क्रिकेट
एक घंटा पहले
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विचारों
टी-20 क्रिकेट का मिजाज ही निराला है। यहां गेंदबाजों को संभलने की मोहलत नहीं मिलती और बल्लेबाजों को ठहरने की फुर्सत नहीं होती। लेकिन जब कोई बल्लेबाज महज एक ओवर में ऐसा कहर बरपाता है कि आंकड़ों की किताब के पन्ने पलट जाएं, तो वह लम्हा क्रिकेट प्रेमियों के दिल में हमेशा के लिए बस जाता है। यहां टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के उन चुनिंदा ओवरों की बात हो रही है, जिनमें रनों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि दुनिया हैरान रह गई।
युवराज सिंह: जहां से शुरू हुई कहानी
इस सिलसिले की शुरुआत साल 2007 के पहले टी-20 विश्व कप से बेहतर और कहां से हो सकती है। डरबन का मैदान था, भारत और इंग्लैंड के बीच कांटे की टक्कर चल रही थी, और इंग्लैंड के गेंदबाज एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने युवराज सिंह को बहस में उलझाकर भड़का दिया। फ्लिंटॉफ की वह नोकझोंक स्टुअर्ट ब्रॉड के लिए मुसीबत बन गई।
19वें ओवर की पहली ही गेंद पर युवराज ने बल्ला घुमाया और गेंद सीधे बाउंड्री के पार जा गिरी। इसके बाद दूसरी, तीसरी, चौथी, पांचवीं और आखिरी गेंद भी उसी अंजाम तक पहुंची। ब्रॉड बेबस नजर आ रहे थे, फ्लिंटॉफ हक्के-बक्के थे और पूरा डरबन ‘युवी-युवी’ के नारों से गूंज उठा। एक ओवर में छह छक्के और 36 रन। टी-20 इंटरनेशनल में यह पहला मौका था जब किसी बल्लेबाज ने एक ओवर में इतने रन बटोरे।
कीरोन पोलार्ड: कैरेबियाई ताकत का प्रदर्शन
युवराज के इस कारनामे के ठीक 14 साल बाद, साल 2021 में एंटीगा के मैदान पर वेस्टइंडीज के कप्तान कीरोन पोलार्ड ने इतिहास को दोहराते देखा। श्रीलंका के स्पिनर अकिला धनंजय के लिए वह रात किसी डरावने सपने से कम नहीं थी, क्योंकि उसी मुकाबले में कुछ देर पहले उन्होंने हैट्रिक ली थी।
लेकिन जैसे ही पोलार्ड क्रीज पर उतरे, उन्होंने धनंजय की फिरकी को तिनके की तरह उड़ा दिया। एक के बाद एक छह गगनचुंबी छक्के जड़कर पोलार्ड ने धनंजय के ओवर में 36 रन ठोक डाले। इसके साथ ही वे टी-20 अंतरराष्ट्रीय में यह करिश्मा करने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए।
रोहित और रिंकू की जुगलबंदी
अक्सर एक ओवर में कोई एक ही बल्लेबाज तबाही मचाता है, लेकिन जनवरी 2024 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में एक अलग ही पटकथा लिखी जा रही थी। भारत और अफगानिस्तान के बीच मुकाबले में करीम जनत आखिरी ओवर लेकर आए और स्ट्राइक पर थे भारतीय कप्तान रोहित शर्मा।
पहली गेंद पर चौका लगा, दूसरी गेंद नो-बॉल रही जिस पर रोहित ने छक्का जड़ा। इसके बाद अगली गेंद पर फिर छक्का और फिर एक रन लेकर रोहित ने स्ट्राइक रिंकू सिंह को सौंप दी। अब बारी रिंकू की थी, जिन्होंने आखिरी तीन गेंदों पर लगातार तीन छक्के लगाकर ओवर का समापन किया। इस ओवर में कुल 36 रन बने और इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब दो बल्लेबाजों ने मिलकर एक ही ओवर में 36 रन कूट दिए।
कुशल भुरतेल और चीनी गेंदबाज की बेबसी
वक्त का पहिया आगे बढ़ा और मई 2026 में सिंगापुर की धरती पर नेपाल और चीन के बीच मुकाबले में एक और रोमांचक अध्याय जुड़ गया। नेपाल के बल्लेबाज कुशल भुरतेल के सामने चीन के गेंदबाज चेन झुओ यूए थे।
कुशल ने पहली पांच गेंदों पर लगातार पांच छक्के जड़कर चीनी टीम के होश उड़ा दिए। दबाव में आकर गेंदबाज ने एक वाइड गेंद फेंक दी। आखिरी वैध गेंद पर कुशल ने एक बार फिर छक्का जड़ा। इस तरह बिना छह छक्के पूरे किए भी, वाइड गेंद के अतिरिक्त रन की बदौलत इस ओवर से कुल 37 रन निकल आए, जिसने युवराज और पोलार्ड के 36 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
दारियस विसर: नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया
लेकिन क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और रिकॉर्ड बनते ही टूटने के लिए हैं। अगस्त 2024 में अपिया के मैदान पर समोआ और वानुअतु के बीच खेले गए मैच में वह हुआ जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। समोआ के दारियस विसर ने वानुअतु के गेंदबाज नलिन निपिको के एक ही ओवर में रिकॉर्ड्स की धज्जियां उड़ा दीं।
इस ओवर की कहानी किसी रोलरकोस्टर राइड जैसी रही। विसर ने पहली तीन गेंदों पर लगातार तीन छक्के लगाए। इसके बाद निपिको ने एक नो-बॉल फेंकी, जिस पर विसर ने फिर छक्का जड़ दिया। अगली गेंद भी नो-बॉल रही और दबाव इतना बढ़ चुका था कि निपिको ने इसके बाद एक और नो-बॉल फेंक दी। बची दो गेंदों पर विसर ने दो और शानदार छक्के जमा दिए।
इस तरह ओवर की वैध गेंदों पर 6 छक्के लगे और साथ ही गेंदबाज की तीन नो-बॉल की गलतियों ने इस ओवर को अंतरराष्ट्रीय टी-20 इतिहास का सबसे महंगा ओवर बना दिया। इस एक ओवर से कुल 39 रन आए। दारियस विसर ने एक ओवर में सर्वाधिक रनों का ऐसा एवरेस्ट खड़ा कर दिया है, जिसे छूना आने वाले समय में किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद बड़ी चुनौती होगी।
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