क्या आपको भी होता है सिरदर्द के साथ चक्कर आना? जानिए इसके पीछे छिपे गंभीर कारण स्वास्थ्य 2 घंटे पहले 3
सिरदर्द और चक्कर आना सामान्य लग सकते हैं, लेकिन ये माइग्रेन या एनीमिया जैसी समस्याओं के संकेत हो सकते हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय रहते डॉक्टर से सलाह लें।

सिरदर्द और चक्कर आने को न करें अनदेखा

अक्सर लोग सिरदर्द और चक्कर आने की समस्या को महज थकान या नींद पूरी न होने का नतीजा मानकर टाल देते हैं। हालांकि, ये दोनों लक्षण जब एक साथ सामने आते हैं, तो यह शरीर में किसी छिपी हुई स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। फोर्टिस, नोएडा में न्यूरोलॉजी विभाग की निदेशक डॉ. ज्योति बाला शर्मा के अनुसार, ऐसी स्थिति में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। कभी-कभी यह माइग्रेन का परिणाम होता है, तो कभी यह शरीर में पानी की कमी या रक्तचाप में असंतुलन की वजह से भी हो सकता है।

वेस्टिबुलर माइग्रेन का खतरा

माइग्रेन का मतलब सिर्फ सिर में तेज दर्द होना ही नहीं है। कई मरीजों में इसे वेस्टिबुलर माइग्रेन के तौर पर देखा जाता है, जिसमें सिरदर्द के साथ-साथ चक्कर आना, शरीर का संतुलन बिगड़ना, जी मिचलाना और तेज रोशनी या शोर से परेशानी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। यह स्थिति दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।

रक्तचाप और पोषण की कमी

रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर में गिरावट आना भी चक्कर आने का एक बड़ा कारण है, खासकर जब आप अचानक उठते हैं। इसके अलावा, डिहाइड्रेशन या शरीर में पानी की कमी होने पर भी सिरदर्द और सुस्ती महसूस होती है। लंबे समय तक खाली पेट रहना या ब्लड शुगर का स्तर कम हो जाना भी इन लक्षणों को जन्म दे सकता है, जिसे तुरंत सुधारने की जरूरत होती है।

कान की बीमारी और एनीमिया

हमारे कान के भीतर संतुलन बनाए रखने वाला तंत्र होता है, जिसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने से चक्कर आने लगते हैं। साथ ही, शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी यानी एनीमिया भी इन लक्षणों का प्रमुख कारक है। एनीमिया की स्थिति में कमजोरी और थकान के साथ सिरदर्द और चक्कर आने की शिकायत आम हो जाती है।

डॉक्टर को कब दिखाएं

अगर आपका सिरदर्द अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाए या इसके साथ निम्नलिखित लक्षण दिखें, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें:

  • बोलने में कठिनाई महसूस होना।
  • शरीर के किसी विशेष हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन का अहसास होना।
  • दृष्टि में अचानक बदलाव आना।
  • चलने में लड़खड़ाना या बेहोशी महसूस करना।

ये सभी संकेत स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याओं की ओर इशारा कर सकते हैं।

बचाव के लिए क्या करें

स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, समय पर संतुलित भोजन करें और नींद पूरी करें। यदि चक्कर और सिरदर्द बार-बार हो रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से मिलें। डॉक्टर आपको ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और हीमोग्लोबिन टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। याद रखें, सटीक कारण का पता जांच के बाद ही चलता है, इसलिए सही समय पर उपचार ही गंभीर खतरों से बचने का एकमात्र रास्ता है।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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