देवघर यात्रा में केवल दर्शन ही नहीं, इन 7 प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वाद भी बनाएं अपनी यात्रा का हिस्सा जीवनशैली एक घंटा पहले 4
देवों की नगरी देवघर अपने धार्मिक महत्व के साथ-साथ लाजवाब स्थानीय व्यंजनों के लिए भी जाना जाता है। बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के बाद वहां के दही-चूड़ा, मिलोनी और प्रसिद्ध पेड़े का स्वाद चखना बिल्कुल न भूलें।

देवों की नगरी देवघर केवल अपनी धार्मिक आस्था और बाबा बैद्यनाथ मंदिर के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि यह शहर अपने अनूठे और लजीज व्यंजनों के लिए भी जाना जाता है। हर साल देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए यहां आते हैं। यदि आप भी देवघर की यात्रा पर जा रहे हैं, तो वहां की गलियों में मिलने वाले पारंपरिक और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद चखना न भूलें। यहां सुबह के साधारण नाश्ते से लेकर रात के स्वादिष्ट भोजन तक, हर स्वाद के लिए कुछ न कुछ बेहद खास है। आइए जानते हैं देवघर के उन चुनिंदा व्यंजनों के बारे में जो आपकी यात्रा को हमेशा के लिए यादगार बना देंगे।

1. दही-चूड़ा और सब्जी का पारंपरिक नाश्ता

देवघर में सुबह की शुरुआत अक्सर दही-चूड़ा और सब्जी के साथ होती है। चाहे कोई घर पर हो या फिर काम पर निकलने की तैयारी में हो, यह नाश्ता हर वर्ग के लोगों की पहली पसंद है। दही-चूड़ा खाने के बाद पेट न केवल हल्का रहता है बल्कि गर्मियों के दिनों में शरीर को ठंडक भी मिलती है। स्थानीय लोग इसे अपने दैनिक जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा मानते हैं। यदि किसी को कार्यालय जाना हो या सुबह-सुबह किसी जरूरी काम से बाहर निकलना हो, तो वे इसे खाकर ही घर से प्रस्थान करते हैं। देवघर आने वाले पर्यटकों को इस सादे और सेहतमंद देसी नाश्ते का स्वाद एक बार जरूर चखना चाहिए।

2. चटपटी 'मिलोनी' यानी घुगनी-मुढ़ी

बाबा बैद्यनाथ मंदिर के दर्शन करने के बाद यदि आपका मन कुछ तीखा और चटपटा खाने का कर रहा है, तो देवघर की गलियों में मिलने वाला प्रसिद्ध स्थानीय व्यंजन घुगनी-मुढ़ी आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। स्थानीय लोग इसे प्यार से 'मिलोनी' भी कहते हैं। मंदिर परिसर के आसपास पत्तों से बनी प्लेटों में यह चटपटा नाश्ता आसानी से मिल जाता है। इसमें मुढ़ी (मुरमुरा), चूड़ा, चने की मसालेदार सब्जी, गरमा-गरम समोसे और छने हुए पकौड़े एक साथ मिलाए जाते हैं। स्वाद को और दोगुना करने के लिए ऊपर से बारीक कटी मिर्च, नमक और कुरकुरी भुजिया डाली जाती है। चटपटा खाने के शौकीन लोगों के लिए मिलोनी एक लाजवाब अनुभव है।

3. बाबा धाम का विश्वप्रसिद्ध प्रसाद - पेड़ा

जब भी बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर का नाम लिया जाता है, तो लोगों के मन में मंदिर और पूजा-अर्चना के साथ ही वहां के प्रसिद्ध पेड़े की तस्वीर उभर आती है। देवघर में पेड़ा केवल एक साधारण मिठाई नहीं है, बल्कि यह यहां आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और यात्रा का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। बाबा बैद्यनाथ मंदिर के आसपास की तंग गलियों में पेड़े की सैकड़ों दुकानें सजी दिखाई देती हैं। देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु बाबा की पूजा करने के बाद इन दुकानों से पेड़ा जरूर खरीदते हैं। कई लोग वहीं खड़े होकर इस ताजे पेड़े का आनंद लेते हैं, तो कई लोग अपने रिश्तेदारों और मित्रों के लिए डिब्बों में पैक कराकर इसे प्रसाद के रूप में अपने साथ घर ले जाते हैं।

