एलपीजी के दामों में बढ़ोतरी पर शरद पवार का हमला- 'किस्तों में झटके देने की राजनीतिक कीमत चुकानी होगी' महाराष्ट्र 2 घंटे पहले 2
घरेलू रसोई गैस के दाम बढ़ने पर एनसीपी (शप) प्रमुख शरद पवार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि बार-बार बढ़ रही महंगाई का बोझ आम जनता पर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी।

देश में लगातार बढ़ती महंगाई और घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) के दामों में हुई बढ़ोतरी को लेकर शरद पवार ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि जरूरी वस्तुओं की बार-बार बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है और इसकी राजनीतिक कीमत सरकार को भुगतनी होगी।

'यदि यही नियंत्रण है, तो...'

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि महंगाई के चलते देशभर के लोग परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने सरकार के उस दावे पर भी सवाल खड़े किए जिसमें कहा जाता है कि कीमतों की बढ़ोतरी काबू में है। एलपीजी की हालिया मूल्यवृद्धि पर पूछे गए सवाल के जवाब में पवार बोले, "प्रधानमंत्री कहते हैं कि महंगाई को नियंत्रित किया जा रहा है। अगर यही नियंत्रण है, तो इसका अर्थ है लोगों को किस्तों में झटके देना। इसके लिए जो लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी।"

वहीं, कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भारतीय जनता पार्टी पर महंगाई के मुद्दे पर अपने पुराने रुख से पलटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए बीजेपी अब उन मुद्दों को लेकर वैसी संवेदनशीलता नहीं दिखा रही, जैसी विपक्ष में रहते हुए दिखाया करती थी। वडेट्टीवार के अनुसार, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के शासनकाल में जब-जब रसोई गैस के दाम बढ़ते थे, भाजपा नेता विरोध प्रदर्शन करते थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद ईंधन और एलपीजी की बार-बार बढ़ती कीमतों पर वे खामोश बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि बीते कुछ महीनों में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तेजी से इजाफा हुआ है, जबकि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की दरों में भी बीते कुछ वर्षों में कई बार बदलाव किया गया है।

तीन महीने में दूसरी बार बढ़े एलपीजी के दाम

उल्लेखनीय है कि घरेलू रसोई गैस की कीमत में प्रति सिलेंडर 29 रुपये की वृद्धि की गई है। पिछले तीन महीनों में यह दूसरा मौका है, जब घरेलू एलपीजी के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतें चढ़ने के बाद 07 मार्च को प्रति सिलेंडर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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