जीवनशैली
एक घंटा पहले
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विचारों
किसी की हरी-भरी छत देखकर अगर आपके मन में भी यह ख्याल आता है कि काश आपके घर की छत पर भी ताजी सब्जियां लहलहाएं, लेकिन शुरुआत करने में हिचकिचाहट होती है, तो परेशान न हों, ऐसा सोचने वाले आप अकेले नहीं हैं। ज्यादातर लोग छत पर बागवानी सिर्फ इसलिए शुरू नहीं कर पाते क्योंकि उन्हें लगता है कि पौधों की देखभाल मुश्किल काम है, इस पर ज्यादा खर्च आएगा या फिर अनुभव न होने की वजह से पौधे मुरझा जाएंगे।
हकीकत यह है कि कामयाब छत बागवानी का राज न तो बड़े बजट में छिपा है और न ही किसी खास जानकारी में, बल्कि असली बात है सही पौधों का चुनाव। कई मंझे हुए बागवान भी अपनी शुरुआत महज दो-तीन गमलों और आसान सब्जियों से ही करते हैं। राहत की बात यह है कि कुछ सब्जियां ऐसी होती हैं जो कम जगह में बड़ी आसानी से उग जाती हैं, मौसम की मार झेल लेती हैं और शुरुआती दौर की गलतियों को भी काफी हद तक माफ कर देती हैं।
सिर्फ सब्जियां ही नहीं, और भी हैं फायदे
छत पर बागवानी का फायदा केवल ताजी सब्जियों तक सीमित नहीं है। इससे घर का तापमान कम करने, किराने का खर्च घटाने और भागदौड़ भरी दिनचर्या के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताने का मौका भी मिलता है। रोजाना कुछ मिनट पौधों के साथ बिताना मानसिक तनाव कम करने में भी मददगार माना जाता है।
शुरुआती बागवानों के लिए सबसे आसान सब्जियां
छत पर बागवानी शुरू करने वालों के लिए मिर्च, भिंडी, खीरा, टमाटर और करेला सबसे आसान विकल्प हैं। ये सब्जियां कम जगह में अच्छी पैदावार देती हैं और नए बागवानों की शुरुआती गलतियों को भी आसानी से संभाल लेती हैं।
शुरुआत में इन बातों का रखें ध्यान
छत पर बागवानी शुरू करने से पहले यह जांच लें कि आपकी छत पर रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे धूप जरूर आती हो। ऐसे गमले या ग्रो बैग चुनें जिनमें पानी की निकासी अच्छी हो, और मिट्टी में गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट जरूर मिलाएं।
सबसे अहम बात यह है कि शुरुआत में बहुत सारे पौधे एक साथ लगाने के बजाय कम संख्या से ही आगाज करें। धीरे-धीरे अनुभव बढ़ने के साथ आप अपनी छत की हरियाली को और फैला सकते हैं।
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