उपनाम: जालोर
जालोर की रहस्यमयी सांड बावड़ी: वह प्राचीन धरोहर जहां जल से बदली जाती थी लोगों की किस्मत
राजस्थान के जालोर जिले में स्थित सांड बावड़ी न केवल अपनी स्थापत्य कला के लिए जानी जाती है, बल्कि यहां का जल प्राचीन काल में भाग्य बदलने वाला माना जाता था। स्थानीय मान्यताएं इसे साहस, सत्य और सफलता से जोड़कर देखती हैं।
जालोर की ऐतिहासिक ताशखाना बावड़ी: क्या वाकई इस रहस्यमयी सुरंग का सीधा रास्ता किले तक जाता था?
राजस्थान के जालोर शहर में स्थित ताशखाना बावड़ी अपनी वास्तुकला के साथ-साथ कई अनसुलझे रहस्यों के लिए जानी जाती है, जिसके बारे में स्थानीय लोगों का मानना है कि यह एक गुप्त सुरंग से किले से जुड़ी थी।
भीनमाल: महाकवि माघ की जन्मभूमि और ‘शिशुपालवध’ की अमर साहित्यिक विरासत
राजस्थान का भीनमाल, जो प्राचीन काल में ‘श्रीमाल’ कहलाता था, संस्कृत साहित्य का बड़ा केंद्र रहा है। यहीं जन्मे महाकवि माघ की रचना ‘शिशुपालवध’ आज भी देश-विदेश के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती है।
स्वर्ण बावड़ी: जालोर की रहस्यमयी बावड़ियां, जिनमें आज भी जीवित है वीरमदेव की बहनों के बलिदान की गाथा
जालोर की स्वर्ण बावड़ी और झालर-कोलर बावड़ी केवल प्राचीन जल स्रोत नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और बलिदान की जीवंत निशानी हैं. लोक मान्यता इन्हें राजा वीरमदेव चौहान की बहनों के त्याग से जोड़ती है.
सिर्फ 5 मिनट में बनकर तैयार होती है मारवाड़ की खिचिया सब्जी, स्वाद ऐसा कि चटखारे लेते रह जाएंगे
राजस्थान के मारवाड़ अंचल की पारंपरिक खिचिया सब्जी खिचिया पापड़ और घरेलू मसालों से कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है। आज भी जालोर समेत कई गांवों की महिलाएं इस पुराने व्यंजन को सहेजकर नई पीढ़ी तक पहुंचा रही हैं।
जाळ के पेड़ तले मिला चमत्कारी पर्चा, मीठे पानी ने पलटी तकदीर; यूं दुदवा बना 'मिनी रामदेवरा'
जालोर के दुदवा गांव में बाबा रामदेवजी का धाम आस्था का बड़ा केंद्र है, जहां करीब 20 साल पहले बाबा के नाम से खोदे गए ट्यूबवेल से मीठा पानी निकलने को श्रद्धालु चमत्कार मानते हैं।
जालोर का अनोखा चंडीनाथ महादेव मंदिर: जमीन से 20 फीट नीचे विराजमान हैं भगवान, बावड़ी का जल दिन में तीन बार बदलता है रंग
जालोर जिले के भीनमाल में स्थित चंडीनाथ महादेव मंदिर अपनी प्राचीनता और चमत्कारी मान्यताओं के लिए जाना जाता है, जहां जमीन से करीब 20 फीट नीचे शिवलिंग विराजमान हैं और ब्रह्मकुंड बावड़ी का पानी दिन में तीन बार रंग बदलता है।
देसी स्वाद का असली बादशाह है गोविंद गट्टे की सब्ज़ी, जिसके आगे शाही पनीर भी लगे फीका
पनीर, काजू और हरी मिर्च से भरे स्टफ्ड गट्टों को मसालेदार दही वाली ग्रेवी में पकाकर बनने वाली राजस्थान की मशहूर गोविंद गट्टे की सब्ज़ी अपने अनोखे और शाही स्वाद के लिए जानी जाती है। जालोर की गृहिणी मंजुला सोनी की बताई इस पारंपरिक रेसिपी से इसे घर पर ही आसान...