उत्तर प्रदेश
2 घंटे पहले
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दिल्ली-हावड़ा रूट पर नई रफ्तार
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम शुरू किया गया है। दिल्ली-हावड़ा रूट पर सबसे व्यस्त माने जाने वाले मुगलसराय से प्रयागराज स्टेशन के बीच रेल यातायात को सुगम बनाने के लिए रेलवे प्रशासन ने कमर कस ली है। इस महत्वपूर्ण मार्ग पर ट्रेनों की लेटलतीफी को रोकने और कनेक्टिविटी सुधारने के लिए लगभग 160 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन बिछाई जा रही है। इस परियोजना पर कुल 2641 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
प्रोजेक्ट की प्रमुख विशेषताएं
इस निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा और गति दोनों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। परियोजना के तहत कई स्थानों पर पुलों का निर्माण किया जा रहा है ताकि कनेक्टिविटी बाधित न हो।
- मुगलसराय से प्रयागराज के बीच 160 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन का निर्माण।
- मिर्जापुर के बरौधा सहित विभिन्न स्थानों पर 8 से अधिक पुलों का निर्माण।
- मानव रहित रेलवे फाटकों को खत्म करने के लिए ओवर ब्रिज बनाना।
चुनार से चोपन तक कनेक्टिविटी का विस्तार
केवल दिल्ली-हावड़ा रूट ही नहीं, बल्कि चुनार जंक्शन से चोपन तक भी रेलवे अपनी दूसरी लाइन का काम पूरा करने के करीब है। इस 150 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के लिए 1533 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसके अतिरिक्त, लूसा में फाटक संख्या 19 पर 585 मीटर लंबा ओवरब्रिज बनाया जा रहा है, जिसमें 36 मीटर का हिस्सा रेलवे लाइन के ऊपर है। स्टील गार्डर तकनीक के माध्यम से इस पुल का निर्माण अंतिम चरणों में है।
यात्रियों को होगा बड़ा फायदा
रेलवे के जनसंपर्क अधिकारियों के अनुसार, इन नई लाइनों के शुरू होने से ट्रेनों की आवाजाही में काफी सुधार आएगा। प्रयागराज छिवकी से मुंबई जाने वाली ट्रेनों के लिए भी यह रूट अत्यंत महत्वपूर्ण है। आने वाले कुछ वर्षों में जैसे ही यह काम पूरा होगा, यात्रियों को न केवल यात्रा में कम समय लगेगा, बल्कि माल ढुलाई की क्षमता में भी भारी बढ़ोतरी होगी। रेलवे का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द इस रूट पर ट्रेनों का संचालन पूरी क्षमता के साथ शुरू किया जा सके।
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