झारखंड
एक घंटा पहले
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विचारों
सिलाई से सफलता तक का लंबा सफर
रांची में रहने वाली उषा आज उन महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनी हुई हैं जो अपने दम पर आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं। आज से करीब 20 साल पहले, जब उन्होंने सिलाई के क्षेत्र में अपने सफर की शुरुआत की थी, तब शायद उन्होंने भी यह नहीं सोचा होगा कि उनके हाथों का जादू एक दिन इतनी बड़ी पहचान दिलाएगा। उषा मूल रूप से कोलकाता की रहने वाली हैं, लेकिन लंबे समय से रांची को ही उन्होंने अपना ठिकाना बना लिया है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साधारण तौर पर घर से कपड़े सिलने के साथ की थी, लेकिन ग्राहकों की नब्ज को पहचानते हुए उन्होंने अपने हुनर में नयापन जोड़ा। आज आलम यह है कि उनके द्वारा तैयार किए गए डिजाइनर ब्लाउज 5,000 रुपये तक की कीमत में हाथों-हाथ बिक जाते हैं।
इंटरनेट से पहले के दौर में मेहनत
52 साल की उम्र में आज उषा जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचना आसान नहीं था। उन्होंने साझा किया कि 20 साल पहले का दौर आज जैसा नहीं था। तब न तो इंटरनेट का इतना बोलबाला था और न ही सोशल मीडिया के जरिए अपनी कला को दुनिया के सामने लाना सरल था। उस समय वह खुद मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों की यात्रा करती थीं ताकि बेहतर और नया फैब्रिक चुन सकें। नई डिजाइनों को बारीकी से सीखना और उन्हें खुद कपड़े पर उतारना ही उनकी दिनचर्या थी। उनकी इस मेहनत का ही नतीजा है कि आज उनके पास 20,000 से अधिक पक्के ग्राहक हैं, जो उनके काम पर पूरा भरोसा जताते हैं।
क्वालिटी और बॉलीवुड स्टाइल का संगम
उषा का मानना है कि फैशन की दुनिया में यदि लंबे समय तक टिकना है, तो क्वालिटी से समझौता करना सबसे बड़ी गलती होती है। उनका कहना है कि कपड़े की मजबूती और फिनिशिंग ही ग्राहक को दोबारा खींचकर लाती है। उनके द्वारा तैयार किए जाने वाले ब्लाउज का पैटर्न काफी हद तक बॉलीवुड की फिल्मों में नजर आने वाले परिधानों जैसा होता है। उषा के पास वैरायटी की कोई कमी नहीं है, जिनमें मोतियों वाले ब्लाउज, ग्लिटर वाले ब्लाउज और स्टाइलिश बैकलेस ब्लाउज काफी लोकप्रिय हैं।
कीमत और उत्पादों की विस्तृत रेंज
उषा के काम की रेंज काफी व्यापक है। उनके द्वारा तैयार किए गए डिजाइनर ब्लाउज की शुरुआती कीमत 2,500 रुपये से शुरू होकर 5,000 रुपये तक जाती है। ये ब्लाउज किसी भी साड़ी के साथ पहनी जाने पर एक एलिगेंट लुक देते हैं। इसके अतिरिक्त, वह केवल ब्लाउज ही नहीं, बल्कि ब्लॉक प्रिंट और भागलपुरी सिल्क जैसी हाई क्वालिटी की हैंडमेड साड़ियों का संग्रह भी रखती हैं।
कैसे करें खरीदारी?
उषा के काम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सब कुछ ओरिजिनल और हैंडमेड होता है। उन्होंने आज तक अपने काम के लिए कोई विज्ञापन नहीं किया है। उनके पुराने संतुष्ट ग्राहक ही उनके काम की चर्चा दूसरों से करते हैं, जिससे उनके पास काम का हमेशा तांता लगा रहता है। यदि आप भी उषा के इस विशेष कलेक्शन को करीब से देखना या खरीदना चाहते हैं, तो रांची के मोराबादी में आयोजित हो रहे एक्सपो का रुख कर सकते हैं। यह एक्सपो 7 अक्टूबर तक जारी रहेगा। यहाँ 'कंज्यूमर हैंगर' के भीतर उषा ने अपना स्टॉल लगाया है जहाँ आप उनके नवीनतम डिजाइनों को देख सकते हैं।
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