तीर-कमान से छिड़ी जंग, तीरों की बौछार में जिस अंदाज में बचा युवक, देखकर लोग रह गए दंग विश्व एक घंटा पहले 2
पापुआ न्यू गिनी में दो जनजातियों के बीच सड़क पर हुई धनुष-बाण की झड़प का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक तीरों की बारिश के बीच फुर्ती से खुद को बचाता दिख रहा है।

जहां आज दुनिया के कई हिस्से आधुनिक हथियारों और गोला-बारूद से जूझ रहे हैं, वहीं एक ऐसी जगह भी है जहां आज भी लोग आपसी टकराव में पुराने जमाने के धनुष और बाण का इस्तेमाल कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों इसी से जुड़ा पापुआ न्यू गिनी का एक हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसे देखकर लोग एक बार के लिए चौंक जरूर जाते हैं, लेकिन वह बेहद दिलचस्प भी है।

सड़क पर आमने-सामने दो जनजातियां

वायरल वीडियो में दो प्रतिद्वंद्वी जनजातियों के बीच सड़क पर खुला संघर्ष होते दिखाई दे रहा है। इस दौरान एक युवक जिस तरह तीरों की बौछार के बीच खुद को बचाता है, उसी ने इंटरनेट पर लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा खींचा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो दिसंबर, 2025 का है और इसमें पापुआ न्यू गिनी के हाईलैंड क्षेत्र की दो जनजातियों की झड़प दर्ज हुई है। सड़क के दोनों किनारों पर लोग खड़े हैं और दोनों समूह एक-दूसरे पर लगातार तीर चला रहे हैं।

फिल्मी किरदार जैसी फुर्ती

इसी बीच एक युवक अपनी तेज प्रतिक्रिया और चुस्ती से आते हुए तीरों से बचता नजर आता है। वह कभी झुक जाता है, कभी उछलकर खुद को बचाता है तो कभी पल भर में दिशा बदल लेता है। वीडियो देखने वाले कई लोगों ने उसकी तुलना किसी एक्शन फिल्म के किरदार से कर दी। यूजर्स का कहना है कि युवक की रफ्तार और संतुलन देखकर ऐसा लगता है मानो वह लंबे समय से ऐसे ही हालात का सामना करता आ रहा हो।

आज भी क्यों होते हैं ये टकराव

दरअसल पापुआ न्यू गिनी के कई पहाड़ी इलाकों में जनजातीय संघर्ष आज भी एक बड़ी समस्या बना हुआ है। जमीन और संसाधनों के बंटवारे तथा पुरानी दुश्मनी जैसी वजहों से अलग-अलग जनजातियों के बीच समय-समय पर टकराव होते रहते हैं। इन संघर्षों में आज भी तीर-कमान जैसे पारंपरिक हथियार खुलकर इस्तेमाल किए जाते हैं।

सिर्फ हथियार नहीं, परंपरा का हिस्सा

विशेषज्ञों के मुताबिक कई समुदायों में तीर-कमान केवल हथियार नहीं, बल्कि परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का भी हिस्सा हैं। कुछ मामलों में इनका इस्तेमाल विरोधी पक्ष को चेतावनी देने या घायल करने के लिए किया जाता है, ताकि बाद में बातचीत और समझौते की गुंजाइश बनी रहे। हालांकि आधुनिक दौर में इन इलाकों तक बंदूकें और ड्रोन जैसी तकनीक भी पहुंच चुकी है, जिसके चलते कई संघर्ष पहले से कहीं ज्यादा घातक हो गए हैं।

लाखों लोगों ने देखा वीडियो

इसके बावजूद वायरल वीडियो में पारंपरिक हथियारों के साथ हुई झड़प ही दिखाई गई है, जिसमें किसी बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली। तीरों के बीच युवक की फुर्ती और साहस ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बना दिया है। लाखों लोग इसे अब तक देख चुके हैं और तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। किसी ने इसे कमाल बताया तो किसी ने हैरानी जताते हुए पूछा कि क्या सचमुच ऐसा होता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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