जीवनशैली
2 घंटे पहले
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मानसून और फलों की सुरक्षा
बरसात का मौसम आते ही वातावरण में नमी और उमस का स्तर काफी बढ़ जाता है। इसका सीधा असर रसोई में रखे फलों और सब्जियों की शेल्फ लाइफ पर पड़ता है। सबसे ज्यादा समस्या केलों के साथ देखी जाती है, जो इस मौसम में बहुत जल्द पकने लगते हैं और देखते ही देखते उनके छिलके काले पड़ जाते हैं। यदि सही देखभाल न की जाए, तो केला अधिक नरम होकर जल्दी खराब भी होने लगता है। हालांकि, कुछ आसान और प्रभावी तरीकों को अपनाकर आप केलों की ताजगी को लंबे समय तक बरकरार रख सकते हैं।
केले को स्टोर करने का सही स्थान
केलों को सुरक्षित रखने का सबसे पहला नियम यही है कि उन्हें ऐसी जगह रखें जहां सीधी धूप न पहुंचती हो। बरसात के दौरान घर के अंदर का तापमान और आर्द्रता बदल जाती है, इसलिए केलों को किसी ठंडी और सूखी जगह पर रखना ही सबसे बेहतर होता है। अक्सर लोग रसोई में काउंटरटॉप पर केले रख देते हैं, लेकिन बारिश के दिनों में रसोई में नमी अधिक रहती है। इसलिए ध्यान रखें कि केलों को कभी भी गैस चूल्हे, सिंक या ऐसी किसी जगह के बिल्कुल करीब न रखें जहां लगातार भाप या पानी का छींटा पड़ने की संभावना रहती है। नमी के संपर्क में आते ही केला तेजी से गलने लगता है।
फ्रिज का सही इस्तेमाल और कटे हुए केले की देखभाल
अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या कटे हुए केले को बचाया जा सकता है। अगर आपने केला काटा है और वह बच गया है, तो उसे फेंकने के बजाय उसे सुरक्षित रखने का एक बेहतरीन उपाय है। कटे हुए हिस्से पर आप हल्का सा नींबू का रस लगा दें। इसके बाद उसे किसी एयरटाइट डिब्बे में बंद करके फ्रिज के अंदर रख दें। ऐसा करने से ऑक्सीजन के संपर्क में आने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और केले का रंग जल्दी काला नहीं पड़ता। नींबू में मौजूद प्राकृतिक एसिड फलों के ऑक्सीकरण को रोकता है, जिससे वह लंबे समय तक खाने योग्य और फ्रेश बना रहता है।
अन्य फलों से रखें दूर
केलों को हमेशा अन्य फलों जैसे सेब या नाशपाती से अलग रखना चाहिए। कुछ फल प्राकृतिक रूप से एथिलीन गैस छोड़ते हैं, जो केलों के पकने की प्रक्रिया को और तेज कर देती है। यदि आप केलों को इन फलों के पास रखेंगे, तो वे बहुत जल्दी खराब हो जाएंगे। इन सरल बदलावों को अपनाकर आप बरसात की उमस के बावजूद अपने फलों को सुरक्षित रख सकते हैं और अपनी खरीदारी का सही उपयोग कर सकते हैं।
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