4. केसरिया दही और ठंडे रसगुल्ले का अनूठा मेल

देवघर की मंदिर वाली गलियों में घूमते समय आपको रसगुल्ला और केसर वाले दही का एक बेहद लोकप्रिय कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। मीठे, रसीले रसगुल्ले के साथ मलाईदार और ठंडी केसरिया दही का स्वाद वाकई अद्भुत होता है। यहां आपको पीले और सफेद, दोनों ही तरह के रसगुल्ले खाने को मिलेंगे जो अपनी कोमलता और मिठास के लिए जाने जाते हैं। मंदिर में दर्शन करने के बाद थके हुए श्रद्धालु इस मीठी और ठंडी जुगलबंदी का आनंद लेकर अपनी थकान मिटाते हैं। देवघर की इस अनोखी मिठास को चखना आपकी यात्रा को और भी खास बना देगा।

5. शाही मिठाई 'मनभोग'

देवघर का मनभोग यहां की पारंपरिक मिठाइयों में अपनी एक बेहद खास और शाही पहचान रखता है। इसे तैयार करने की विधि काफी अलग और पारंपरिक है। इसे बनाने में खोवा, गेहूं का आटा, गाढ़ा दूध, शुद्ध देसी घी और खुशबूदार इलायची का उपयोग किया जाता है। इसके ऊपर से सजाए गए बारीक कटे हुए सूखे मेवे इसके स्वाद और बनावट को और भी समृद्ध बना देते हैं। मंदिर की गलियों के आसपास कुछ चुनिंदा और पुरानी दुकानों में ही यह मनभोग आसानी से उपलब्ध होता है। यदि आप देवघर के असली और पारंपरिक मीठे स्वाद को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो मनभोग का टुकड़ा अपने मुंह में पिघलने दें।

6. पराठा गली के वजनदार पराठे

देवघर के खास व्यंजनों में यहां के स्वादिष्ट पराठे भी शामिल हैं, जो श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। मंदिर के बिल्कुल समीप एक पूरी की पूरी गली केवल पराठों के लिए ही पहचानी जाती है, जिसे स्थानीय लोग 'पराठा गली' कहते हैं। यहां पराठे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन्हें वजन के हिसाब से तौलकर बेचा जाता है। यहां आपको आलू, पनीर और सत्तू जैसे कई तरह के स्वादों में गरमा-गरम पराठे मिलेंगे। बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने के बाद जब श्रद्धालुओं को तेज भूख लगती है, तो वे सीधे पराठा गली का रुख करते हैं। दिन हो या रात, इस गली में आपको हमेशा गरमा-गरम पराठे तैयार मिलते हैं।

7. नॉन-वेज प्रेमियों के लिए विशेष 'मटन अट्ठे'

यदि आप मांसाहारी भोजन के शौकीन हैं और देवघर के स्थानीय स्वाद का अनुभव करना चाहते हैं, तो मटन अट्ठे आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है। यह मटन व्यंजन अपने बनाने के बेहद खास और पारंपरिक तरीके के लिए प्रसिद्ध है। इसे पकाने के दौरान पानी का बिल्कुल भी उपयोग नहीं किया जाता है और इसे पूरी तरह से शुद्ध देसी घी में तैयार किया जाता है। लोहे की भारी कड़ाही में धीमी आंच पर धीरे-धीरे पकने के कारण इसका स्वाद और इसकी सौंधी खुशबू बेहद लाजवाब हो जाती है। देवघर आने वाले मांसाहारी भोजन के शौकीन इस प्रामाणिक स्वाद का लुत्फ उठाना कभी नहीं भूलते।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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