झारखंड
एक घंटा पहले
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अगर आप घर पर ही चंद मिनटों में सेहत से भरपूर जूस तैयार करना चाहते हैं, तो रांची की बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कृषि वैज्ञानिकों की बनाई एक मशीन आपके बड़े काम आ सकती है। यह पूरी तरह 'कोल्ड प्रेस्ड' तकनीक पर आधारित जूसर है, जो बिजली से चलता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह सिर्फ 20 सेकंड में 10 ग्लास जूस तैयार कर देती है और एक बार में अधिकतम 20 ग्लास तक जूस बना सकती है। इसके इस्तेमाल से पूरे परिवार के लिए जूस तैयार करने की झंझट हमेशा के लिए दूर हो जाती है।
कोल्ड प्रेस्ड तकनीक क्यों है खास?
यूनिवर्सिटी के कृषि वैज्ञानिक अभिजीत के मुताबिक, आम मिक्सी या जूसर चलते समय काफी गर्मी पैदा करते हैं, जिसकी वजह से फलों के पौष्टिक तत्व और विटामिन करीब 60% तक नष्ट हो जाते हैं। इसके उलट, इस कोल्ड प्रेस्ड मशीन में गर्मी का उत्पादन न के बराबर होता है। यही वजह है कि फलों में मौजूद 100% विटामिन और मिनरल्स जूस में सुरक्षित बने रहते हैं।
बाजार में इस तरह की तकनीक वाली मशीनों के लिए लोग हजारों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन अब यही सुविधा बेहद कम कीमत में घर पर ही मिल सकेगी।
तीन लेयर वाला फिल्टर और मजबूत बनावट
इस मशीन में 3 लेयर का एडवांस फिल्टर सिस्टम दिया गया है। यह जूस को अपने आप इतनी बारीकी से छानता है कि फल का एक रेशा तक जूस में नजर नहीं आता। बनावट की बात करें तो इसमें प्लास्टिक का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया है। यह पूरी तरह लोहे और एल्यूमीनियम से तैयार की गई है। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह मशीन इतनी मजबूत है कि नीचे गिरने या पटकने पर भी खराब नहीं होती।
कीमत और मशीन की उम्र
इस स्वदेशी और बेहद मजबूत जूसर मशीन की कीमत सिर्फ ₹2500 रखी गई है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि एक बार खरीदने के बाद यह मशीन कम से कम 20 साल तक बिना किसी खराबी के काम करती रहेगी। कम बजट में सेहत और मजबूती चाहने वालों के लिए यह एक शानदार विकल्प साबित हो सकती है।
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