आम का अचार रेसिपी: भुसावर के मशहूर आम के अचार का असली स्वाद अब घर पर भी बनाएं जीवनशैली एक घंटा पहले 3
भरतपुर के भुसावर का कच्चे आम का अचार अपने चटपटे स्वाद और पारंपरिक देसी मसालों के लिए कई राज्यों तक मशहूर है। सही सामग्री और विधि अपनाकर इसे आसानी से घर पर भी तैयार किया जा सकता है।

भरतपुर जिले का भुसावर क्षेत्र इन दिनों एक बार फिर अपने खास आम के अचार को लेकर सुर्खियों में है। यहां बड़े स्तर पर कच्चे आम का अचार तैयार किया जा रहा है, जिसकी मांग सिर्फ भरतपुर तक सीमित नहीं रहती, बल्कि आसपास के जिलों और कई राज्यों तक फैली हुई है। अपने पारंपरिक स्वाद, बेहतरीन खुशबू और लंबे समय तक टिके रहने की खूबी के कारण यह अचार लोगों की पहली पसंद बन चुका है।

क्या है इस अचार की खास पहचान

इस अचार की असली पहचान इसके मसालों के संतुलन और बनाने की पारंपरिक विधि में छिपी हुई है। सरसों के तेल और चुनिंदा मसालों के सटीक मिश्रण से तैयार होने वाला यह अचार हर खाने का स्वाद दोगुना कर देता है। यही वजह है कि जो भी एक बार इसका स्वाद चख लेता है, वह इसे लंबे समय तक भूल नहीं पाता।

घर पर बनाने के लिए जरूरी सामग्री

अच्छी बात यह है कि भुसावर जैसा यह स्वादिष्ट आम का अचार घर पर भी आसानी से तैयार किया जा सकता है। बस जरूरत है सही सामग्री और सही विधि अपनाने की। सबसे पहले ताजे और सख्त कच्चे आम का चयन करना जरूरी होता है। मसालों के लिए सरसों का तेल, नमक, हल्दी, लाल मिर्च, सौंफ और मेथी का इस्तेमाल किया जाता है। इन सभी मसालों का सही मात्रा में मिश्रण ही अचार के स्वाद को खास बनाता है।

बनाने की आसान विधि

सबसे पहले आम को अच्छी तरह धोकर इतना सुखाया जाता है कि उसमें जरा भी नमी न रह जाए। इसके बाद आम को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है। कटे हुए टुकड़ों को मसालों के साथ अच्छी तरह मिलाकर साफ और सूखे कांच के जार में भर दिया जाता है।

इसके बाद अचार को कुछ दिनों तक तेज धूप में रखा जाता है। धूप में रखने से मसाले आम के टुकड़ों में अच्छी तरह समा जाते हैं और अचार का स्वाद और निखरकर सामने आता है। साथ ही अचार को बीच-बीच में चलाते रहना भी जरूरी होता है, ताकि वह खराब न हो।

लंबे समय तक सुरक्षित रखने के टिप्स

अचार बनाने वालों के अनुसार, स्वच्छता का पूरा ध्यान रखना और नमी से बचाव करना अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी है। सही तरीके से तैयार किया गया अचार महीनों तक खराब नहीं होता और उसका स्वाद भी बरकरार रहता है।

कुल मिलाकर भुसावर का यह मशहूर आम का अचार न केवल अपनी स्थानीय पहचान बना चुका है, बल्कि अब आप इसे घर पर बनाकर भी उसी पारंपरिक स्वाद का आनंद ले सकते हैं।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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