हिमाचल प्रदेश
3 दिन पहले
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की नगर परिषद देहरा में कांग्रेस के पास बहुमत होने के बावजूद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर पार्टी के भीतर चल रही खींचतान अब सबके सामने आ गई है। मंगलवार को नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद हुई पहली बैठक में कोरम ही पूरा नहीं हो पाया, जिसके चलते अध्यक्ष पद को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका और मामला टल गया।
शपथ ग्रहण में पहुंचीं विधायक कमलेश ठाकुर
नगर परिषद देहरा के नवनिर्वाचित पार्षदों ने आज पद की शपथ ली। इस मौके पर देहरा से विधायक कमलेश ठाकुर भी मौजूद रहीं। उन्होंने सभी पार्षदों को बधाई देते हुए शहर के विकास के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
विधायक कमलेश ठाकुर ने कहा कि चेयरमैन चुनने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है और नगर परिषद में हर पार्षद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनने की योग्यता रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई समस्या आती है तो वह जिम्मेदारी अपने हाथ में ले सकती हैं। हालांकि बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने साफ किया कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पार्षदों के बीच से ही चुने जाएंगे।
बैठक में नहीं बन पाया कोरम
इसके बाद देहरा मिनी सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में कांग्रेस पार्षदों की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता विधायक कमलेश ठाकुर ने की। इस बैठक में अध्यक्ष पद को लेकर सहमति बनाने की कोशिश की गई। नगर परिषद की पहली बैठक के लिए सात पार्षदों की मौजूदगी जरूरी थी, लेकिन ऐन वक्त पर एक पार्षद के नहीं पहुंचने से कोरम पूरा नहीं हो सका।
बैठक में कांग्रेस के चार पार्षद मौजूद रहे। इनमें वार्ड नंबर-1 से निष्ठा चंबियाल, वार्ड नंबर-4 से उपासना सूद, वार्ड नंबर-5 से किरण और वार्ड नंबर-7 से किरण शर्मा शामिल थीं। वहीं कांग्रेस समर्थित वार्ड नंबर-3 के पार्षद नरेश कुमार बैठक में पहुंचे जरूर, लेकिन नाराज होकर लौट गए। इसके अलावा भाजपा के वार्ड नंबर-2 से मलकियत परमार और वार्ड नंबर-6 से पारस चौहान भी बैठक से गैरहाजिर रहे।
विधायक के सामने भड़के नरेश के चाचा
इसी दौरान विधायक कमलेश ठाकुर के सामने पार्षद नरेश के चाचा अपना गुस्सा जता बैठे। उन्होंने कहा, ‘मेरे फादर साहब ने पार्टी द चंडा चुक्या, फिर मैं चुक्या, फिर अपना मुंडा दित्ता, अज्ज साढ़े नें बेइमानी होआदी, मेरा भतीजा ए नरेश।’ यानी उनके पिता ने पार्टी का झंडा और डंडा उठाया, फिर उन्होंने खुद यह जिम्मेदारी निभाई और बाद में अपने बेटे को पार्टी को सौंप दिया, और आज उनके साथ बेईमानी हो रही है।
जिस वक्त वह कमलेश ठाकुर के सामने अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने उन्हें वहां से खींचा और बाहर ले गया। हालांकि नरेश कुमार के चाचा खरी-खरी सुनाने के बाद ही वहां से रवाना हुए।
19 जून को होगी अगली बैठक
कोरम पूरा न होने के कारण अब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का फैसला 19 जून को होने वाली बैठक में लिया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अध्यक्ष पद की दौड़ में किरण और निष्ठा चंबियाल के नाम सबसे आगे हैं। इन दोनों नामों को लेकर अलग-अलग समीकरण बनते दिख रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक जातीय संतुलन साधने की कोशिश में कांग्रेस के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। अध्यक्ष पद के लिए नाम तय करते समय सामाजिक और जातीय समीकरणों को साधने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इसी बीच वार्ड नंबर-3 के पार्षद की नाराजगी की चर्चाओं ने पार्टी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि नगर परिषद देहरा की अध्यक्ष की कुर्सी किरण के खाते में जाएगी या ताज निष्ठा चंबियाल के सिर सजेगा। इसकी तस्वीर आने वाली बैठक में ही साफ होगी, फिलहाल देहरा की सियासत में अध्यक्ष पद को लेकर चर्चाओं और कयासों का दौर जारी है।
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