ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों के खिलाफ नस्लवादी पोस्टरों से मचा बवाल, सांसद ने नफरत के खिलाफ भरी हुंकार विश्व एक घंटा पहले 5
ऑस्ट्रेलिया के सेसनॉक शहर में भारतीय समुदाय को निशाना बनाने वाले आपत्तिजनक पोस्टर लगाए जाने से भारी आक्रोश है। स्थानीय सांसद ने इन पोस्टरों की कड़ी निंदा करते हुए इसे समाज के लिए घृणित बताया है।

ऑस्ट्रेलिया में नस्लवाद का घिनौना चेहरा

ऑस्ट्रेलिया में नस्लीय भेदभाव की एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे भारतीय समुदाय में गहरा रोष पैदा कर दिया है। न्यू साउथ वेल्स राज्य के सेसनॉक शहर में भारतीयों और अन्य प्रवासियों को निशाना बनाकर बेहद आपत्तिजनक और नस्लवादी पोस्टर लगाए गए हैं। सिडनी से लगभग 150 किलोमीटर दूर स्थित इस शहर में हुई इस घटना ने प्रवासी आबादी की सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन पोस्टरों में न केवल भारतीयों को निशाना बनाया गया है, बल्कि उनके प्रति नफरत का जहर भी घोला गया है।

पोस्टर में क्या है आपत्तिजनक सामग्री

इन विवादित पोस्टरों की भाषा और तस्वीरें बेहद अपमानजनक हैं। पोस्टर में एक व्यक्ति को सार्वजनिक सड़क पर शौच करते हुए चित्रित किया गया है, जिसके साथ ही यह नफरत भरा सवाल लिखा है कि, क्या यही आपकी संस्कृति है? हमें यह पसंद नहीं है। इसके अलावा, पोस्टर में ऑस्ट्रेलिया की जनसांख्यिकीय स्थिति का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि देश की 32 प्रतिशत आबादी का जन्म विदेश में हुआ है और इस फेहरिस्त में भारत पहले स्थान पर है। इन पोस्टरों में प्रवासियों को वापस भेजने की मांग करते हुए रीमाइग्रेशन नाउ का नारा लिखा गया है। यह पूरी सामग्री भारतीय मूल के लोगों को राष्ट्रीयता के आधार पर नीचा दिखाने और उन्हें प्रताड़ित करने की एक सोची-समझी साजिश की तरह दिखाई देती है।

सांसद डैन रेपाचोली ने दी कड़ी चेतावनी

इस घटना के बाद ऑस्ट्रेलिया के हंटर निर्वाचन क्षेत्र से सांसद डैन रेपाचोली ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इन पोस्टरों को बेहद घृणित करार दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नफरत फैलाने वाले ये असामाजिक तत्व पूरे स्थानीय समुदाय का प्रतिनिधित्व बिल्कुल नहीं करते हैं। डैन रेपाचोली ने कहा कि सेसनॉक और हंटर क्षेत्र में नस्लवाद के लिए किसी भी सूरत में कोई स्थान नहीं है और ऐसी विभाजनकारी हरकतों का कड़ाई से विरोध किया जाएगा। उन्होंने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि यदि किसी को भी ऐसे पोस्टर दिखाई दें, तो वे तुरंत इसकी जानकारी दें ताकि उन्हें हटाया जा सके और दोषियों की पहचान कर उन पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

कौन हैं सांसद डैन रेपाचोली

सांसद डैन रेपाचोली सत्तारूढ़ लेबर पार्टी से जुड़े हैं। वे पहली बार वर्ष 2022 में हंटर क्षेत्र से ऑस्ट्रेलिया की प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए थे और साल 2025 में उन्हें दोबारा निर्वाचित किया गया। वे स्थानीय स्तर पर नस्लवाद और सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध लगातार आवाज उठाते रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय की स्थिति

न्यू साउथ वेल्स ऑस्ट्रेलिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है और इसकी राजधानी सिडनी देश का प्रमुख आर्थिक, व्यावसायिक और शिक्षा का केंद्र है। यहाँ भारतीय मूल के लोगों की एक बड़ी और प्रभावशाली आबादी निवास करती है। सिडनी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के आंकड़ों के अनुसार, न्यू साउथ वेल्स और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की संख्या करीब 1.75 लाख है, जो ऑस्ट्रेलिया में रह रहे कुल भारतीय समुदाय का लगभग 38 प्रतिशत हिस्सा है। वर्तमान स्थिति यह है कि ऑस्ट्रेलिया में अब भारतीय मूल के लोगों की जनसंख्या इंग्लिश मूल के निवासियों से भी अधिक हो गई है। ऐसे में प्रवासियों के प्रति बढ़ती नफरत की घटनाएं समुदाय में असुरक्षा की भावना पैदा कर रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर से इस बात को सिद्ध किया है कि विकसित देशों में भी नस्लवाद और प्रवासियों के प्रति पूर्वाग्रह अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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