदि आप भी इस दिन शिव जी को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो पूजा की सही विधि और नियमों का पालन करना बहुत आवश्यक है।

पूजा के लिए आवश्यक सामग्री

  • शुद्ध गंगाजल
  • दूध, दही और शहद
  • बेलपत्र (तीन पत्तियों वाला)
  • भांग और धतूरा
  • चंदन और अक्षत (चावल)
  • सफेद फूल
  • धूप और दीपक

भगवान शिव की पूजा विधि

  • सबसे पहले शिवलिंग पर जल और गंगाजल अर्पित करें।
  • इसके बाद दूध, दही और शहद से शिवलिंग का अभिषेक करें।
  • शिवलिंग पर चंदन लगाएं, अक्षत चढ़ाएं और साथ ही भांग, धतूरा, सफेद फूल और तीन पत्तियों वाला बेलपत्र अर्पित करें।
  • शिवलिंग के समक्ष धूप और दीपक प्रज्वलित करें।
  • पूरे श्रद्धाभाव से ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।
  • भगवान शिव को फलों का भोग अर्पित करें।
  • पूजा के अंत में शिव चालीसा का पाठ करें और व्रत कथा पढ़ें।
  • भगवान शिव की आरती करें और पुनः मंत्रों का उच्चारण करें।

सावन सोमवार व्रत के प्रमुख नियम

  • व्रत के दौरान नमक का सेवन बिल्कुल न करें।
  • संभव हो तो शिवालय जाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करें।
  • जल या दूध अर्पित करने के लिए हमेशा तांबे, पीतल या चांदी के लोटे का ही उपयोग करें।
  • भोजन में लहसुन और प्याज का पूर्ण त्याग करें।
  • बेलपत्र चढ़ाते समय ध्यान रखें कि उसका चिकना हिस्सा शिवलिंग की तरफ हो।

सावन सोमवार 2026 पूजा के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: 04:27 ए एम से 05:11 ए एम
  • प्रातः सन्ध्या: 04:49 ए एम से 05:55 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त: 11:57 ए एम से 12:49 पी एम
  • विजय मुहूर्त: 02:33 पी एम से 03:24 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त: 06:52 पी एम से 07:14 पी एम
  • सायाह्न सन्ध्या: 06:52 पी एम से 07:58 पी एम

शिव उपासना के प्रभावी मंत्र

  1. ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः
  2. ॐ नमः शिवाय
  3. ॐ साम्ब सदाशिवाय नम:
  4. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
  5. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

व्रत में खान-पान संबंधी निर्देश

व्रत के दौरान आहार का चयन सावधानी से करना चाहिए। आप फल जैसे केला, सेब और पपीता ले सकते हैं। इसके अलावा दूध, दही, साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू या सिंघाड़े का आटा और मखाने का सेवन किया जा सकता है। वहीं, अनाज, नमक, लहसुन, प्याज और किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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