ज्योतिष
एक घंटा पहले
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विचारों
हिंदी पंचांग के अनुसार आज यानी 13 जून, शनिवार को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और चतुर्दशी तिथि का विशेष संयोग बन रहा है। पूरे दिन कृत्तिका नक्षत्र का असर बना रहेगा। ग्रहों की चाल देखें तो सुबह के समय चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे और इसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा के इसी गोचर और बारहवें भाव में उपस्थिति के चलते मिथुन राशि के जातकों को आज कानूनी मामलों में बेहद सतर्कता बरतनी होगी।
इसके साथ ही वीकेंड पर कामकाज से जुड़ी कोई अप्रिय या बुरी खबर मिलने की आशंका से मन थोड़ा उदास रह सकता है। ऐसी स्थिति में धैर्य बनाए रखना ही सबसे बेहतर विकल्प साबित होगा।
कार्यक्षेत्र में धोखे का अंदेशा और बचाव का उपाय
देहरादून के ज्योतिषाचार्य संजय के अनुसार इस समय ग्रहों की स्थिति कुछ ऐसी बन रही है जो मिथुन जातकों की प्रवृत्ति को प्रभावित कर सकती है। इस अवधि में जातक अनैतिक या गलत तरीके से धन कमाने की ओर झुक सकता है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्षेत्र में खुद धोखा देने या किसी बड़े छल का शिकार बनने की प्रबल संभावना बनी हुई है, क्योंकि इस स्थिति में चंद्रमा को धोखे का कारक माना गया है। इस नकारात्मक असर से बचने के लिए ज्योतिषाचार्य ने सुझाव दिया है कि आज आप लिखने के काम में जितना अधिक पेन का उपयोग करेंगे, समय आपके लिए उतना ही अनुकूल और बेहतर होता जाएगा।
आकाश में बना ‘लक्ष्मी-विष्णु योग’
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से इस समय एक बेहद शुभ संयोग भी बन रहा है। आकाश मंडल में देवगुरु बृहस्पति और दैत्यगुरु शुक्र एक साथ विराजमान हैं। बृहस्पति को भगवान विष्णु और शुक्र को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इन दोनों की युति से ‘लक्ष्मी-विष्णु योग’ बन रहा है।
हालांकि यह युति चंद्र और शनि की दृष्टि में भी है। इस मिले-जुले प्रभाव के कारण एक ओर आर्थिक और आध्यात्मिक उन्नति के अवसर दिखाई दे रहे हैं, तो दूसरी ओर ग्रहों की टेढ़ी नजर के चलते जातकों को अपने हर फैसले में खूब सोच-समझकर आगे बढ़ना होगा।
‘स्त्री श्राप योग’ का साया, ऐसे बचेगा रिश्ता
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक इस समय मिथुन राशि के लोगों के प्रेम और वैवाहिक जीवन पर सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है, जिसे वे ‘स्त्री श्राप योग’ का नाम दे रहे हैं। इस योग के असर से पति-पत्नी के बीच एक-दूसरे के प्रति अविश्वास और संदेह की भावना तीव्र हो सकती है, जिससे आपसी रिश्तों में कड़वाहट और मनमुटाव बढ़ने की आशंका है।
यह स्थिति धन और स्त्री सुख में बाधा डालने के साथ-साथ प्रेम संबंधों में भी दरार पैदा कर सकती है। लेकिन अगर आप सूझबूझ से काम लें, संदेह को किनारे रखें और बातचीत के जरिए गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश करें, तो यह कलह पूरी तरह खत्म हो सकती है और रिश्तों में दोबारा मिठास लौट सकती है।
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