हिमाचल: तीन नगर निगम चुनावों में हार के बाद कांग्रेस ने बनाईं 'फैक्ट फाइंडिंग' कमेटियां, मंत्री-सांसद और विधायकों को जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश 12 घंटे पहले 3
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगम चुनावों में हार के कारणों की जांच के लिए तीन फैक्ट फाइंडिंग कमेटियां गठित की हैं, जबकि चार जिला परिषदों के गठन के लिए मंत्रियों, सांसद और विधायकों को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने तीन नगर निगमों में मिली करारी हार और जिला परिषदों के गठन को लेकर बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। पार्टी ने इस काम के लिए अपने मंत्रियों, सांसद और विधायकों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं। प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने चंबा, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और शिमला जिला परिषदों के गठन के लिए पर्यवेक्षक और सदस्य समितियों का गठन किया है, जो तत्काल प्रभाव से काम शुरू करेंगी।

इसके साथ ही मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगम चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटियां भी बनाई गई हैं, ताकि हार के पीछे के असली कारणों की पड़ताल की जा सके।

जिला परिषदों के गठन के लिए नियुक्त किए गए पर्यवेक्षक

प्रदेश कांग्रेस संगठन महासचिव विनोद जिंटा के अनुसार, चंबा जिला परिषद के गठन के लिए विधायक केवल सिंह पठानिया को पर्यवेक्षक और चंबा के विधायक नीरज नैय्यर को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इस समिति में जिलाध्यक्ष सुरजीत भरमौरी, दिलदार अली भट्ट और विजय कंवर को सदस्य बनाया गया है।

कांगड़ा जिला परिषद के लिए तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी को पर्यवेक्षक और सांसद अनुराग शर्मा को सह-पर्यवेक्षक नामित किया गया है। वहीं लाहौल-स्पीति जिला परिषद के लिए विधायक अनुराधा राणा को पर्यवेक्षक और जिलाध्यक्ष दोरजे अंगरूप को सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।

शिमला जिला परिषद के गठन के लिए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को पर्यवेक्षक और विधायक मोहन लाल ब्राक्टा को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। इसके अलावा रामपुर ब्लॉक अध्यक्ष लाल चंद शर्मा, चौपाल ब्लॉक अध्यक्ष डी.के. चौहान, ठियोग ब्लॉक अध्यक्ष संजय शर्मा और शिमला ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल शर्मा को समिति का सदस्य नामित किया गया है। जिले के अन्य सभी ब्लॉक अध्यक्ष भी इस समिति के सदस्य रहेंगे।

हार की समीक्षा के लिए तीन फैक्ट फाइंडिंग कमेटियां

मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगम चुनावों में पार्टी की हार और प्रदर्शन की समीक्षा के लिए कांग्रेस ने तीन अलग-अलग फैक्ट फाइंडिंग कमेटियां गठित की हैं। इन समितियों को चुनाव परिणामों को प्रभावित करने वाले कारणों की जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

धर्मशाला नगर निगम के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष करन सिंह पठानिया को समिति का संयोजक बनाया गया है, जबकि अमित भरमौरी, यशवंत खन्ना और मनमोहन कटोच को सदस्य नियुक्त किया गया है।

मंडी नगर निगम की समीक्षा समिति में कांग्रेस उपाध्यक्ष चेत राम ठाकुर को संयोजक तथा पवन ठाकुर, हरिकृष्ण हिमराल और सत्यजीत नेगी को सदस्य बनाया गया है। सोलन नगर निगम के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष अमित नंदा को संयोजक नियुक्त किया गया है और समिति में चंद्रशेखर शर्मा, यशपाल तनाइक तथा धर्मेंद्र धामी को सदस्य रखा गया है। संबंधित जिलों और ब्लॉकों के सभी अध्यक्ष भी इन समितियों में बतौर सदस्य शामिल रहेंगे।

रिपोर्ट के आधार पर तय होगी आगे की रणनीति

कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि इन समितियों की रिपोर्ट के आधार पर पार्टी संगठनात्मक स्तर पर जरूरी कदम उठाएगी और आने वाले चुनावों के लिए नई रणनीति तैयार करेगी।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!