सिरोही में किसानों का कमाल: पारंपरिक खेती को छोड़ उगाई जा रही बैंगनी और पीली गोभी राजस्थान एक घंटा पहले 4
राजस्थान के सिरोही जिले में किसान अब सफेद और हरी गोभी से इतर रंगीन सब्जियों की खेती कर रहे हैं। आमथला गांव में बैंगनी और पीली फूलगोभी की पैदावार से अच्छी कमाई की जा रही है।

रंगीन सब्जियों की ओर बढ़ता कदम

सिरोही जिले के किसान अब लीक से हटकर खेती कर रहे हैं। पारंपरिक फसलों को छोड़कर अब आधुनिक और रंगीन सब्जियों की ओर ध्यान दिया जा रहा है। आमथला गांव स्थित तपोवन में इन दिनों हरी ब्रोकली के साथ-साथ आकर्षक बैंगनी और पीली फूलगोभी की फसल तैयार की जा रही है। यह बदलाव स्थानीय कृषि क्षेत्र के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहा है।

फसल का चक्र और देखरेख

इस रंगीन गोभी की बुवाई का सही समय अगस्त और सितंबर का महीना होता है। फसल को पूरी तरह तैयार होने में लगभग ढाई से तीन महीने का समय लगता है और दिसंबर व जनवरी तक यह बाजार में बिक्री के लिए तैयार हो जाती है। इस छोटी अवधि में किसानों को बेहतर उपज मिलने की उम्मीद रहती है।

जैविक खेती और बाजार में मांग

बड़े शहरों में इन रंगीन सब्जियों की जबरदस्त मांग है, जिससे किसानों को बाजार में इनकी बहुत अच्छी कीमत प्राप्त होती है। हालांकि, इन फसलों पर मावा जैसे कीटों का खतरा रहता है जो रस चूसकर फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे बचाव के लिए तपोवन में पूरी तरह जैविक तरीका अपनाया गया है। किसान नीम की खली और छाछ का उपयोग करके एक विशेष जैविक घोल तैयार करते हैं और उसका छिड़काव करते हैं। यह नवाचार न केवल सुरक्षित खेती को बढ़ावा दे रहा है बल्कि किसानों के लिए मुनाफे का एक बड़ा स्रोत भी बन गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप