उपनाम: बाबा बैद्यनाथ धाम
देवघर से बेंगलुरु के बीच अब रोज भरेगी विमान उड़ान, जानिए नई समय-सारणी और बुकिंग का हाल
देवघर और संताल परगना के निवासियों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि 1 अक्टूबर से देवघर-बेंगलुरु इंडिगो फ्लाइट का परिचालन सप्ताह में तीन दिन के बजाय अब रोजाना होगा।
देवघर: बाबाधाम में 150 AI कैमरों से कांवरियों की पल-पल गिनती, जानें कैसे काम करता है यह तकनीक
देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रावणी मेला के दौरान पहली बार 150 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरों का उपयोग श्रद्धालुओं की संख्या गिनने और भीड़ प्रबंधन के लिए किया जा रहा है। यह डिजिटल सिस्टम सटीक डेटा प्रदान करने के साथ ही श्रद्धालुओं की दोहरी गिनती...
मुंगेर कांवड़ यात्रा: हाथों के बल चल रहे दिव्यांग मनोज और कंधे पर गणेश जी को बिठाकर ले जाते भक्त, आस्था के अनोखे दृश्य
सावन के पावन महीने में मुंगेर के कच्ची कांवरिया पथ पर दो बेहद खास तस्वीरें सामने आई हैं, जहां एक दिव्यांग श्रद्धालु हाथों के बल बाबाधाम जा रहे हैं, तो वहीं शिवभक्तों का एक समूह गणेश जी की प्रतिमा को कंधों पर उठाकर महादेव के दरबार पहुंच रहा है।
मुंगेर: 40 शिवभक्तों का जत्था लेकर निकला 250 किलो की महाकाल कांवड़, हर कोई देख रहा यह अद्भुत नजारा
बिहार के मुंगेर में एक अनोखी कांवड़ यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां कोलकाता से आए 40 शिवभक्त 250 किलो वजन वाली महाकाल कांवड़ के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा कर रहे हैं।
मुंगेर: कच्ची कांवरिया पथ पर पहली बार तैनात हाईटेक मशीनें, हर श्रद्धालु का अब होगा सटीक हिसाब
मुंगेर जिला प्रशासन ने श्रावणी मेले के दौरान कच्ची कांवरिया पथ पर पहली बार हाईटेक काउंटिंग डिवाइस और कैमरे लगाए हैं ताकि कांवरियों की सटीक संख्या का डेटा मिल सके और भविष्य में बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें।
देशभर में बहती है पावन गंगा, फिर देवघर के लिए सुल्तानगंज से ही क्यों भरा जाता है गंगाजल? जानें बाबा बैद्यनाथ धाम से इसका अनोखा रिश्ता
सावन में सुल्तानगंज से देवघर की कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व है। आखिर श्रद्धालु सुल्तानगंज से ही गंगाजल क्यों भरते हैं, इसके पीछे के धार्मिक, भौगोलिक और पौराणिक कारणों पर एक नज़र।
सावन में देवघर जाने वाले कांवरियों के लिए खुशखबरी, ठहरने और मोबाइल चार्जिंग की मिलेगी मुफ्त सुविधा
सावन के पावन महीने में बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए देवघर प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं ने ठहरने के लिए आधुनिक टेंट सिटी और विश्राम गृहों का इंतजाम किया है। यहां कांवरियों को बेड, बिजली और स्नान जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त...
जसीडीह की मशहूर पापड़ी चाट: बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा का लाजवाब स्वाद
देवघर और जसीडीह आने वाले सैलानी बाबा के दर्शन के बाद यहां की खास पापड़ी चाट का स्वाद लेना कभी नहीं भूलते हैं। मात्र 40 रुपये की कीमत वाली यह चाट स्थानीय लोगों के साथ ही बाहरी पर्यटकों की भी पहली पसंद बनी हुई है।
बाबाधाम जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे का बड़ा तोहफा, श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन का पूरा शेड्यूल देखें
रेलवे ने श्रावणी मेले के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए हावड़ा और नटेसर के बीच विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह सेवा 5 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक संचालित रहेगी।
श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन: हावड़ा और नटेसर के बीच दौड़ेंगी ट्रेन, जसीडीह होकर मिलेगा सफर में आराम
बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूर्व रेलवे ने श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है, जो हावड़ा और नटेसर के बीच 38-38 फेरे लगाएगी।
देवघर यात्रा का आनंद होगा दोगुना, बाबाधाम के पास दुमका की इन 5 जगहों पर जरूर जाएं
अगर आप देवघर में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन करने जा रहे हैं, तो मात्र 2 घंटे की दूरी पर स्थित दुमका की खूबसूरती देखना न भूलें। यहाँ धार्मिक आस्था और प्राकृतिक पर्यटन का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
देवघर का जायका: 2 रुपये के नन्हे समोसे से लेकर तौलकर बनने वाले पराठे, पेड़ा और रबड़ी तक
बाबा बैद्यनाथ धाम के दर्शन के बाद देवघर की मशहूर गलियों का जायका जरूर चखें। यहां के छोटे समोसे, पेड़ा, चाट, तौलकर बनने वाले पराठे और रबड़ी का स्वाद जुबान पर ऐसा चढ़ता है कि भूलना मुश्किल हो जाता है।
किस मंदिर में मत्था टेकते हैं वैभव सूर्यवंशी? जानिए उनकी आस्था से जुड़ी पूरी डिटेल
क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी और उनके परिवार की धार्मिक आस्था बेहद गहरी है। वे अपने पैतृक गांव ताजपुर मोतीपुर की ठाकुरबाड़ी के साथ-साथ देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में भी अटूट श्रद्धा रखते हैं।
पैरों में छाले, मन में महादेव का नाम; 7000 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकला अनोखा शिवभक्त
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के युवा रोहित कश्यप करीब 7000 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकले हैं। काशी से गंगाजल लेकर वे देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंच चुके हैं और आगे जगन्नाथपुरी, उज्जैन, अमरनाथ तथा केदारनाथ की यात्रा भी पैदल ही पूरी करेंगे।