जहानाबाद का अनोखा जायका: महज 20 रुपये में लीजिए नमकीन सेव और रसीले काला जामुन का शानदार स्वाद जीवनशैली 4 घंटे पहले 6
बिहार के जहानाबाद जिले में एक ऐसी पुरानी मिठाई की दुकान है जो अपने अनोखे कॉम्बो नाश्ते के लिए मशहूर है, जहां लोग केवल 20 रुपये में नमकीन और काला जामुन का लुत्फ उठा रहे हैं।

जहानाबाद का प्रसिद्ध नाश्ता केंद्र

हर शहर और कस्बे में कुछ ऐसी जगहें जरूर होती हैं, जो अपने खास खान-पान के लिए जानी जाती हैं। इन दुकानों की खासियत इनका पुराना इतिहास और स्वाद होता है, जो ग्राहकों को बार-बार अपनी ओर खींच लाता है। बिहार के जहानाबाद जिले में भी एक ऐसी ही मशहूर दुकान मौजूद है, जो अपने अनोखे स्वाद के कारण इलाके में काफी लोकप्रिय है। यह दुकान जिले के घोसी बाजार में बस स्टैंड के पास स्थित है, जिसे स्थानीय लोग 'कारू मिठाई दुकान' के नाम से जानते हैं। यह दुकान अपनी विशिष्टता और किफायती दाम के लिए पूरे क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान रखती है।

35 वर्षों का सफर और पुरानी परंपरा

यह मिठाई की दुकान करीब 35 साल पुरानी है। समय बदलने के साथ-साथ महंगाई भी बढ़ी है, लेकिन इस दुकान की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है। दुकान के मालिक धनंजय कुमार का कहना है कि उनकी दुकान दशकों से लोगों को अपनी सेवा दे रही है। यहां का सबसे चर्चित आइटम नमकीन सेव और काला जामुन का मिश्रण यानी एक खास प्लेट है। पहले यह नाश्ता मात्र 15 रुपये में मिल जाता था, लेकिन बढ़ती महंगाई की वजह से अब इसका दाम 20 रुपये कर दिया गया है। फिर भी, आज के दौर में इतने कम दाम में यह कॉम्बो नाश्ता ग्राहकों को बहुत सस्ता और स्वादिष्ट लगता है।

हर दिन होती है भारी खपत

दुकानदार धनंजय कुमार के अनुसार, ग्राहकों की पसंद को देखते हुए ही वे अपनी गुणवत्ता बनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि इस दुकान में हर दिन लगभग 700 से 800 पीस काला जामुन की बिक्री हो जाती है। यह आंकड़ा सामान्य दिनों का है, जबकि किसी त्योहार या विशेष अवसर के समय पर यह मांग और भी बढ़ जाती है। उनके अनुसार, दुकान की सबसे बड़ी ताकत इसका स्वाद है, जिसके कारण लोग यहां बरसों से आते रहे हैं। कई ऐसे ग्राहक भी हैं जो पिछले 20 सालों से लगातार यहां नाश्ता करने आ रहे हैं, जो इस दुकान के प्रति उनके भरोसे को दर्शाता है।

ग्राहकों के लिए खास अनुभव

राम विष्णु शर्मा, जो पिछले 20 सालों से इस दुकान के नियमित ग्राहक रहे हैं, बताते हैं कि उन्हें यहां के नमकीन और काला जामुन का स्वाद अन्य जगहों से कहीं बेहतर लगता है। उनका मानना है कि इतनी कम कीमत में ऐसा लाजवाब स्वाद मिलना बहुत मुश्किल है। ग्राहकों की भीड़ का एक मुख्य कारण यह भी है कि यहां मिठाई से लेकर नमकीन तक, हर चीज उनकी आंखों के सामने तैयार की जाती है, जिससे इसकी ताजगी पर किसी को संदेह नहीं होता।

दूर-दराज से पहुंचते हैं शौकीन

दुकान पर कारीगर के रूप में काम कर रहे महेश कुमार, जो पिछले 14 वर्षों से यहां अपनी सेवाएं दे रहे हैं, बताते हैं कि यहां का स्वाद और उचित दाम ही है जो ग्राहकों को 10 किलोमीटर दूर से भी खींच लाता है। वे कहते हैं कि त्योहारों के समय तो आलम यह होता है कि दुकानों पर भीड़ इतनी बढ़ जाती है कि सामान ही कम पड़ जाता है। चाहे युवा हों या बुजुर्ग, सभी आयु वर्ग के लोग यहां एक ही उत्साह के साथ नाश्ते का आनंद लेने पहुंचते हैं। शाम ढलते ही घोसी बाजार की यह दुकान ग्राहकों से भर जाती है, जो इस बात का प्रमाण है कि स्वाद का जादू आज भी बरकरार है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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