मुजफ्फरपुर के अरविंद मिश्रा की अनूठी पहल, नीम-बबूल और गोबर से तैयार किया आयुर्वेदिक दंतमंजन, नौ जड़ी-बूटियों का संगम बिहार 2 घंटे पहले 2
मुजफ्फरपुर के कांटी निवासी अरविंद कुमार मिश्रा नीम-बबूल की छाल और देशी गाय के गोबर समेत नौ प्राकृतिक सामग्रियों से बना आयुर्वेदिक दंतमंजन तैयार कर रहे हैं, जिसकी मांग आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों तक पहुंच चुकी है।

आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उत्पादों की ओर लोगों का रुझान जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ऐसे देसी प्रयासों को भी पहचान मिल रही है। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर के कांटी निवासी अरविंद कुमार मिश्रा अपने खास दंतमंजन को लेकर इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। नीम और बबूल की छाल के साथ-साथ देशी गाय के गोबर समेत कई प्राकृतिक चीजों से बना यह दंतमंजन स्थानीय बाजार ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों और दूसरे राज्यों में भी अपनी जगह बना रहा है।

परंपरागत तरीके से तैयार उत्पाद

अरविंद कुमार मिश्रा का कहना है कि उन्होंने पारंपरिक और प्राकृतिक पद्धतियों को अपनाते हुए यह विशेष दंतमंजन तैयार किया है। उनके मुताबिक, इस उत्पाद को बनाने में कुल नौ तरह की प्राकृतिक सामग्रियों का मिश्रण किया जाता है।

नौ सामग्रियों का मिश्रण

इसमें नीम और बबूल की छाल के अलावा फिटकरी, त्रिफला चूर्ण, अमृतधारा, भीमसेनी कपूर, पुदीना सत्व, अजवाइन सत्व और स्वाद के लिए सेंधा नमक मिलाया जाता है। व्रत-उपवास रखने वाले लोगों की सुविधा के लिए बिना नमक वाला दंतमंजन भी अलग से तैयार किया जाता है।

दांतों और मसूड़ों के लिए लाभकारी होने का दावा

अरविंद का दावा है कि इस दंतमंजन का नियमित इस्तेमाल करने से दांत और मसूड़ों से जुड़ी कई परेशानियों में राहत मिल सकती है। उनका कहना है कि मुंह से दुर्गंध आना, दांत दर्द या मसूड़ों की दिक्कत झेल रहे लोग इस उत्पाद को खासा पसंद कर रहे हैं। हालांकि, दांतों से संबंधित किसी भी गंभीर समस्या में विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी बताया गया है।

आसपास के जिलों से दूसरे राज्यों तक मांग

उन्होंने बताया कि यह दंतमंजन पूरी तरह प्राकृतिक सामग्री से बनाया जाता है और इसके निर्माण में विशेष सतर्कता बरती जाती है। स्थानीय स्तर पर शुरू हुए इस प्रयास को अब ग्राहकों का अच्छा साथ मिल रहा है। मुजफ्फरपुर के अलावा वैशाली, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, शिवहर और दरभंगा जैसे जिलों से भी लोग इसे मंगा रहे हैं, जबकि दूसरे राज्यों से भी ऑर्डर आने लगे हैं।

आम लोगों की पहुंच में रखी गई कीमत

अरविंद कुमार मिश्रा के अनुसार, 50 ग्राम दंतमंजन की कीमत 60 रुपये रखी गई है, ताकि आम लोग भी इसे आसानी से खरीद सकें। उनका मानना है कि प्राकृतिक और रसायन मुक्त उत्पादों की ओर लोगों का झुकाव लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते उनके उत्पाद की मांग में भी निरंतर इजाफा हो रहा है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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