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एक घंटा पहले
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व्योमिंग में सिख ट्रक ड्राइवर पर चाकू से हमला
अमेरिका के व्योमिंग राज्य में स्थित एक रेस्ट स्टॉप पर एक सिख ट्रक ड्राइवर को चाकू मारे जाने की घटना ने हड़कंप मचा दिया है। इस घृणित हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि अमेरिका में लगातार बढ़ रही नफरत की भावना बेहद चिंताजनक है। विशेष रूप से सिख और दक्षिण एशियाई मूल के नागरिकों को निशाना बनाया जाना कतई स्वीकार्य नहीं है। सोशल मीडिया मंच X पर अपनी बात रखते हुए कृष्णमूर्ति ने कहा कि वह इस हिंसक घटना से पूरी तरह स्तब्ध हैं। उन्होंने इस तरह की नफरत और हिंसा को बढ़ावा देने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।
DHS की सोशल मीडिया गतिविधि पर तीखे सवाल
सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने केवल हमले की निंदा ही नहीं की, बल्कि उन्होंने अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी यानी DHS द्वारा की गई एक सोशल मीडिया पोस्ट पर भी गंभीर आपत्ति जताई। सांसद का मानना है कि उस पोस्ट में सिख ट्रक ड्राइवर की जो तस्वीर साझा की गई, वह नस्लीय भेदभाव को दर्शाती है और काफी अपमानजनक है। उन्होंने आम जनता से आग्रह किया कि नफरत और हिंसा के खिलाफ सभी को एकजुट होना होगा। कृष्णमूर्ति ने अपने बयान में दो टूक कहा कि जो लोग समाज में जहर घोल रहे हैं, उन्हें तत्काल रुकना चाहिए। उन्होंने आगे जोड़ा कि इसमें संघीय सरकार के अधिकारी भी शामिल हैं जो अपनी जिम्मेदारियों का सही पालन नहीं कर रहे हैं। हिंसा को बढ़ावा देने वाले हर व्यक्ति को कानून के कटघरे में खड़ा कर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
घायल ड्राइवर के लिए प्रार्थना और सहायता का आभार
अपनी बात को जारी रखते हुए राजा कृष्णमूर्ति ने पीड़ित ट्रक ड्राइवर के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने ड्राइवर के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। इसके अलावा, उन्होंने उस परिवार की सराहना की जिन्होंने मौके पर पहुंचकर तुरंत मदद की, जिसके कारण ड्राइवर की जान बच पाई। सांसद ने श्री सिंह के पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है और उनके परिवार को ढांढस बंधाया है।
सैक्रामेंटो में महिला की हत्या से बढ़ीं चिंताएं
राजा कृष्णमूर्ति ने इसी के साथ कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में हुई एक अन्य भयावह घटना का जिक्र किया। वहां भारतीय मूल की एक महिला की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, हमलावर भारत का रहने वाला था, जिसकी पहचान रोहित के रूप में हुई है। रोहित पर आरोप है कि वह पिछले कई महीनों से महिला का पीछा कर रहा था। यह घटना 8 सितंबर को एक स्थानीय शॉपिंग सेंटर में हुई थी, जहां आरोपी ने 38 वर्षीय शालिनी ठाकुर को उनकी कार के पास रोका और गोली मार दी। शालिनी ने वहां से भागने की भरपूर कोशिश की थी, लेकिन वह बच नहीं सकीं। हमले को अंजाम देने के बाद रोहित घटनास्थल से फरार हो गया और बाद में उसने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
लंबे समय से जारी था उत्पीड़न का सिलसिला
घटना की जांच में सामने आया है कि आरोपी जनवरी 2026 से शालिनी ठाकुर का पीछा कर रहा था। इस दौरान उसने कई बार महिला को परेशान किया। शालिनी को अपनी गाड़ी के नीचे एक एप्पल एयरटैग लगा हुआ मिला था, जिससे पता चलता है कि आरोपी उन पर लगातार नजर रख रहा था। इसके अलावा रोहित ने उनकी कार के टायरों से हवा निकालने और उनके काम पर जाते समय पीछा करने जैसे हरकतें भी की थीं। आरोपी के दुस्साहस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने शालिनी के घर की चाबी की नकल बनवा ली थी और सोते समय उनके अपार्टमेंट में घुस गया था। हालांकि शालिनी ने मई में आरोपी के खिलाफ रिस्ट्रेनिंग ऑर्डर लिया था, लेकिन उसके बावजूद जुलाई तक पीछा करने का सिलसिला बंद नहीं हुआ।
आरोपी की घुसपैठ और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न
DHS से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी रोहित वर्ष 2023 में एरिजोना की सीमा से अमेरिका में अवैध रूप से दाखिल हुआ था। उसे बॉर्डर पेट्रोल ने पकड़ा भी था, लेकिन उस समय उसे छोड़ दिया गया था। फिलहाल उसकी इमिग्रेशन स्थिति और मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं की गहन जांच जारी है। व्योमिंग में सिख ड्राइवर पर हुए चाकू के हमले और सैक्रामेंटो में शालिनी ठाकुर की निर्मम हत्या ने अमेरिका में रह रहे भारतीय और दक्षिण एशियाई समुदायों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। हाल ही में पाकिस्तान में एक गुरुद्वारे के अंदर सिख दंपत्ति की हत्या की खबर के बाद इन घटनाओं ने वैश्विक स्तर पर सिखों और भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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