12 साल में सिर्फ एक बार खिलता है यह दुर्लभ फूल, जानिए क्या है इसकी रहस्यमयी कहानी उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
प्रकृति के अद्भुत चमत्कारों में शुमार ब्रह्म कमल का फूल 12 साल में महज एक बार खिलता है। अपनी औषधीय और आध्यात्मिक खूबियों के कारण यह फूल दुनिया भर में खास पहचान रखता है।

ब्रह्म कमल: प्रकृति का एक अनूठा रहस्य

प्रकृति की गोद में कई ऐसे फूल मौजूद हैं जो अपनी दुर्लभता के लिए जाने जाते हैं, लेकिन ब्रह्म कमल का स्थान इनमें सबसे ऊपर है। यह फूल 12 साल में केवल एक बार खिलता है। इसकी अद्भुत सुंदरता और मनमोहक सुगंध इसे अन्य फूलों से अलग बनाती है। हिमालय के दुर्गम इलाकों में 3000 से 4500 मीटर की ऊंचाई पर उगने वाला यह पौधा अक्सर चर्चा का विषय बना रहता है।

पौराणिक महत्व और धार्मिक मान्यताएं

हिंदू धर्म में ब्रह्म कमल को अत्यंत पवित्र माना गया है। प्राचीन ग्रंथों जैसे ऋग्वेद में भी इसका उल्लेख मिलता है। ऐसी मान्यता है कि इस फूल का संबंध स्वयं भगवान ब्रह्मा से है और यह उनकी भक्ति, ज्ञान और शुद्धता का प्रतीक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, ब्रह्म कमल की उत्पत्ति ब्रह्मा जी के आंसुओं से हुई थी। भक्तों का मानना है कि इस फूल के सामने प्रार्थना करने से ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यही कारण है कि पूजा-पाठ और भगवान को भोग लगाने के लिए इसे बहुत शुभ माना जाता है।

क्यों है यह इतना दुर्लभ?

ब्रह्म कमल का फूल साल में केवल एक बार जुलाई और अगस्त के महीनों में खिलता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल एक रात के लिए ही पूरी तरह खिलता है। इसे 'रात्रि के फूलों की रानी' भी कहा जाता है। उत्तराखंड का राज्य पुष्प होने के नाते इसका वहां विशेष महत्व है। वास्तु शास्त्र के जानकारों के अनुसार, यह घर में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन लाने का काम करता है।

सहारनपुर की पौधों की लाइब्रेरी में भी मौजूद

आमतौर पर यह फूल ऊंचे पहाड़ी इलाकों और बर्फीली वादियों में ही पनपता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में स्थित एक पौधों की लाइब्रेरी में इसे देखा जा सकता है। किसान राजेंद्र अटल के अनुसार, उनके संग्रह में ऐसे कई विलुप्त और अनोखे पौधे शामिल हैं। कड़ी गर्मी के बावजूद, यहां के अनुकूलित वातावरण में ब्रह्म कमल पर फूल खिलना लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। जब इस पौधे पर फूल आता है, तो वह केवल 3 दिन तक ही रहता है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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