गोरखपुर: बच्ची की हत्या के आरोपी सिपाही की अस्पताल में पिटाई, मेडिकल के दौरान लोगों का फूटा गुस्सा क्राइम एक घंटा पहले 7
गोरखपुर में एक मासूम बच्ची की अपहरण और हत्या के मामले में गिरफ्तार निलंबित सिपाही की अस्पताल में भीड़ ने जमकर पिटाई कर दी। आरोपी पुलिसकर्मी पहले भी दुष्कर्म के एक मामले में जेल जा चुका है।

आरोपी की अस्पताल में जमकर हुई धुनाई

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मानवता को शर्मसार कर देने वाले बच्ची की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए निलंबित सिपाही अभिषेक यादव की उस समय जमकर पिटाई हो गई, जब उसे मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत अपहरण और हत्या के इस संगीन मामले में आरोपी को जैसे ही लोगों ने देखा, उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वहां मौजूद आक्रोशित भीड़ ने आरोपी पर हमला कर दिया और अस्पताल परिसर में उसे लात-घूंसों से पीटा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी स्थिति को संभालने में लगे रहे और कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर सुरक्षित स्थान पर ले गए।

भीड़ के गुस्से का शिकार बना आरोपी

अस्पताल में मौजूद लोगों के बीच आरोपी अभिषेक यादव को देखकर जबरदस्त रोष व्याप्त हो गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और आरोपी को पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान आरोपी के साथ गाली-गलौज भी की गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि पुलिस की सुरक्षा घेरा भी उसे बचा पाने में अक्षम सा लग रहा था। अस्पताल के गेट तक लोग उसे पीटते हुए ले गए, जिससे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

पुलिस पूछताछ में जुर्म कुबूल

पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि 28 जुलाई की रात को जिला अस्पताल परिसर से एक मासूम बच्ची लापता हो गई थी। इस मामले में अभिषेक यादव को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी की दी गई जानकारी और निशानदेही के आधार पर पुलिस ने बच्ची का शव बरामद कर लिया है।

दुष्कर्म की आशंका और पिछला रिकॉर्ड

घटना की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें आरोपी अभिषेक यादव बच्ची को घर छोड़ने का बहाना बनाकर अपनी बाइक पर बैठाकर ले जाता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने उसे धर दबोचा। पुलिस को यह प्रबल संदेह है कि हत्या से पूर्व बच्ची के साथ दरिंदगी यानी दुष्कर्म किया गया होगा। फिलहाल, सच्चाई का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। जानकारी के अनुसार, आरोपी सिपाही इससे पहले भी एक दुष्कर्म के मामले में जेल की हवा खा चुका है। जमानत पर बाहर आने के बाद वह वर्तमान में डायल 112 में अपनी सेवाएं दे रहा था।

फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी कार्रवाई

पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी से लगातार कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। घटना के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच से मिलने वाले सबूतों के आधार पर ही आरोपी के खिलाफ आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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