जीवनशैली
एक घंटा पहले
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विचारों
अगर रोज़ाना घर में बनने वाली सादे तड़के वाली दाल खाकर मन ऊब गया है, तो इस बार सुल्तानी दाल बनाकर देखिए। यह दाल मुगलई और अवधी व्यंजनों की एक नामचीन और शाही दाल मानी जाती है। परंपरागत रूप से इसे उत्तर प्रदेश के नवाबों की रसोई में तैयार किया जाता था और इसका लाजवाब जायका आज भी याद किया जाता है।
सुल्तानी दाल अपने खास स्वाद, भीनी-भीनी सुगंध और मलाईदार बनावट के लिए पहचानी जाती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी गाढ़ी, मुलायम और रिच टेक्सचर है। इसकी खुशबू और स्वाद इतने बेहतरीन होते हैं कि पुराने ज़माने में इसे खासतौर पर राजाओं और लखनऊ के नवाबों के लिए बनाकर परोसा जाता था। अच्छी बात यह है कि आप इसे आसानी से अपने घर पर भी बना सकते हैं।
ज़रूरी सामग्री
- अरहर दाल
- प्याज
- लहसुन
- अदरक
- हरी और लाल मिर्च
- नींबू
- जीरा
- हल्दी
- काजू
दाल बनाने की विधि
सबसे पहले अरहर दाल को हल्दी पाउडर और नमक के साथ प्रेशर कुकर में उबाल लें। दाल पक जाने के बाद कुकर की भाप पूरी तरह निकल जाने दें और फिर ढक्कन खोलें।
अब काजू क्रीम तैयार करने की बारी है। इसके लिए काजू, ऑलिव ऑयल, नींबू का रस, लहसुन और नमक को एक मिक्सर में डालें। इसमें आधा पानी मिलाकर इतनी अच्छी तरह पीसें कि मिश्रण बिल्कुल मुलायम और क्रीमी हो जाए। तैयार काजू क्रीम में बचा हुआ पानी मिलाकर इसे अच्छी तरह घोल लें। इस पतली काजू क्रीम को पकी हुई दाल में डालें और भलीभांति फेंटकर मिला लें।
अगर आपके पास काजू न हों तो उसकी जगह दही और क्रीम को एक बाउल में अच्छी तरह फेंट लें, इसमें थोड़ा-सा इलायची और लौंग पाउडर डालें और फिर इस मिश्रण को दाल में मिला दें।
तड़का तैयार करें
एक छोटे पैन में घी गरम करें और उसमें जीरा डालकर चटकने दें। इसके बाद लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालकर तब तक भूनें जब तक उनकी कच्ची महक खत्म न हो जाए। अब प्याज डालें और हल्का पारदर्शी (ट्रांसलूसेंट) होने तक भूनें।
इसके बाद साबुत सूखी लाल मिर्च और लाल मिर्च पाउडर डालकर लगभग 15 सेकंड तक भूनें। तैयार तड़के को तुरंत दाल के ऊपर डाल दें। ऊपर से हरा धनिया डालकर सजाएं। आखिर में स्वाद चखें और ज़रूरत महसूस हो तो थोड़ा और नमक मिला लें।
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