कानपुर में 700 करोड़ की लागत से बनेगा ESI मेडिकल कॉलेज, अब मजदूरों के बच्चे भी बनेंगे डॉक्टर उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
कानपुर के पांडु नगर में ESI अस्पताल परिसर को एक अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज में तब्दील किया जाएगा। इस 700 करोड़ रुपये की परियोजना से गंभीर बीमारियों के इलाज के साथ-साथ श्रमिकों के बच्चों के लिए एमबीबीएस में आरक्षण का रास्ता भी साफ होगा।

कानपुर में बनेगा अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज

कानपुर के लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। पांडु नगर में मौजूद ESI अस्पताल परिसर को अब 700 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज में बदला जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मंजूरी मिल चुकी है। इस मेडिकल कॉलेज के बनने से उत्तर प्रदेश के 30 लाख से अधिक ESI कार्डधारकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा।

श्रमिक परिवारों के बच्चों को एमबीबीएस में आरक्षण

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ईएसआई कार्डधारकों के बच्चों का विशेष ध्यान रखा गया है। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटों का बंटवारा कुछ इस तरह होगा:

  • 50 प्रतिशत सीटें ESI कार्डधारकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी।
  • 35 प्रतिशत सीटों पर राज्य सरकार के नियम लागू होंगे।
  • 15 प्रतिशत सीटें केंद्र सरकार के नियमानुसार भरी जाएंगी।

इस व्यवस्था से अब श्रमिक और कर्मचारी परिवारों के बच्चे डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा कर सकेंगे।

सुविधाएं और नई भर्तियां

गोविंद नगर से भाजपा विधायक Surendra Maithani के अनुसार, इस कॉलेज का निर्माण हैदराबाद और काशी के ESI मॉडल की तर्ज पर किया जाएगा। इस मेडिकल कॉलेज से जुड़ी कुछ प्रमुख जानकारियां इस प्रकार हैं:

  • शुरुआत में एमबीबीएस की 50 सीटों से पढ़ाई शुरू होगी, जिन्हें बाद में 100 किया जाएगा।
  • शुरुआती चरण में 300 बेड वाला अस्पताल संचालित होगा।
  • डॉक्टरों, कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के 660 पद सृजित किए जाएंगे।
  • सुरक्षा और हाउसकीपिंग के लिए 203 पदों पर भर्तियां होंगी।

गंभीर रोगों का इलाज होगा आसान

मेडिकल कॉलेज के बनने के बाद मरीजों को कैंसर, लीवर, किडनी और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के लिए बाहर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक ही परिसर में विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक मशीनों की उपलब्धता से मरीजों को काफी राहत मिलेगी। वहीं, GSVM मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. Sanjay Kala का कहना है कि शासन की अनुमति मिलने पर इस नए कॉलेज को GSVM मेडिकल कॉलेज के साथ संबद्ध किया जा सकता है, जिससे दोनों संस्थानों को बेहतर तालमेल में मदद मिलेगी।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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