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एक घंटा पहले
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साउथ कोरिया में भारतीय टीम के लिए बड़ी चुनौती
डेविस कप के दूसरे दौर में भारतीय टेनिस टीम का सामना अब साउथ कोरिया से होने वाला है। पिछले दौर में भारतीय टीम ने नीदरलैंड्स को 3-2 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया था। अब अगले मुकाबले के लिए टीम इंडिया साउथ कोरिया के सियोल पहुंच चुकी है। हालांकि, वहां का ओलंपिक टेनिस कोर्ट भारतीय खिलाड़ियों के लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं है। इस कोर्ट की सतह का लो-बाउंस भारतीय खिलाड़ियों की लय बिगाड़ने के लिए काफी है। इस विशेष परिस्थिति को लेकर भारतीय टीम के अनुभवी खिलाड़ी युकी भांबरी ने वीटो ओटीटी के प्री-शो के दौरान अपनी महत्वपूर्ण राय रखी है। युकी, जो चोट के कारण इस सीरीज का हिस्सा नहीं बन सके हैं, ने भारतीय टीम के लिए जीत का खाका खींचा है।
धैर्य और लंबी रैली का महत्व
युकी भांबरी के अनुसार, इस प्रकार के लो-बाउंस कोर्ट पर सीधे तौर पर आक्रामक होकर जल्दी अंक हासिल करना बहुत कठिन काम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय खिलाड़ियों को अपनी तकनीक में स्पष्ट बदलाव करने होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे कोर्ट पर आपको जल्दबाजी दिखाने के बजाय संयम बरतना होगा। गेम को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने के लिए लंबी रैलियों पर ध्यान देना अनिवार्य होगा। केवल धैर्य के साथ रैली करने से ही आप अंक हासिल करने की स्थिति तक पहुँच पाएंगे और अपने शॉट को सही तरह से सेटअप कर सकेंगे।
परिस्थिति के अनुसार रणनीति में बदलाव जरूरी
साउथ कोरियाई टीम ने अपने घरेलू मैदान पर भारत के खिलाफ मुकाबले के लिए ओलंपिक टेनिस कोर्ट की सतह को विशेष रूप से तैयार किया है। कोर्ट का बाउंस मध्यम से नीचे रहने की पूरी उम्मीद है, जो सीधे तौर पर साउथ कोरिया के खिलाड़ियों की खेल शैली के अनुकूल है। युकी ने चेतावनी दी है कि कोरियाई खिलाड़ी इस तरह के कोर्ट पर खेलने के अभ्यस्त हैं, इसलिए उन्हें मात देने के लिए भारतीय टीम को अपनी पारंपरिक रणनीति में बदलाव करना होगा। टीम को हर संभव अवसर की तलाश में रहना होगा और कोर्ट की प्रकृति को समझते हुए अपने खेल में लचीलापन लाना होगा।
आत्मविश्वास और टीम पर भरोसा
युकी भांबरी ने भारतीय टीम के मनोबल पर जोर देते हुए कहा कि मौजूदा समय में टीम को दो चीजों की सबसे अधिक आवश्यकता है, एक है हिम्मत और दूसरी है अटूट भरोसा। खिलाड़ियों को अपने कप्तान और पूरे सपोर्ट स्टाफ पर पूरा विश्वास रखना होगा। युकी का मानना है कि कप्तान विशाल और बाकी सदस्य जरूर गेम और ट्रांजिशन प्ले पर चर्चा कर रहे होंगे। उन्होंने सुमित और डीके सुरेश का जिक्र करते हुए कहा कि आज दोनों को अपने हुनर पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। महान खिलाड़ी वही होते हैं जो समय की मांग के अनुसार अपनी रणनीति को बदल लेते हैं और कठिन परिस्थितियों में ढलना जानते हैं। भारतीय टीम को इसी हिम्मत और सूझबूझ का प्रदर्शन करना होगा।
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