भारत बनाम अफगानिस्तान पहला वनडे: धर्मशाला में बारिश बिगाड़ेगी रंग? जानें मौसम और मैच का पूरा हाल क्रिकेट एक घंटा पहले 3
टेस्ट में ऐतिहासिक जीत के बाद टीम इंडिया शनिवार से अफगानिस्तान के खिलाफ तीन वनडे की सीरीज शुरू करेगी, लेकिन धर्मशाला में पहले मुकाबले पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक दोपहर 2 से 4 बजे के बीच भारी बारिश की आशंका है।

धर्मशाला का सुहाना मौसम, धौलाधार की मनोरम वादियां और हाथ में क्रिकेट का बल्ला—यह नज़ारा बेहद खूबसूरत है, मगर शनिवार को इस पर बारिश पानी फेरने की तैयारी में है। एकमात्र टेस्ट मैच में एकतरफा और ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम अब अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए मैदान में उतरने को तैयार है। सीरीज का पहला मुकाबला शनिवार (13 जून) को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाएगा। खास बात यह है कि अक्टूबर 2023 के बाद इस मैदान पर यह पहला वनडे होगा। फैंस की निगाहें जितनी टीम इंडिया के प्रदर्शन पर हैं, उतनी ही आसमान में छाए काले बादलों पर भी टिकी हुई हैं।

क्या पूरी तरह धुल जाएगा मैच?

क्रिकेट प्रेमियों के लिए राहत की बात यह है कि धर्मशाला में पूरी तरह वॉशआउट यानी मैच रद्द होने की आशंका नहीं है, लेकिन पूरे मुकाबले के दौरान मौसम की आंख-मिचौली देखने को मिल सकती है। डे-नाइट फॉर्मेट में खेले जाने वाले इस मैच में फैंस और ग्राउंडस्टाफ दोनों को ही अंत तक उम्मीद बनाए रखनी होगी।

मैच के दौरान औसत तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जो खिलाड़ियों के लिए काफी आरामदायक रहेगा। हवा में नमी की मात्रा करीब 51 प्रतिशत रहने की संभावना है और रुक-रुक कर बारिश के आसार बने हुए हैं। वीकेंड पर धर्मशाला और आसपास के इलाकों में मध्यम बारिश का अनुमान है, जिससे कुल 12 मिलीमीटर तक पानी बरस सकता है। मैच के दौरान हल्की हवाएं चलने की उम्मीद है, जिससे तेज गेंदबाजों को कुछ मदद मिल सकती है।

दोपहर 2 से 4 बजे का समय सबसे अहम

यह मुकाबला स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा। टॉस के वक्त से ही दोनों कप्तानों और मैच अधिकारियों की नजरें आसमान पर लगी रहेंगी। मौसम वेबसाइट एक्यूवेदर डॉट कॉम के अनुसार, मैच शुरू होने के कुछ ही देर बाद यानी दोपहर 2:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच इस इलाके के करीब 90 प्रतिशत हिस्से में बारिश होने की प्रबल आशंका है।

राहत की उम्मीद यह है कि शाम 4 बजे के बाद बादल कुछ नरम पड़ सकते हैं और मौसम में सुधार की संभावना है। अगर मौसम विभाग का यह अनुमान सही साबित होता है, तो सबसे खराब हालात में भी ज्यादा ओवरों का नुकसान नहीं होगा और फैंस को एक परिणामी मुकाबला देखने को मिल सकता है। ऐतिहासिक आंकड़ों पर नज़र डालें तो धर्मशाला में जून के महीने में किसी भी दिन बारिश की 42 प्रतिशत संभावना रहती है, और बारिश होने पर आमतौर पर रोज़ाना 16 मिलीमीटर तक पानी गिरता है।

हेड टू हेड रिकॉर्ड

भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक 4 वनडे मैच खेले जा चुके हैं। इनमें भारत ने तीन मुकाबले जीते हैं, जबकि एक मैच टाई रहा है। अफगानिस्तान को वनडे में भारत पर पहली जीत का इंतजार अब भी बना हुआ है। दोनों टीमें पहली बार आपस में द्विपक्षीय सीरीज खेल रही हैं।

भारत के लिए साख, अफगानिस्तान के लिए इतिहास

कागज़ों पर भले ही भारतीय टीम दुनिया की सबसे मजबूत वनडे टीमों में गिनी जाती है, लेकिन हालिया फॉर्म चिंता बढ़ाने वाला रहा है। पिछली तीन द्विपक्षीय वनडे सीरीज में से दो में—ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ—भारत को हार झेलनी पड़ी है। हालांकि वर्ल्ड कप अभी कुछ दूर है और टीम वर्कलोड मैनेजमेंट तथा नए खिलाड़ियों को परखने की रणनीति पर चल रही है, फिर भी खिताबी इरादों को मजबूती देने के लिए जीत की राह पर लौटना बेहद जरूरी है।

युवा और अनुभव का बेहतरीन संतुलन

इस सीरीज में भारतीय टीम में ताजगी और तजुर्बे का शानदार मेल देखने को मिलेगा। प्रिंस यादव और हर्ष दुबे जैसे युवा खिलाड़ी टीम में नई ऊर्जा और प्रतिस्पर्धा लेकर आए हैं, जिससे टीम की गुणवत्ता पर असर नहीं पड़ेगा। विराट कोहली की गैरमौजूदगी में नंबर तीन का स्थान खाली है, ऐसे में बैकअप जगह पक्की करने के लिए कई खिलाड़ियों के पास यह सुनहरा मौका साबित हो सकता है।

अफगानिस्तान की चुनौती को हल्के में लेना भारी पड़ेगा

इस फॉर्मेट में अफगानिस्तान को कम आंकना किसी भी टीम के लिए बड़ी गलती साबित हो सकता है। वनडे क्रिकेट में उनका हालिया रिकॉर्ड बेमिसाल रहा है। पिछले दो साल से अधिक समय में अफगानिस्तान ने एक भी द्विपक्षीय वनडे सीरीज नहीं गंवाई है—आखिरी बार उन्हें श्रीलंका के हाथों हार मिली थी। उसके बाद से उन्होंने आयरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, जिम्बाब्वे और एक बार फिर बांग्लादेश को हराकर मजबूत पहचान बनाई है।

टॉस निभाएगा बड़ी भूमिका

धर्मशाला की पिच पर शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की उम्मीद है, और आसमान में छाए बादलों के चलते गेंद और अधिक स्विंग हो सकती है। ऐसे में जो भी कप्तान टॉस जीतेगा, वह मौसम के मिजाज और डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम को ध्यान में रखते हुए पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकता है। अब देखना यह है कि धर्मशाला के खूबसूरत पहाड़ों के बीच रनों की बारिश होती है या फिर असली बारिश मुकाबले का रुख तय करती है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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